Home Latest News & Updates Satluj Controversy के बीच परमजीत कौर खालड़ा की बड़ी डिमांड, सामने आएगा पूरा सच?

Satluj Controversy के बीच परमजीत कौर खालड़ा की बड़ी डिमांड, सामने आएगा पूरा सच?

by Preeti Pal 13 July 2026, 4:36 PM IST (Updated 13 July 2026, 4:38 PM IST)
13 July 2026, 4:36 PM IST (Updated 13 July 2026, 4:38 PM IST)
Satluj Controversy के बीच परमजीत कौर खालड़ा की बड़ी डिमांड, सामने आएगा पूरा सच?

Satluj Controversy: ‘सतलुज’ फिल्म को लेकर पंजाब में भी काफी कंट्रोवर्सी हो रही है. इस बीच दिवंगत जसवंत सिंह खालड़ा की पत्नी परमजीत कौर खालड़ा ने अकाल तख्त से एक बड़ी डिमांड की है. उन्होंने अपील की है कि 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में लापता हुए लोगों, अनजान शवों और फर्जी पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए लोगों की रीयल नंबर सामने लाने के लिए एक ‘पीपुल्स कमीशन’ का गठन किया जाए.

क्या है मामला?

दरअसल, दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म ‘सतलुज’ रिलीज होने के बाद एक बार फिर जसवंत सिंह खालड़ा का मामला चर्चा में आ गया है. ये फिल्म पहले ‘पंजाब ’95’ नाम से रिलीज होने वाली थी. फिल्म की कहानी खालड़ा की लाइफ पर बेस्ड थी. हालांकि, भारत में फिल्म की रिलीज के 2 दिन बाद सिक्योरिटी का हवाला देते हुए ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 से हटा दिया गया. इसके बाद ये मामला और ज्यादा लाइमलाइट में आ गया. इसी बीच अकाल तख्त ने मंगलवार को उन सिख युवाओं की आत्मा की शांति के लिए अरदास आयोजित करने का फैसला किया है, जिनके मामलों को जसवंत सिंह खालड़ा सामने लेकर आए थे. साथ ही पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की भी प्रार्थना की जाएगी.

इमोशनल मैसेज

परमजीत कौर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पंजाबी भाषा में एक इमोशनल मैसेज शेयर किया. उन्होंने कहा कि पंजाब, पूरी सिख संगत और दुनिया भर में मानवाधिकारों में विश्वास रखने वाले लोगों को सच और जस्टिस की डिमांस के लिए एकजुट होना चाहिए. उन्होंने कहा कि जून 1984 में श्री हरमंदिर साहिब यानी गोल्डन टेंपल पर सैन्य कार्रवाई, नवंबर 1984 के सिख विरोधी दंगों और उसके बाद के सालों में कथित फर्जी मुठभेड़ों, यातनाओं और अज्ञात शवों के मामलों में आज भी जवाबदेही तय होना बाकी है.

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परमजीत के आरोप

परमजीत कौर ने आरोप लगाया कि उस दौर की कांग्रेस सरकार मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार थी. बाद की सरकारें भी पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने में असफल रहीं. उन्होंने पूर्व शिरोमणि अकाली दल सरकार पर भी सवाल उठाए. परमजीत ने कहा कि आरोपित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई. साथ ही उन्होंने मौजूदा पंजाब सरकार और केंद्र सरकार पर भी न्याय प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए. उन्होंने अकाल तख्त के जत्थेदार से आग्रह किया कि एक स्वतंत्र और निष्पक्ष पीपुल्स कमीशन बनाया जाए. उन्होंने ये भी डिमांड की कि, जसवंत सिंह खालड़ा की जांच के जरिए जिन अज्ञात शवों की पहचान सामने आई, उन्हें अमृतसर स्थित सेंट्रल सिख म्यूजियम में सम्मानजनक स्थान दिया जाए.

पीडितों की मदद

परमजीत कौर ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) से भी पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की अपील की. उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या व्यक्ति को कानून और जवाबदेही से ऊपर नहीं माना जाना चाहिए. इसके अलावा मानवाधिकार उल्लंघनों के दोषियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. गौरतलब है कि जसवंत सिंह खालड़ा ने 1984 से 1994 के बीच पंजाब में हजारों अज्ञात शवों के कथित अवैध अंतिम संस्कार का मामला उजागर किया था. सितंबर 1995 में उनका अमृतसर स्थित घर के बाहर से अपहरण कर लिया गया था. बाद में उनकी हत्या कर दी गई. उनका शव आज तक बरामद नहीं हो सका. उनकी हत्या के मामले में कई पुलिसकर्मियों को अदालतों ने दोषी ठहराया था.

News Source: PTI

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