Home Latest News & Updates मशहूर शायर और पद्मश्री से सम्मानित बशीर बद्र का निधन, 91 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

मशहूर शायर और पद्मश्री से सम्मानित बशीर बद्र का निधन, 91 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

by Amit Dubey 28 May 2026, 4:36 PM IST
28 May 2026, 4:36 PM IST
Bashir Badr

Bashir Badr: ‘धूप कब तक मुझे सताएगी, कल मेरे पेड़ भी बड़े होंगे.’ जैसे कई यादगार शायरियों को लिखने वाले उर्दू के मशहूर शायर बशीर बद्र अब हमारे बीच नहीं हैं. आज गुरुवार को दोपहर करीब 12 बजकर 15 मिनट पर भोपाल में 91 साल की उम्र में उनका निधन हो गया. इनका जन्म 15 फरवरी 1935 को यूपी के अयोध्या में हुआ था. महान शायर बशीर बद्र के निधन पर पूरे साहित्य और शायर जगत में शोक की लहर है. न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित महान कवि बशीर बद्र का लंबी बीमारी के बाद गुरुवार को भोपाल में निधन हो गया. यह जानकारी उनके पारिवारिक सूत्रों ने दी है.

आज हमारी उर्दू भाषा थोड़ी गरीब हो गई- जावेद अख्तर

बशीर बद्र के निधन पर प्रसिद्ध गीतकार जावेद अख्तर ने दुख जताया है. उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, “आज हमारी उर्दू भाषा थोड़ी गरीब हो गई है. बेहद मधुर कवि बशीर बद्र हमेशा के लिए हमारे बीच से चले गए हैं. यह कवि और उनकी कविताएं हमारी यादों में हमेशा जीवित रहेंगी.”

बता दें कि बशीर बद्र की गजलें, मीर तकी मीर की गजलों की तरह, समकालीन उर्दू शैली में रची-बसी थीं और लोगों द्वारा आसानी से समझी और सराही जाती थीं. उनकी कुछ उत्कृष्ट रचनाएं व्यथित प्रेम की अभिव्यक्ति के साथ-साथ जीवन के रहस्यों को भी व्यक्त करती थीं. पद्म श्री के अलावा, बद्र को उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी द्वारा चार बार और बिहार उर्दू अकादमी द्वारा एक बार सम्मानित किया गया था. उन्हें मीर अकादमी पुरस्कार से भी नवाजा गया और कई अन्य सम्मान भी प्राप्त हुए.

आसान नहीं था बशीर बद्र का जीवन सफर

जानकारी के अनुसार, बशीर बद्र का जीवन सफर आसान नहीं था. अप्रैल 1987 में सांप्रदायिक हिंसा के दौरान मेरठ स्थित उनका घर जल गया था, जिससे उनकी अधिकांश अप्रकाशित रचनाएं नष्ट हो गईं थीं. लेकिन उन्होंने नए सिरे से शुरुआत की और भोपाल चले गए. इस घटना और जीवन की अन्य चुनौतियों ने उनकी कई रचनाओं में गहरी करुणा का भाव भर दिया.

उनकी रचनाओं के व्यापक पाठक वर्ग ने उन्हें अमेरिका, दुबई, कतर और पाकिस्तान सहित दुनिया भर के विभिन्न स्थानों की यात्रा करने के लिए प्रेरित किया. बद्र के परिवार की बात करें तो उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं. उनके एक रिश्तेदार ने बताया कि बशीर बद्र का अंतिम संस्कार शाम को किया जाएगा.

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मशहूर शायर बशीर बद्र की कुछ शायरियां

  • कुछ तो मजबूरियां रही होंगी, यूं ही कोई बेवफा नहीं होता.
  • उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, ना जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए.
  • लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में, तुम तरस नहीं खाते बस्तियां जलाने में.
  • धूप का प्यार खूबसूरत है, आग के फूल भी सुहाने हैं.
  • कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से, ये नए मिजाज का शहर है जरा फासले से मिला करो.
  • दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे, जब कभी हम दोस्त हो जाएं तो शर्मिंदा न हों.

News Source: PTI

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