Home स्वास्थ्य आम आदमी नहीं स्वास्थ्य कर्मियों में बढ़े TB के मामले, सामान्य आबादी की तुलना में बढ़ी बीमारी की दर

आम आदमी नहीं स्वास्थ्य कर्मियों में बढ़े TB के मामले, सामान्य आबादी की तुलना में बढ़ी बीमारी की दर

by Divyansh Sharma 7 September 2024, 4:53 PM IST (Updated 19 August 2025, 12:36 PM IST)
7 September 2024, 4:53 PM IST (Updated 19 August 2025, 12:36 PM IST)
आम आदमी नहीं स्वास्थ्य कर्मियों में बढ़े TB के मामले, सामान्य आबादी की तुलना में बढ़ी बीमारी की दर- Live Times

TB In India: साल 2004 से 2023 के बीच किए गए 10 अलग-अलग अध्ययनों के विश्लेषण से पता चला है कि भारत में प्रति 10 हजार स्वास्थ्य कर्मियों पर औसतन 2,391.6 मामले हैं.

TB In India: भारत में ट्यूबरक्लोसिस (TB) एक गंभीर बीमारी है. ऐसे में TB को लेकर चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. भारत में सामान्य आबादी की तुलना में स्वास्थ्य कर्मियों में TB (Tuberculosis) के मामले बहुत अधिक हैं. एक नई स्टडी में इस बात का दावा किया गया है. साल 2004 से लेकर 2023 तक किए गए 10 अगल-अगल अध्ययनों के बाद जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि स्वास्थ्य कर्मियों में TB की घटना दर सामान्य आबादी में देखी गई दरों से तीन गुना अधिक है।

2023 तक किए गए 10 अलग-अलग अध्ययन

अध्ययन में कहा गया है कि तपेदिक (TB) वैश्विक स्तर पर सबसे गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है. खासकर भारत जैसे उच्च दर वाले देशों में, जो अकेले वैश्विक TB बोझ का लगभग एक-चौथाई हिस्सा है. साल 2004 से 2023 के बीच किए गए 10 अलग-अलग अध्ययनों के विश्लेषण से पता चला है कि भारत में प्रति 10 हजार स्वास्थ्य कर्मियों पर औसतन 2,391.6 मामले हैं. यह प्रति 1 लाख सामान्य आबादी पर 300 मामलों की दर से कहीं अधिक है. अध्ययन के मुताबिक प्रयोगशाला टेक्नीशियनों (प्रति 100,000 में 6,468.31 मामले), डॉक्टरों (प्रति 10 हजार में 2,006.18) और नर्सों (प्रति 10 हजार में 2,726.83) के बीच TB के मामले देखने को मिले हैं.

PPE किट और N-95 मास्क का उपयोग जरूरी

अध्ययन के निष्कर्षों ने स्वास्थ्य कर्मियों के बीच उच्च TB दरों के कारणों पर चर्चा की गई है. इसमें खराब वेंटिलेशन और स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी अहम हैं. यह TB के हवाई संचरण के जोखिम को काफी बढ़ाते हैं. साथ ही कहा गया है कि इतने जोखिमों के बाद भी कई स्वास्थ्य कर्मी लगातार PPE किट और N-95 मास्क का उपयोग नहीं करते हैं. बता दें कि माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के कारण होने वाला यह संक्रामक रोग मुख्य रूप से वायुजनित कणों के माध्यम से फैलता है. इससे यह स्वास्थ्य कर्मियों के बीच बड़ा खतरा बन जाता है. ऐसे में टेक्नीशियनों, डॉक्टरों और नर्सों के बीच TB के प्रसार को कम करने के लिए बेहतर वेंटिलेशन सिस्टम और आइसोलेशन रूम बनाने की बात भी कही जा रही है.

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