US Iran War: ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष कम होता नहीं दिख रहा है. दोनों के द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ हमले से पश्चिम एशिया में एक बार फिर से अशांति देखी जा रही है. इस वजह से विश्व के प्रमुख देशों की एनर्जी सप्लाई के लिए अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बाधित हो रहा है.
जी हां, मंगलवार तड़के ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक और टैंकर पर हमला किया. इससे जहाज के क्रू को जहाज छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा. यह हमला तब हुआ जब अमेरिका ने इस अहम जलमार्ग पर नियंत्रण को लेकर इस्लामिक रिपब्लिक को निशाना बनाते हुए एक और दौर की हवाई हमले किए.
अमेरिका ने ईरान के इन ठिकानों पर किया हमला
मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिका के लगातार 10 रातों के हवाई हमलों के बावजूद ईरान ने होर्मुज पर अपनी पकड़ ढीली नहीं की है. शांति के समय में दुनिया भर में व्यापार होने वाले कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का लगभग पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता था.
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर बताया, “U.S. सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 20 जुलाई को रात 9 बजे (ET) ईरान के खिलाफ हमलों का एक और दौर पूरा किया. U.S. सेना ने ईरान के मिलिट्री कमांड सेंटर्स, समुद्री क्षमताओं, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स और एयर डिफेंस सिस्टम पर हमले किए, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर ईरान के हमले जारी रखने की क्षमता को कमजोर किया जा सके.”
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 21, 2026
होर्मुज से जहाजों का आना-जाना जारी- यूएस सेना
अमेरिकी सेना ने आगे कहा, “महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते (होर्मुज) से कमर्शियल जहाजों का आना-जाना जारी है. मई की शुरुआत से, CENTCOM की सेनाओं ने लगभग 900 कमर्शियल जहाजों और 450 मिलियन बैरल कच्चे तेल के आवागमन में मदद की है.”
सेना ने कहा, “अमेरिकी सेनाएं उस जलडमरूमध्य से स्वतंत्र और खुले तौर पर गुजरने की कोशिश कर रहे आम नागरिकों (नाविकों) के प्रति ईरान की गैर-जरूरी आक्रामकता के लिए उसे जवाबदेह ठहराने के लिए तैयार और मुस्तैद हैं.”
अंतरिम समझौते पर फिरा पानी
मालूम हो कि पिछले महीने हुए अंतरिम समझौते का, जिसका उद्देश्य लड़ाई को समाप्त करना था, पर पानी फिर गया है. होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का आवागमन लगभग ठप माना जा रहा है. जैसे-जैसे लड़ाई तेज होती जा रही है, दोनों पक्षों ने लाखों लोगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया है.
हाल के हफ्तों में तनाव बढ़ने से तेल की कीमतों में उछाल आया है. बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड मंगलवार को 88 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा था और अमेरिका में सामान्य गैसोलीन की कीमत औसतन 4 अमेरिकी डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई.
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News Source: PTI
