Nepal Flood: नेपाल में बीते दिनों आई विनाशकारी बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. हालात ऐसे हैं कि आम लोग विकास की चिंता छोड़कर अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर रहने को मजबूर हैं और जरूरी सामान की किल्लत का सामना कर रहे हैं. वहीं, देश में अभी भी बड़े पैमाने पर बचाव और राहत अभियान जारी है. प्रभावित इलाकों से लगातार शव बरामद होने के कारण मृतकों का आंकड़ा भी लगातार बढ़ता जा रहा है. हालांकि, बचावकर्मियों की तत्परता से कई लोगों की जान बचाई गई है. शुक्रवार को नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1295 हो गई. प्रभावित इलाकों से कई और शव बरामद किए गए हैं. इसी बीच राहत एवं बचाव अभियान के दौरान त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की एक सुरंग में नौ दिनों से फंसे दो लोगों को जिंदा बाहर निकाल लिया गया. बता दें कि 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के खिसकने (एवलांच) के बाद अचानक आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई थी.
हरे कृष्ण महामंत्र का कर रहा जाप
1295 शव चितवन जिले से 359, नवलपरासी ईस्ट से 221, नवलपरासी वेस्ट से 212 और नुवाकोट से 186 शव बरामद हुए हैं. नेपाल पुलिस के अनुसार, इसी तरह रसुवा में 140, गोरखा में 72, धाडिंग में 65 और तनाहु में 38 शव बरामद किए गए. शुक्रवार को काठमांडू के दो अलग-अलग अस्पतालों में बाढ़ के दो पीड़ितों की मौत के साथ ही मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,295 हो गई है. दूसरी ओर सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम लापता हुए लगभग 5,000 लोगों की तलाश और बचाव में लगी हुई है. अब तक प्रभावित इलाकों से 13,093 लोगों को बचाया जा चुका है. नेपाल सेना के जनसंपर्क विभाग के अनुसार, सुरंग से ज़िंदा बचाए गए दो लोगों की पहचान कबीर महर्जन (45) और संजय साह (30) के तौर पर हुई है.
महर्जन इस प्रोजेक्ट में मैकेनिकल सुपरवाइजर थे और साह फोरमैन थे. नेपाली सेना के प्रवक्ता राजा राम बस्नेत के अनुसार, महर्जन को काठमांडू के छावनी स्थित नेपाल सेना अस्पताल ले जाया गया और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि साह का इलाज नुवाकोट के त्रिशूली अस्पताल में जारी है. मधेस प्रांत के सप्तरी जिले के रहने वाले साह ने सुरक्षाकर्मियों को बताया कि सुरंग के अंदर फंसे रहने के दौरान वे पिछले नौ दिनों से ‘हरे कृष्ण’ मंत्र का जाप कर रहे थे. सुरक्षित बाहर निकाले जाने के तुरंत बाद उन्होंने कहा कि मैं पिछले नौ दिनों से हरे कृष्ण महामंत्र का जाप कर रहा था. वहीं, महर्जन की पत्नी ने कहा कि काठमांडू के रहने वाले उनके पति को ‘दूसरी जिंदगी’ मिली है और उन्होंने उन बचाव कर्मियों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने उन्हें बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली.

