Vande Mataram: पश्चिम बंगाल में मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य कर दिया गया है. इसका पालन न करने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. यह आदेश पश्चिम बंगाल की सुवेंदु सरकार ने दिया है. मदरसों में कक्षाओं की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ से की जाएगी. सरकार का मानना है कि हर बच्चे में देशभक्ति की भावना जागृत करना जरूरी है. मालूम हो कि राष्ट्रीय सम्मान अधिनियम, 1971 के अनुसार, वंदे मातरम् के गायन में बाधा डालना एक दंडनीय अपराध है. पश्चिम बंगाल सरकार ने सभी मदरसों की प्रार्थना में ‘वंदे मातरम्’ गाना अनिवार्य कर दिया है. मदरसा शिक्षा निदेशालय की तरफ से यह आदेश राज्य के सभी मदरसों में भेज दिया गया है.
शिशु शिक्षा केंद्रों में भी लागू
नवीनतम आदेश में कहा गया है कि यह निर्देश सरकार के मॉडल मदरसों, सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों, अनुमोदित शिशु शिक्षा केंद्र और मध्यम शिक्षा केंद्रों के साथ-साथ अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के तहत कार्यरत मान्यता प्राप्त गैर सहायता प्राप्त मदरसों पर भी लागू होगा. अधिसूचना में कहा गया है कि कक्षाएं शुरू होने से पहले प्रार्थना के दौरान वंदे मातरम् गाना अनिवार्य कर दिया गया है. विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य विभाग के तहत संस्थानों में प्रार्थना में एकरूपता और देशभक्ति की भावना जागृत करना है. अधिकारी ने कहा कि आदेश सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के साथ जारी किया गया है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना है.
वंदे मातरम् के गायन में बाधा दंडनीय अपराध
अधिसूचना आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला मजिस्ट्रेटों, स्कूलों के जिला निरीक्षकों, पश्चिम बंगाल मदरसा शिक्षा बोर्ड और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई है. पिछले हफ्ते राज्य सरकार ने सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों को तत्काल प्रभाव से सुबह की सभाओं के दौरान वंदे मातरम् का गायन अनिवार्य रूप से शामिल करने का निर्देश दिया था. निर्देश में कहा गया है कि प्रत्येक छात्र को स्कूल के दिन की शुरुआत में राष्ट्रीय गीत गाने में भाग लेना होगा. शिक्षा निदेशक ने 13 मई को राज्य संचालित और राज्य सहायता प्राप्त स्कूल प्रमुखों को एक पत्र में कहा कि कक्षाएं शुरू होने से पहले सुबह की प्रार्थना के दौरान वंदे मातरम् का गायन अनिवार्य किया जाना चाहिए ताकि राज्य के सभी स्कूलों में सभी छात्र वंदे मातरम् गा सकें. राष्ट्रीय सम्मान अधिनियम, 1971 के अनुसार, वंदे मातरम् के गायन में बाधा डालना एक दंडनीय अपराध है. सरकार ने कहा है कि इस आदेश की लगातार निगरानी की जाएगी.
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News Source: PTI
