Cyclone Arnab: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश (AP) के तट पर चक्रवाती तूफ़ान ‘अरनाब’ के टकराने की चेतावनी दी है. इसके मद्देनज़र आंध्र प्रदेश के ऊर्जा मंत्री जी. रवि कुमार ने रविवार को बिजली कंपनियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और जान-माल के नुकसान को रोकने के लिए पुख्ता एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि फील्ड कर्मचारी चौबीसों घंटे तैनात रहें ताकि चक्रवात के दौरान जहां भी बिजली आपूर्ति बाधित हो, उसे तुरंत बहाल किया जा सके. आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए विभाग ने 25,000 बिजली के खंभे और अन्य जरूरी सामग्रियां पहले से ही तैयार रखी हैं.
टूटे तारों व क्षतिग्रस्त खंभों से दूर रहने की चेतावनी
आंध्र प्रदेश की सदर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (SPDCL) चक्रवात से सर्वाधिक प्रभावित होने वाले संभावित इलाकों में अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती कर रही है. इसके साथ ही, हादसों को रोकने के लिए खतरनाक होर्डिंग्स हटाने और कड़े सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं. मंत्री रवि कुमार ने आम जनता से भी अपील की है कि वे भारी बारिश और तूफ़ान के दौरान पूरी सावधानी बरतें तथा टूटे हुए बिजली के तारों व क्षतिग्रस्त खंभों से दूर रहें. उन्होंने जनता से बिजली से जुड़ी शिकायतों और आपातकालीन स्थितियों की सूचना टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1912 पर देने को कहा. ऊर्जा विभाग के विशेष मुख्य सचिव के. विजयानंद ने बिजली कंपनियों को आपातकालीन तैयारियों को युद्ध स्तर पर लागू करने का निर्देश दिया.
24 घंटे तैनात रहेंगे बिजली कर्मचारी
उन्होंने बताया कि CMD और निदेशकों को 26 अक्टूबर से लेकर चक्रवात का खतरा टलने तक संवेदनशील इलाकों में ही मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने आपदा प्रबंधन से जुड़े जोनल मुख्य इंजीनियरों, अधीक्षण इंजीनियरों और प्रमुख तकनीकी कर्मचारियों की नियमित छुट्टियों पर रोक लगा दी है, ताकि आपातकाल के दौरान वे हर समय उपलब्ध रहें. आंध्र प्रदेश ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड ने अपने ट्रांसमिशन नेटवर्क और एक्स्ट्रा हाईटेंशन सबस्टेशनों को हाई अलर्ट पर रखा है. कंपनी ने बिजली बहाली के लिए टीमों को तैनात कर दिया है, टावर के स्पेयर पार्ट्स का इंतजाम कर लिया है. बाढ़ की आशंका वाले सबस्टेशनों पर पानी निकालने के लिए पंप तैयार रखे हैं.
60 विशेष बहाली टीमें तैनात
आंध्र प्रदेश ईस्टर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने 4,056 कर्मचारियों वाली 309 कॉन्ट्रैक्टर टीमों को तैनाती के लिए तैयार रखा है. कंपनी ने डिवीजन स्तर पर 30 कंट्रोल रूम बनाए हैं, और अपने कॉर्पोरेट कार्यालय में चौबीसों घंटे काम करने वाला एक विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है. कंपनी ने डीजल जनरेटर, पोल-ड्रिलिंग मशीनें, पावर सॉ (आरी) और क्रेन की व्यवस्था की है. बिजली बहाली के लिए जरूरी सामान में 1,180 किलोमीटर कंडक्टर और 70,700 से अधिक प्री-स्ट्रेस्ड सीमेंट कंक्रीट के बिजली के खंभे शामिल हैं. इसी तरह, आंध्र प्रदेश सेंट्रल पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (APCPDCL) ने जिले के स्टोरों और महत्वपूर्ण स्थानों पर 1,200 बिजली के खंभे, 250 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर और 60 विशेष बहाली टीमें तैनात की हैं.
मौसम संबंधी बुलेटिन पर नजर रखें अधिकारी
विशेष मुख्य सचिव विजयानंद ने फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मौसम संबंधी बुलेटिन, हवा की गति और फीडर की स्थिति पर लगातार नज़र रखें. साथ ही, संवेदनशील जगहों की पहचान करें और आपातकालीन स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने तथा बिजली आपूर्ति को जल्द बहाल करने के लिए कर्मचारियों और उपकरणों को पहले से ही तैनात कर दें. उन्होंने बिजली कंपनियों को निर्देश दिया कि वे बिजली सुरक्षा को लेकर जन जागरूकता अभियान तेज़ करें, खासकर भारी बारिश और बाढ़ के दौरान. साथ ही, चक्रवात का ख़तरा टलने और हालात सामान्य होने तक पूरी तरह से तैयार रहें. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट पर एक चक्रवाती तूफ़ान के टकराने की संभावना है. 24 अक्टूबर को पूर्वी-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र एक ‘डिप्रेशन’ (गहरे कम दबाव के क्षेत्र) में बदल गया. इसके बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश और यनम तटों को पार करने की संभावना है.
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