Donald Trump: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के केंद्र में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है. इस समुद्री रास्ते से विश्व की करीब 20 फीसदी एनर्जी सेक्टर की चीजों जैसे तेल, गैस आदि की सप्लाई की जाती है. फारस और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला यह समुद्री मार्ग 33 किमी चौड़ा और करीब 167 किमी लंबा है.
Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को लेकर लगातार कुछ ना कुछ बयान देते हुए दिखाई दे रहे हैं. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच उनकी कोई भी प्रतिक्रिया, दुनिया की निगाहें अपनी ओर खींच ले रही हैं. वे कभी अपने भाषणों तो कभी अपने सोशल मीडिया पोस्ट से सुर्खियों में दिख रहे हैं. इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट की है, जो वायरल हो रही है. अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने एक पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा है, “यह तूफान से पहले की शांति थी.” कई लोगों को आशंका है कि ट्रंप पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर कुछ बड़ा कदम उठा सकते हैं.
ट्रंप की युद्धपोत वाली तस्वीर
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पहले की तरह जहाजों की आवाजाही नहीं हो रही है, इसे अभी भी बाधित करके रखा गया है. वहीं, इस बीच ट्रंप ने समुद्र में वॉरशिप के साथ अपनी तस्वीर को शेयर की है. उन्होंने ट्रूथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एआई से बनाई गई तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा है, “यह तूफान से पहले की शांति थी.” इस फोटो में ट्रंप युद्धपोत पर खड़े नजर आ रहे हैं. उनके पीछे अमेरिकी नेवी के अधिकारी भी खड़े हैं.
इस फोटो में ईरानी झंडे लगा युद्धपोत भी दिखाई दे रहा है, जो ट्रंप के पीछे की ओर है. तस्वीर को और अच्छे से बताएं तो समुद्र में वॉरशिप पर ट्रंप, अमेरिकी नौसेना अधिकारी के साथ खड़े हैं. उन्होंने जो टी-शर्ट पहनी हुई है, उसपर लिखा है – Trump Commander In Chief. वहीं, उन्होंने जो कैप पहनी है उसपर लिखा है- Make America Great Again. इस तस्वीर में समुद्र में बारिश के साथ बिजली कड़क रही है और समुद्री लहरों के बीच कई युद्धपोत दिख रहे हैं, जिनमें ईरानी झंडे वाले भी हैं.

कहीं फिर हमला तो नहीं?
अमेरिकी प्रेसिडेंट के द्वारा शेयर की गई यह एआई तस्वीर दुनिया में चर्चा में है. कई लोगों को आशंका है कि कहीं ट्रंप एक बार फिर से ईरान पर हमले की तैयारी तो नहीं कर रहे हैं न. कई जानकार बताते हैं कि ट्रंप के मूड को लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता. वे कब क्या कर दें, इसका अनुमान लगाना थोड़ा कठिन होता है. ट्रंप ईरान को पहले भी कई बार धमकी और चेतावनी दे चुके हैं. बीते दिनों अपनी चीनी यात्रा के दौरान ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ी बात कही थी. उन्होंने अमेरिकी न्यूज चैनल को दिए अपने एक इंटरव्यू में कहा था, “ईरान के लिए समझौता या विनाश.” ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया था कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार रखने की इजाजत नहीं दे सकता है.
बीते दिनों ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया था. उन्होंने कहा था, “मैंने अभी-अभी ईरान के तथाकथित ‘प्रतिनिधियों’ की प्रतिक्रिया पढ़ी है. मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं आई – यह पूरी तरह अस्वीकार्य है!”
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
मालूम हो कि पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के केंद्र में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है. यह पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है. इसकी वजह यह है कि इस समुद्री रास्ते से विश्व की करीब 20 फीसदी एनर्जी सेक्टर की चीजों जैसे तेल, गैस आदि की सप्लाई की जाती है. फारस और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला यह समुद्री मार्ग 33 किमी चौड़ा और करीब 167 किमी लंबा है. विश्व की एनर्जी सप्लाई इस रास्ते पर बहुत ही अधिक निर्भर है.
ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध और तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बाधित हो गया है. ईरान ने इस रास्ते को बंद कर दिया है और यहां से जाने की कोशिश करने वाले जहाजों पर हमला भी कर रहा है. इस वजह से समुद्री मार्ग पर जहाजों का ट्रैफिग लगा हुआ है और एनर्जी सप्लाई चैन बाधित हो चुका है. वहीं, इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के सभी बंदरगाहों पर नाकेबंदी कर दी और ईरान से होर्मुज को खोलने की बात कहने लगा.
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News Source: PTI
