Home Latest News & Updates फल ही नहीं, पत्ते भी हैं गुणकारी: मॉनसून की बीमारियों से लड़ने में ऐसे मददगार है पपीता, छिपा है

फल ही नहीं, पत्ते भी हैं गुणकारी: मॉनसून की बीमारियों से लड़ने में ऐसे मददगार है पपीता, छिपा है

by Live Times 19 July 2026, 4:50 PM IST
19 July 2026, 4:50 PM IST
फल ही नहीं, पत्ते भी हैं गुणकारी: मॉनसून की बीमारियों से लड़ने में ऐसे मददगार है पपीता, छिपा है सेहत और मजबूत इम्यूनिटी का राज

Health Tips: मॉनसून का मौसम अपने साथ हरियाली और राहत तो लेकर आता है. लेकिन इसी मौसम में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल बुखार और पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी काफी बढ़ जाता है.ऐसे में लोग अपनी इम्यूनिटी मजबूत रखने और प्राकृतिक उपाय अपनाने की कोशिश करते हैं. इन्हीं घरेलू उपायों में पपीते के पत्तों का नाम भी मुख्यत: लिया जाता है.

हेल्थ के लिए किस प्रकार है लाभकारी?

पपीते के पत्तों में पपेन (Papain), काइमोपपेन (Chymopapain), फ्लेवोनॉयड्स, फिनॉलिक यौगिक, विटामिन A, C और E जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री-रैडिकल्स से बचाने में मदद कर सकते हैं.

Digestive system के लिए हो सकता है फायदेमंद

पपीते के पत्तों में मौजूद पपेन एंजाइम भोजन, विशेष रूप से प्रोटीन, के पाचन में सहायता करता है. कुछ लोगों में यह अपच, गैस और पेट फूलने जैसी समस्याओं में राहत पहुंचाने में मददगार हो सकता है, हालांकि विशेषज्ञ इसका सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह देते हैं.

रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए बेहतर

मॉनसून में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है. ऐसे में संतुलित आहार के साथ पपीते के पत्तों में मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली को सहयोग दे सकते हैं.

आखिर डेंगू में क्यों होती है पपीते के पत्तों की चर्चा?

डेंगू होने पर विशेषतौर पर पपीते के पत्तों का नाम अक्सर सामने आता है. कुछ अध्ययनों में ऐसे संकेत मिले हैं कि पपीते के पत्तों के अर्क से मरीजों में प्लेटलेट्स की रिकवरी में सहायता मिलती है. एक्सपर्ट का कहना है कि डेंगू होने पर केवल पपीते के पत्तों के भरोसे भी रहना डेंजर्स साबित हो सकता है. डेंगू का सही इलाज, पर्याप्त तरल पदार्थ, समय-समय पर जांच और डॉक्टर की निगहबानी जरूरी है.

सेवन से पहले बरतें ये सावधानियां

गभर्वती औरतों को बिना डॉक्टर सलाह के इसके सेवन से परहेज करना चाहिए. साथ ही अत्यधिक मात्रा के सेवन से मतली,उल्टी, दस्त या पेट दर्द जैसी परेशानियों से सामना करना पड़ सकता है. इसके अलावा ब्लड थिनर, डायबिटीज या अन्य गंभीर बीमारियों की दवाई ले रहे हैं तो पहले डॉक्टर से परामर्श ले लें.

मॉनसूनी मौसम में खुद को रखें फिट

  • उबला, साफ या फिल्टर किया हुआ पेयजल ही पिएं.
  • घर और आसपास पानी जमा न होने दें, ताकि मच्छर न पनपें.
  • ताजा और स्वच्छ भोजन करें.
  • पर्याप्त नींद लें और संतुलित आहार अपनाएं.
  • तेज बुखार, शरीर दर्द या डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

पपीते का फल जितना पौष्टिक माना जाता है. उसके पत्तों में भी कई ऐसे जैव-सक्रिय तत्व पाए जाते हैं जो हेल्थ के लिए लाभकारी हो सकते हैं. हालांकि एक्सपर्ट यह भी स्पष्ट करते हैं कि पपीते के पत्ते किसी भी बीमारी का इलाज नहीं हैं और इन्हें डॉक्टर द्वारा दी गई चिकित्सा का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए, पपीते के पत्तों में कई ऐसे प्राकृतिक तत्व मौजूद हैं जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकते हैं. कुछ शोधों में डेंगू के मरीजों में प्लेटलेट्स की रिकवरी में संभावित मदद के संकेत मिले हैं, लेकिन इसे अभी भी सहायक उपाय ही माना जाता है, न कि प्रमाणित इलाज.

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  • लक्ष्मी नारायण की रिपोर्ट

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