Home Latest News & Updates प्रेस की आजादी पर बढ़ता खतरा! बांग्लादेश में 112 घटनाओं में 162 पत्रकार प्रभावित, उत्पीड़न के आरोप

प्रेस की आजादी पर बढ़ता खतरा! बांग्लादेश में 112 घटनाओं में 162 पत्रकार प्रभावित, उत्पीड़न के आरोप

by Sachin Kumar 3 October 2026, 3:07 PM IST
3 October 2026, 3:07 PM IST
Bangladesh 162 journalists affected 112 incidents

Bangladesh News: बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के बाद दावा किया जा रहा था कि देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बढ़ावा मिलेगा. इसी बीच पत्रकारों की गिरफ्तारी की खबरों ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या पड़ोसी देश में वास्तव में बोलने की आजादी है? स्थानीय मीडिया ने ढाका स्थित एक शोध संगठन की निगरानी रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि पिछले तीन महीनों में कम से कम 162 पत्रकारों को विभिन्न घटनाओं में हमलों, धमकियों और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है.

जुलाई के मुकाबले अगस्त में हुए प्रभावित

मीडिया इनिशिएटिव फॉर डेवलपमेंट (MID) द्वारा शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त का महीना बांग्लादेशी पत्रकारों के लिए तीन महीने की अवधि में सबसे खराब महीना बनकर उभरा था. इसमें हिंसा और उत्पीड़न से जुड़ी सबसे अधिक घटनाएं दर्ज की गईं. जुलाई महीने में 39 घटनाओं से देशभर के 50 पत्रकार प्रभावित हुए. अगस्त में ये आंकड़ा तेजी से बढ़ गया और 44 घटनाओं में 67 पत्रकारों को धमकी मिली. इसके अलावा बांग्लादेशी दैनिक ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में देश भर में 29 घटनाओं में 45 पत्रकारों को उत्पीड़न और हिंसा का सामना करना पड़ा.

मौत की धमकियां मिली

MID की रिपोर्ट से पता चला है कि इस अवधि के दौरान शारीरिक हमले और मौत की धमकियां पत्रकारों के खिलाफ धमकी के प्रमुख रूप में उभरीं. जुलाई में रिपोर्ट की गई घटनाओं में 48.7 फीसदी मौत की धमकियां थी और इसके बाद 28.2 फीसदी शारीरिक हमले थे.

फ्लाईदुबई विमान में हमले के बाद इजरायल चलाएगा ऑपरेशन! जल्द लेकर आएगा अपने नागरिक

प्रिंट मीडिया के पत्रकारों को बनाया सबसे ज्यादा निशाना

पत्रकारों को गोलीबारी, उनके घरों और कार्यालयों पर हमले और अपहरण के मामले शामिल थे. अगस्त में शारीरिक हमले चरम पर थे, जो सभी घटनाओं के 63.6 प्रतिशत थे. प्रिंट मीडिया में काम करने वाले पत्रकार सबसे ज्यादा प्रभावित हुए. इस अवधि के दौरान लक्षित 162 पत्रकारों में से 89 दैनिक समाचार पत्रों, 53 टेलीविजन चैनलों और 20 ऑनलाइन समाचार आउटलेट्स से थे.

30 जिलों में दर्ज हुई ऐसी घटनाएं

पत्रकारों के खिलाफ देश भर में करीब 30 जिलों में ऐसी घटनाएं दर्ज की गई हैं, जहां पर हमले हुए हैं. इनमें ढाका, चटगांव, सिराजगंज, बारिसल और सिलहट डिवीजनों में पत्रकारों के खिलाफ तुलनात्मक रूप से अधिक संख्या में हमले और उत्पीड़न देखे गए. MID ने पत्रकारों को निशाना बनाने वाले हमलों और धमकियों के बाद पर्याप्त कानूनी कार्रवाई की कमी पर भी चिंता व्यक्त की. पत्रकार संगठनों का कहना है कि जर्नलिस्टों के खिलाफ हिंसा प्रेस की स्वतंत्रता और लोगों के सूचना के अधिकार पर सीधा हमला है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कुवैत के तेल टैंकर पर मिसाइली हमला, सुरक्षित बचाए गए 5 भारतीय नागरिक

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?