Iran-US Controversy : ईरान में हो रहे लगातार प्रदर्शन को लेकर अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि अगर सरकार ने इसको दबाने की कोशिश की तो वह हमला करेगा. इसी बीच ट्रंप के बयान पर ईरानी सरकार ने पलटवार किया है.
Iran-US Controversy : ईरान में आर्थिक संकट को लेकर बीते दो हफ्तों से जारी प्रदर्शन अब हिंसक होता जा रहा है. साथ देश से निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी की अपील के बाद हजारों लोग सड़कों पर आकर नारेबाजी कर रहे हैं. इस दौरान तेहरान समेत कई प्रांतों में गोलीबारी की भी आवाजें सुनी गई हैं और इसी बीच अमेरिका की तरफ से दी गई चेतावनी पर ईरान ने पलटवार किया है. ईरानी पार्लियामेंट स्पीकर ने रविवार को चेतावनी दी कि अगर US ने इस्लामिक रिपब्लिक पर हमला किया, तो अमेरिकी सेना और इजराइल पर वैध टारगेट होंगे.
ईरान ने दिया अमेरिका को दो टूक जवाब
अमेरिका की चेतावनी के बाद मोहम्मद बाघर ग़ालिबफ़ की ये टिप्पणियां इजराइल के खिलाफ पहली बार सामने आई है. इसी कड़ी में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सय्यद अली ख़ामेनई ने कहा कि वर्तमान में ईरानी राष्ट्र उस दिन (क्रांति से पहले) की तुलना में ज्यादा सुसज्जित और हथियारों से लैस है. उन्होंने आगे कहा कि हमारी आध्यात्मिक ताकत और पारंपरिक हथियारों की तुलना पहले की चीजों से नहीं की जा सकती है. साथ ही ईरानी राष्ट्र गैरों के मोहरों को हरगिज़ बर्दाश्त नहीं करेगा.
116 लोगों की हुई मौत
ईरान ने देश भर में टेलीग्राम चैनलों को ऑफलाइन कर दिया है और लोगों ने घरों से निकलकर जमकर नारेबाजी की. ईरान में पचास से ज्यादा शहरों में प्रदर्शन की तस्वीरें सामने आ रही हैं और इस प्रदर्शन में अभी तक 116 लोगों की मौत हो चुकी है. साथ ही प्रदर्शनों की वजह से खामेनेई शासन पर दबाव बनता जा रहा है और शासन लगातार प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दे रहा है कि अगर इसी तरह हिंसक प्रदर्शन हुए तो उन्हें इसकी कड़ी सजा मिलेगी.
ईरान को लेकर क्या बोले ट्रंप
ईरान में हो रहे हिंसक प्रदर्शन के बीच राष्ट्रपति ट्रंप के बयान ने सियासत में उबाल ला दिया. ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान की सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर हमला करने की कोशिश की तो अमेरिका इसका जवाब देगा. डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि मैंने यह बात उनको बता दी है कि अगर उन्होंने लोगों को मारना शुरू किया तो, जैसा कि वह करते आए हैं. हम उनको कड़ी सजा देंगे. इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक पोस्ट भी की, जिसमें उन्होंने लिखा कि आपको स्वतंत्रता के प्रति गहरा लगाव होना चाहिए और इसके समान कुछ नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि आप लोगों के साथ जो कुछ हुआ वह बहुत दुखद है.
प्रदर्शन करने पर मिलती है कौन सी सजा
ईरानी कानून के अनुच्छेद 186 में स्पष्ट कहा गया है कि अगर कोई संगठन इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ हथियार बंद विरोध करता है तो उनके सभी समर्थकों को अल्लाह दुश्मन माना जा सकता है. साथ ही अनुच्छेद में इसके लिए सजा उल्लेख किया गया है जिसमें सजा बहुत कड़ी है. इनमें मौत की सजा, फांसी दाहिना हाथ और बायां पैर काटना शामिल है और अगर जरूरत पड़ी तो उसका देश निकाला भी हो सकता है.
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