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मेरे पति को दूसरी जिंदगी मिली
काठमांडू पोस्ट के अनुसार, महर्जन की पत्नी शोभा ने कहा कि उन्हें दूसरी जिंदगी मिली है. हम बहुत खुश हैं. हम इंतजार कर रहे थे. अब मैं अपने पति से मिलने अस्पताल जा रही हूं. इस बीच गुरुवार रात भारत से राहत सामग्री की छठी और सातवीं उड़ानें 21.5 टन राहत सामग्री लेकर काठमांडू पहुंचीं. दूसरी ओर नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने ‘X’ पर एक पोस्ट लिखा कि रसुवा में अचानक आई बाढ़ के बाद नेपाल के राहत कार्यों में भारत का सहयोग जारी है. आज रात काठमांडू में राहत सामग्री की छठी और सातवीं उड़ानें (C-130J) पहुंचीं, जिनमें फोरेंसिक किट और मेडिकल सप्लाई समेत 21.5 टन राहत सामग्री थी. उन्होंने आगे कहा कि ये सामग्रियां नेपाल को सौंप दी गईं और इनसे नेपाल में चल रहे राहत और बचाव कार्यों को मजबूत करने और रसुवा बाढ़ से प्रभावित समुदायों की मदद करने में सहायता मिलेगी. नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिलों में लगभग 600 बच्चों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है. इसके अलावा स्थानीय शिक्षा विकास और समन्वय इकाइयों (EDCU), स्थानीय सरकारों और शिक्षण संस्थानों से मिले आंकड़ों के हवाले से बताया कि रसुवा में अनुमानित 280 बच्चे लापता हैं और मध्य नेपाल में पड़ोसी नुवाकोट जिले में 300 से 350 बच्चों का कोई पता नहीं है. नुवाकोट की बिदुर नगरपालिका में बाढ़ आने के बाद से लगभग 250 बच्चे लापता हैं.

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जमीनी हालात बहुत चिंताजनक
नगरपालिका के शिक्षा विभाग के स्कूल इंस्पेक्टर नवराज सपकोटा ने कहा कि जमीनी हालात बहुत चिंताजनक हैं. कुछ मामलों में ऐसे माता-पिता मिले हैं जो बच तो गए हैं लेकिन अपने बच्चों को नहीं ढूंढ पा रहे हैं. वहीं कुछ अन्य मामलों में बचे हुए छात्र अपने लापता माता-पिता की तलाश कर रहे हैं. बिदुर में 170 शिक्षण संस्थान हैं जिनमें 142 कम्युनिटी स्कूल और 28 प्राइवेट स्कूल शामिल हैं. रसुवा में स्थानीय शिक्षा विभाग के प्रमुख दुर्गा प्रसाद सिलवाल ने बताया कि आधिकारिक पुष्टि का काम चल रहा है, लेकिन शुरुआती रिकॉर्ड बताते हैं कि पूरे जिले में अभी 280 छात्र लापता हैं. इस आपदा का सीधा असर शिक्षकों और स्कूल के कर्मचारियों पर देखने को मिल रहा है. शिक्षा विभागों ने पुष्टि की है कि दोनों जिलों में कुल मिलाकर 22 शिक्षक और स्कूल कर्मचारी लापता हैं. इसके अलावा धाडिंग और गोरखा के कई शिक्षक जो तीर्थयात्रा के लिए रसुवा गए थे. वे लोग भी बाढ़ की चपेट में आ गए और अभी तक लापता हैं. रसुवा में 16 शिक्षक लापता बताए गए हैं, जिनमें 15 कम्युनिटी स्कूलों से और एक प्राइवेट संस्थान से हैं. साथ ही नुवाकोट में छह शिक्षकों के लापता होने की पुष्टि हुई है. हालांकि, निचले इलाकों वाले जिलों में पीड़ितों के कई शव बरामद किए गए हैं, लेकिन अधिकारियों ने अभी तक पहचाने गए छात्रों या शिक्षकों की सही संख्या की पुष्टि नहीं की है.

