Home Latest News & Updates ‘मुझे लगा था मैं मरने वाला हूं…’ संन्यास लेने के बाद उस्मान ख्वाजा ने किया जिंदगी का दर्दनाक खुलासा

‘मुझे लगा था मैं मरने वाला हूं…’ संन्यास लेने के बाद उस्मान ख्वाजा ने किया जिंदगी का दर्दनाक खुलासा

by Sachin Kumar 25 October 2026, 4:07 PM IST
25 October 2026, 4:07 PM IST
Usman Khawaja painful revelation life

Cricket News: ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज क्रिकेटर उस्मान ख्वाजा ने 2026 की शुरुआत में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया था. टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए कई यादगार और मैच जिताऊ पारियां भी खेली हैं. कई मौकों पर उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में टीम को संभालते हुए जीत की उम्मीदें कायम रखीं. वहीं, क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उस्मान ख्वाजा ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है.

10 मीटर की दूरी तक नहीं चल पा रहा था

मामला यह है कि 22 साल की उम्र से लेकर क्रिकेट से संन्यास लेने तक ख्वाजा एक गंभीर बीमारी से चुपचाप जूझते रहे. क्रिकेट खेलने के दौरान इस बीमारी के बारे में उन्होंने किसी भी व्यक्ति को नहीं बताया. यह एक ऐसी बीमारी थी कि उनके क्रिकेट करियर को नहीं, बल्कि उनकी जिंदगी को भी समाप्त कर सकती थी. वहीं, उस खौफनाक दौर को याद करते हुए ख्वाजा ने कहा कि मुझे सच में लगने लगा था कि मैं मरने वाला हूं. मैं एक प्रोफेशनल क्रिकेटर से एक ऐसा इंसान बन गया था जो अपने बाथरूम से रूम तक की 10 मीटर की दूरी तक तय नहीं कर पा रहा था.

88 मैचों में 16 शतकीय पारी खेली

ख्वाजा ने बताया कि घुटने के गंभीर दर्द ने उन्हें इस कदम तोड़ दिया था कि उनके करियर शुरू होने से पहले ही खत्म होता हुआ दिख रहा था. हालांकि, इस दर्द को दवाईयों से कम करते हुए और डॉक्टर की सलाह पर अपना जीवन बिताते हुए ख्वाजा ने अपने करियर में 88 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 16 शतक लगाए. वह ऑस्ट्रेलिया की तरफ से खेलने वाले पहले पाकिस्तान मूल के क्रिकेटर बने थे.

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करीबी दोस्त वार्नर को भी कुछ नहीं बताया

खास बात यह है कि ख्वाजा ने इस बीमारी के बारे में डॉक्टर और टीम मैनेजमेंट के अलावा किसी भी दूसरे क्रिकेटर को नहीं बताया था. यहां तक कि अपने सबसे करीबी दोस्त डेविड वार्नर को भी कुछ नहीं बताया. ख्वाजा ने बताया कि वह नहीं चाहते थे कि क्रिकेट खेलने के दौरान मुझे कोई हमदर्दी के साथ देखे. साथ ही क्रिकेट के मैदान पर उनके विरोधी इस बात का फायदा उठाएं.

उस दवा के बिना नहीं खेल पाता क्रिकेट

उस्मान ख्वाजा का मानना है कि अगर सही समय पर दवाई और इंजेक्शन नहीं मिल पाते तो वह क्रिकेट की दुनिया में इतने लंबे समय तक नहीं टिक पाते. साथ ही अपनी सामान्य जिंदगी भी नहीं जी पाते. उन्होंने अपनी ऑटोबायोग्राफी ‘सब्र’ के जरिए इस बीमारी का खुलासा करते हुए कहा कि वह दुनिया को बस को यह संदेश देना चाहते हैं कि इतनी गंभीर बीमारी से लड़कर एक लड़का क्रिकेट खेल सकता है तो कोई भी दुनिया का व्यक्ति कितनी भी गंभीर स्थिति में हो अपना लक्ष्य को पूरा कर सकता है.

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