Home Top News ईरान में इंटरनेट सेवा बंद के 100 घंटे पूरे, 646 लोगों की मौत और हजारों की संख्या में हुईं गिरफ्तारियां

ईरान में इंटरनेट सेवा बंद के 100 घंटे पूरे, 646 लोगों की मौत और हजारों की संख्या में हुईं गिरफ्तारियां

by Sachin Kumar 13 January 2026, 12:17 PM IST (Updated 17 January 2026, 1:07 PM IST)
13 January 2026, 12:17 PM IST (Updated 17 January 2026, 1:07 PM IST)
Iranians calls abroad internet access still out protests

Iranian Protests: ईरान में अभी तक खामेनेई प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे लेकिन अब वह वीडियो भी सामने आए हैं जिसमें उन्होंने सरकार का समर्थन किया है. साथ ही खबर यह भी है कि ईरान में इंटरनेट बंद हुए के 100 घंटे पूरे हो गए हैं.

ईरान में आर्थिक संकट के बीच आम लोग सड़कों पर उतरकर खामेनेई शासन का विरोध कर रहे हैं. लोगों ने यह भी कहा कि वह सत्ता परिवर्तन करना चाहते हैं और इसी बीच कई वीडियो ऐसे भी सामने है जिसमें जनता खामेनेई का समर्थन कर रही है. वहीं, ईरानी सरकार ने भारी विरोध के बीच इंटरनेट सेवा बंद कर दी थी और अब इसको 100 घंटे पूरे हो गए हैं. हालांकि, ईरान में मंगलवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई के बाद मोबाइल फोन से विदेश में कॉल किए जा सके. हालांकि, इंटरनेट कॉल काट दिए गए. इसके अलावा तेहरान में मौजूद कई लोगों ने कॉल करके एसोसिएटेड प्रेस के पत्रकारों से बातचीत की.

क्या बातचीत करना चाहता है ईरान?

गवाहों ने बताया कि इंटरनेट बाहरी दुनिया से कटा हुआ था. ईरान ने गुरुवार को विरोध प्रदर्शन तेज होने पर इंटरनेट काट दिया था और कॉल बंद कर दिए. दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान वाशिंगटन के साथ बातचीत करना चाहता है. साथ ही उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर इस्लामिक रिपब्लिक पर हमला करने की धमकी दी थी, जिसमें करीब 646 लोगों की मौत हो चुकी है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार की रात को एक इंटरव्यू में कहा कि वह अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ के साथ बातचीत कर रहे हैं. अराघची ने आगे कहा कि विरोध प्रदर्शन से पहले बातचीत और उसके बाद भी जारी रही. हालांकि, ट्रंप प्रशासन की तरफ से दिए गए प्रस्ताव और धमकियां मेल नहीं खाते हैं.

क्या अमेरिका करेगा मिलिट्री ऑपरेशन?

इसके अलावा व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि ईरान की सार्वजनिक बयानबाजी हाल के दिनों में तेहरान से प्रशासन को मिले प्राइवेट मैसेज से अलग है. लेविट ने आगे कहा कि मुझे लगता है कि राष्ट्रपति उन मैसेज को समझने में दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी दिखा दिया है कि अगर उन्हें लगा कि मिलिट्री ऑपरेशन करना है तो वह उससे भी पीछे नहीं हटेंगे और इस बात को ईरान काफी बेहतर तरीके से जानता है. इसी बीच सोमवार को सरकार समर्थक प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और धर्मतंत्र के समर्थन में प्रदर्शन किया. दूसरी तरफ 86 वर्षीय सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन को सीधे चुनौती देने वाले कई दिनों के विरोध प्रदर्शनों के बाद शक्ति प्रदर्शन था.

ईरानी टेलीविजन ने उन वीडियो को भी दिखाया है जिसमें जनता अमेरिका मुर्दाबाद! और इजराइल मुर्दाबाद! के नारे भी लगाए गए थे. इसके अलावा कुछ लोग चिल्ला रहे थे कि भगवान के दुश्मनों मुर्दाबाद! वहीं, ईरान के अटॉर्नी जनरल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले किसी भी व्यक्ति को भगवान का दुश्मन माना जाएगा, जिसमें सीधी मौत की सजा मिलती है.

यह भी पढ़ें- भारत पर 75 प्रतिशत टैरिफ लगाएंगे ट्रंप! ईरान-अमेरिका दुश्मनी के बीच पिसेंगे ये देश

News Source: Press Trust of India (PTI)

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