Rupee Vs Dollar: पश्चिम एशिया में एक बार फिर से तनाव और संघर्ष बढ़ता हुआ दिख रहा है. एक ओर जहां होर्मुज में ईरान जहाजों को निशाना बनाना छोड़ नहीं रहा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका इसके जवाब में तेहरान पर अपनी सैन्य कार्रवाई को जारी रखता हुआ दिख रहा है.
पश्चिम एशिया में बढ़ते इस तनाव ने कच्चे तेल की कीमत को एक बार फिर से बढ़ाने का काम किया है. इसकी वजह से भारतीय रुपये और मार्केट, दोनों को झटका लगा है. मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 48 पैसे गिरकर खुला.
96.16 पर पहुंचा रुपया
भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ने से रुपये समेत अधिकांश एशियाई मुद्राओं पर दबाव पड़ने के चलते मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 48 पैसे गिरकर 96.16 पर आ गया. आज अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया 95.95 पर खुला. फिर उसमें गिरावट आई और वह 96.16 पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 48 पैसे की गिरावट दर्ज करता है.
मालूम हो कि सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 30 पैसे गिरकर 95.68 पर बंद हुआ था.
इन वजहों से रुपये में कमजोरी
जानकार और विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने कहा कि रुपये पर कई कारकों के संयोजन के कारण दबाव आया. उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक तनावों के फिर से बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई, जबकि निवेशकों द्वारा सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करने के कारण अमेरिकी डॉलर की मांग में वृद्धि हुई.
एक्सपर्ट और फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, “भारत एक प्रमुख तेल आयातक होने के नाते, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें रुपये के लिए नकारात्मक बनी रहती हैं.” उन्होंने आगे कहा कि तेल आयात की बढ़ती लागत ने भारत के करेंसी खाते और व्यापार संतुलन के बारे में चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे मुद्रा पर और दबाव पड़ रहा है.
कच्चे तेल की कीमत में 7.8% की बढ़ोतरी
पश्चिम एशिया में एक बार फिर से बढ़ते संघर्ष ने कच्चे तेल की कीमत को बढ़ाने में बल दिया है. बेंचमार्क ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 7.8 प्रतिशत बढ़कर 81.92 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई है. हालांकि, यह कीमत युद्ध के चरम पर लगभग 120 अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने के स्तर से अभी भी काफी कम है, लेकिन इससे हर जगह तेल की कीमत बढ़ने की संभावना दिख रही है.
वहीं, घरेलू शेयर बाजार की बात करें तो, बीएसई सेंसेक्स 0.42 प्रतिशत गिरकर 77,294.12 पर आ गया, जबकि निफ्टी 0.64 प्रतिशत गिरकर 24,144.60 पर पहुंच गया. एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में 3,062.27 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.
पश्चिम एशिया में फिर से युद्ध! तेल के बढ़े दाम के बीच रुपया धड़ाम, डॉलर के मुकाबले 39 पैसा कमजोर
News Source: PTI
