CBSE: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सीबीएसई रिजल्ट में हुई धांधली पर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है. उन्होंने छात्र हित में घोटाले की जांच के लिए न्यायिक जांच की मांग की है. गांधी ने बुधवार को कहा कि सीबीएसई परीक्षा परिणाम में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं. उन्होंने पूरे घोटाले के पीछे की सच्चाई का पता लगाने के लिए एक स्वतंत्र न्यायिक जांच और एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन की मांग की. गांधी ने सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि सीबीएसई का ठेका सीओईएमपीटी (COEMPT) को क्यों दिया गया, जो पहले ग्लोबरेना के रूप में काम करते समय विवादों में घिर गया था. उन्होंने यह भी पूछा कि सीओईएमपीटी प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध है.
कहा- विवादित कंपनी है COEMPT
गांधी ने कहा कि सीबीएसई परीक्षा परिणाम में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं, जिससे देश भर के लाखों छात्रों के साथ-साथ उनके माता-पिता भी सदमे में हैं. लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि “और मोदी जी? हमेशा की तरह- कोई जवाब नहीं, कोई जवाबदेही नहीं और कोई शर्म नहीं. गांधी ने दावा किया कि जिस कंपनी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है COEMPT ने पहले 2019 में तेलंगाना में ‘ग्लोबारेना’ नाम से काम करते हुए यही गलत काम किए थे. नाम बदला लेकिन इरादा वही रहा. गांधी ने दावा किया कि इसका इतिहास सार्वजनिक रिकॉर्ड का विषय था, फिर भी इसकी परवाह किए बिना अनुबंध दिया गया. 1.85 मिलियन छात्रों का भविष्य ऐसी कंपनी को सौंप दिया गया था, फिर भी, किसी को परवाह नहीं थी.
असली दोषियों को बेनकाब करे सरकार
उन्होंने कहा कि यह एक सोची समझी साजिश है. कहा कि सीबीएसई अनुबंध COEMPT को क्यों दिया गया, और किसके कहने पर? इस कंपनी को यह अनुबंध देने के लिए किन विशिष्ट नियमों और प्रक्रियाओं को दरकिनार किया गया? यह देखते हुए कि COEMPT पहले ग्लोबरेना के रूप में काम करते समय विवादों में घिर गया था, CBSE इससे कैसे अनभिज्ञ रहा? पृष्ठभूमि की जांच क्यों नहीं की गई? वास्तव में COEMPT के प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध है? पूर्व कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि हम इस पूरे घोटाले के पीछे की सच्चाई का पता लगाने और असली दोषियों को बेनकाब करने के लिए एक स्वतंत्र न्यायिक जांच और एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के तत्काल गठन की मांग करते हैं.
धर्मेंद्र प्रधान का मांगा इस्तीफा
गांधी ने कहा कि कोई भी आपकी कड़ी मेहनत का फल या आपका भविष्य नहीं चुरा पाएगा. हम इस साजिश की तह तक पहुंचेंगे और इस भ्रष्टाचार को हमेशा के लिए जड़ से खत्म कर देंगे. कांग्रेस ने बुधवार को सीबीएसई की ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली के मुद्दे पर सरकार पर तीखा हमला किया और कहा कि मंत्री प्रधान की अपने पद पर बने रहने की जिद और प्रधानमंत्री का उन्हें बचाना शर्मनाक है. विपक्षी दल ने यह मांग भी दोहराई कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए. यह विवाद तब और बढ़ गया जब 12वीं कक्षा के कुछ छात्रों ने स्कोरिंग विसंगतियों का आरोप लगाया और यह भी कहा कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां उनकी लिखावट से मेल नहीं खातीं. सीबीएसई सूत्रों ने कहा कि बोर्ड सभी शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर ले रहा है.
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News Source: PTI