खास राहत पैकेज का ऐलान किया
इसके अलावा शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि बाढ़ ने रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग में 22 स्कूलों को प्रभावित किया है, जिनमें 12 संस्थान बुरी तरह नष्ट हो गए हैं. साथ ही नेपाल सरकार ने इस विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित व्यवसायों के लिए एक खास राहत पैकेज का ऐलान किया है. इसमें छूट, लोन को रीस्ट्रक्चर करने और सस्ता क्रेडिट देने जैसी सुविधाएं शामिल हैं. साथ ही अधिकारी आपदा में बर्बाद हुई बस्तियों को दूसरी जगह बसाने का काम भी शुरू कर रहे हैं. नेपाल कैबिनेट ने गुरुवार को कारोबार से जुड़े इन उपायों को अपने रिकवरी पैकेज का पहला चरण बताया. ‘काठमांडू पोस्ट’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जिन व्यवसायों के कमर्शियल वाहन, ट्रांसपोर्ट के उपकरण, प्लांट, मशीनरी, औजार या अन्य सामान पूरी तरह बर्बाद हो गए या बह गए, उन्हें बिना कस्टम ड्यूटी दिए उनके बदले नया सामान मंगाने की इजाजत दी जाएगी. यह छूट उन सामानों पर भी मिलेगी जिन पर कस्टम ड्यूटी पहले ही चुका दी गई थी, लेकिन जो अपनी मंजिल तक पहुंचने से पहले ही बर्बाद हो गए. इसमें कहा गया है कि बदले में मंगाया जाने वाला सामान छह महीने के भीतर किसी भी कस्टम ऑफिस के जरिए मंगाना होगा. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि प्रांतीय और स्थानीय सरकारों से भी कहा जाएगा कि वे प्रभावित व्यवसायों और संपत्तियों के लिए प्रॉपर्टी और बिजनेस टैक्स, बिल्डिंग परमिट फीस और अन्य स्थानीय शुल्कों में अस्थायी छूट दें.

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कर्जदारों के लोन को रीस्ट्रक्चर करने में मदद करें
दूसरी ओर सरकार ने देश के सेंट्रल बैंक ‘नेपाल राष्ट्र बैंक’ को निर्देश दिया है कि वह बाढ़ से प्रभावित कर्जदारों के लोन को रीस्ट्रक्चर या रीशेड्यूल करने में मदद करें. इसके अलावा इंश्योरेंस अथॉरिटी से कहा गया है कि वह आसान प्रक्रियाओं के जरिए सर्वेयर तैनात करने की इजाजत देकर क्लेम की प्रक्रिया में तेजी लाए. इंश्योरेंस कंपनियों को शुरुआती आकलन के आधार पर अनुमानित नुकसान का 50 प्रतिशत तक एडवांस पेमेंट करना होगा. ये राहत के उपाय ऐसे समय में किए जा रहे हैं जब अधिकारी उन समुदायों के लिए लंबी अवधि की योजना बना रहे हैं जिनके घर और बस्तियां बाढ़ में बह गई थीं.
लापता लोगों में 25 कनाडा से थे
कनाडा-नेपाल के पर्यटन बोर्ड ने बताया कि लापता लोगों में से 25 कनाडा से थे. दक्षिण कोरियाई सरकारी अधिकारियों ने बताया कि नेपाल में पनबिजली संयंत्र बनाने का काम कर रहे नौ कोरियाई नागरिक लापता हैं. सिंगापुर-नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, सिंगापुर के आठ नागरिक लापता हैं. जर्मनी-नेपाल के पर्यटन बोर्ड ने बताया कि जर्मनी के आठ पर्यटक लापता हैं. रूस बोर्ड ने बताया कि आठ रूसी नागरिक लापता हैं. दक्षिण अफ्रीका बोर्ड ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका के छह नागरिक लापता हैं. लातविया बोर्ड ने बताया कि लातविया के छह पर्यटक लापता हैं. वहीं, जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने उन पांच जापानी नागरिकों के बारे में चिंता जताई, जिनके लापता होने की खबर स्थानीय मीडिया ने दी थी. न्यूजीलैंड-नेपाल के टूरिज़्म बोर्ड ने बताया कि न्यूजीलैंड के पांच लोग लापता हैं. फ्रांस-बोर्ड ने बताया कि फ़्रांस के चार नागरिक लापता हैं. बेल्जियम-बोर्ड ने बताया कि बेल्जियम के तीन लोग लापता हैं. स्पेन-बोर्ड ने बताया कि स्पेन से आए तीन पर्यटक लापता हैं. इटली, कज़ाकिस्तान, पुर्तगाल, आयरलैंड और नीदरलैंड से भी दो-दो लोग लापता हैं. पर्यटन बोर्ड ने यह भी बताया कि बेलारूस, फिनलैंड, हंगरी, इजरायल, लिथुआनिया, फिलीपींस, बुल्गारिया, स्विट्ज़रलैंड, सर्बिया और स्वीडन के भी नागरिक लापता हैं.
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