Houthis strike on Saudi Arabia: पश्चिम एशिया में तनाव और भी अधिक बढ़ता हुआ दिख रहा है. ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध ने जहां फिर से होर्मुज को लेकर संकट पैदा कर दिया है, वहीं अब ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हमला कर दिया है.
मिली जानकारी के अनुसार, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने कहा कि उन्होंने सऊदी अरब के आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिसाइलें और ड्रोन दागे. इस हमले के वीडियो और फोटो भी सामने आए हैं. इनमें देखा जा सकता है कि हमले के बाद आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आग और धुएं की लपटें उठी हैं. हमला होते ही एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी जैसा माहौल हो गया.

हूतियों ने क्यों किया हमला?
मिली जानकारी के अनुसार, यह हमला हूतियों ने रियाद पर किए गए एयरस्ट्राइक के जवाब में किया, जिसमें पहले सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला किया गया था. हूती सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने टेलीग्राम पर एक वीडियो बयान में एयरलाइनों को सऊदी हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने के खिलाफ चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लगी नाकाबंदी हटने तक इन चेतावनियों को “गंभीरता से लिया जाना चाहिए.”
हालांकि, अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन सोमवार के हमले यमन में उस स्तर की हिंसा का संकेत देते हैं जो कई साल पहले सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा हूती-नियंत्रित क्षेत्रों पर हमले के बाद से नहीं देखी गई थी. सऊदी अरब के अधिकारियों ने यमन में हवाई हमलों के बारे में टिप्पणी के अनुरोध पर तत्काल कोई जवाब नहीं दिया.
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने पहले कहा था कि सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले एक ईरानी विमान को उतरने से रोकने के उद्देश्य से किए गए थे. हूतियों ने हमले का बदला लेने की कसम खाई, जो अपेक्षाकृत शांति की अवधि के बाद हूतियों और सऊदी अरब के बीच पहला बड़ा तनाव था.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक
वहीं, सोमवार दोपहर को हुई घटनाओं पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक में अधिकारियों ने व्यापक तनाव बढ़ने के जोखिम पर चिंता व्यक्त की. संयुक्त राष्ट्र के राजनीतिक मामलों के सहायक महासचिव खालिद खियारी ने 15 सदस्यीय परिषद को संबोधित करते हुए कहा, “यमन और व्यापक क्षेत्र एक और तनाव के दौर का सामना नहीं कर सकते. हम सभी पक्षों से संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में रचनात्मक वार्ता में शामिल होने का आह्वान करते हैं.”
सऊदी नेतृत्व और हूतियों में संघर्ष
कई वर्षों से, यमन के दक्षिण में स्थित सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन उत्तर में हूतियों से लड़ रहा है. यमन में गृहयुद्ध 2014 में शुरू हुआ जब हूतियों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के अधिकांश हिस्से पर कब्जा कर लिया. इस दौरान विद्रोहियों ने सरकार को निर्वासन में जाने के लिए मजबूर कर दिया.
संयुक्त अरब अमीरात सहित सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अगले वर्ष सरकार को सत्ता में बहाल करने के प्रयास में हस्तक्षेप किया. इस वर्ष की शुरुआत में अमेरिकी सहयोगी सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के बीच यमन युद्ध में वर्षों पुरानी साझेदारी टूटने के कारण तनाव बढ़ गया, जिसके परिणामस्वरूप संयुक्त अरब अमीरात यमन से हट गया.
यमन में वैधता बहाल करने के लिए सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के आधिकारिक प्रवक्ता, मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने सोमवार शाम को X पर कहा कि हवाई रक्षा ने हूतियों द्वारा दक्षिणी क्षेत्र की ओर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों का मुकाबला किया, लेकिन उन्होंने इसके बारे में और अधिक जानकारी नहीं दी.
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News Source: PTI
