IAS Coaching: प्रदेश के मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को प्रशासनिक सेवा में आगे बढ़ाने के लिए समाज कल्याण विभाग लगातार प्रयासरत है. समाज कल्याण विभाग के निदेशक ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन 18 मई से 18 जून 2026 तक विभागीय वेबसाइट www.socialwelfareup.upsdc.gov.in पर किए जा सकेंगे.
IAS Coaching: प्रदेश के मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को प्रशासनिक सेवा में आगे बढ़ाने के लिए समाज कल्याण विभाग लगातार प्रयासरत है. विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए प्रदेश में संचालित आठ आवासीय निःशुल्क IAS/PCS कोचिंग के लिए प्रशिक्षण केंद्रों में प्रवेश के लिए सम्मलित प्रवेश परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है. समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन 18 मई से 18 जून 2026 तक विभागीय वेबसाइट www.socialwelfareup.upsdc.gov.in पर किए जा सकेंगे.
28 जुलाई तक आएगा रिजल्ट
प्रवेश पत्र 25 जून से डाउनलोड होंगे, जबकि सम्मलित प्रवेश परीक्षा 05 जुलाई को होगी. परीक्षा परिणाम 28 जुलाई तक घोषित किए जाने की संभावना है. वहीं नया शैक्षणिक सत्र 01 अगस्त 2026 से शुरू किया जाएगा. प्रदेश के समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी सरकार हर प्रतिभाशाली युवा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए निःशुल्क कोचिंग और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर प्रशासनिक सेवाओं में अपनी पहचान बना सकें.
विषय विशेषज्ञ का मार्गदर्शन
इन केंद्रों पर अभ्यर्थियों को नि:शुल्क आवासीय सुविधा ,भोजन, पुस्तकालय, ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लासेज, टेस्ट सीरीज और मुख्य परीक्षा के साथ ही इंटरव्यू के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाते हैं, जहां विषय विशेषज्ञों और वरिष्ठ आईएएस और पीसीएस अधिकारियों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाता है. हाल ही में घोषित UPPCS-2024 परीक्षा में 44 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है.
ये कर सकते हैं आवेदन
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थी
- परिवार की वार्षिक आय 6 लाख रुपये या उससे कम
योगी सरकार अभ्युदय कोचिंग योजना को अपनी प्राथमिकताओं में गिनती रही है. समाज कल्याण विभाग के माध्यम से संचालित इस योजना के जरिए एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के मेधावी छात्रों को निःशुल्क कोचिंग प्रदान कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है. कई जिलों में जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी और कहीं-कहीं जिले के पुलिस कप्तान तक इन कोचिंग सेंटर में जाकर परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हैं. कोचिंग सेंटर के माध्यम से चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को सरकार प्रोत्साहित भी करती है ताकि समाज में अच्छा संदेश जाए. प्रदेश के समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण स्वयं आईपीएस रहे हैं. वह यूपी पुलिस में एडीजी के पद से इस्तीफा देकर राजनीति में आए थे. इस कारण व स्वयं भी इसकी कोचिंग योजना के प्रति बेहद जागरूक रहते हैं.
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