Share Fraud: ठाणे के कारोबारी ने शेयर निवेश धोखाधड़ी में 1 करोड़ रुपये गंवा दिए. विज्ञापन के झांसे में आकर पीड़ित को 1 करोड़ का चूना लग गया.
Share Fraud: ठाणे के कारोबारी ने शेयर निवेश धोखाधड़ी में 1 करोड़ रुपये गंवा दिए. विज्ञापन के झांसे में आकर पीड़ित को 1 करोड़ का चूना लग गया. इस संबंध में पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है. पुलिस ने मंगलवार को बताया कि ठाणे के एक व्यवसायी को कुछ लोगों ने शेयर बाजार में निवेश करने पर भारी मुनाफे का लालच दिखाया. इस पर व्यवसायी ने 1 करोड़ रुपये का निवेश कर दिया. बाद में पीड़ित को पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी की गई है. महाराष्ट्र के ठाणे शहर के वागले एस्टेट निवासी 43 वर्षीय व्यवसायी को पिछले साल जून में एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आईपीओ और शेयरों में निवेश पर उच्च रिटर्न का विज्ञापन मिला. उन्होंने इस संबंध में तीन लोगों से संपर्क किया. व्यवसायी का विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने ठाणे के एक होटल में उनसे मुलाकात की और उन्हें एक फर्जी डिजिटल डीमैट लिंक दिया.
19 करोड़ के लालच में आया पीड़ित
वागले एस्टेट पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित ने प्लेटफॉर्म को वैध मानते हुए जून और जुलाई 2025 के बीच 29 अलग-अलग लेनदेन में विभिन्न बैंक खातों में 1 करोड़ रुपये स्थानांतरित कर दिए. डीमैट लिंक डैशबोर्ड पर 19 करोड़ रुपये का लाभ दिखाया गया, लेकिन वह कोई भी धनराशि निकालने में असमर्थ रहे. इसके बाद आरोपियों ने राशि जारी करने के लिए 20 प्रतिशत कमीशन की मांग की, जिसके बाद पीड़ित को एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है. अधिकारी ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने रविवार को भारतीय न्याय संहिता की धोखाधड़ी व जालसाजी की धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया.
बुजुर्ग दंपति से भी 17.5 लाख की ठगी
उधर, एक अन्य मामले में महाराष्ट्र के ठाणे जिले के एक बुजुर्ग दंपति को भी शेयरों पर भारी मुनाफा दिलाने का लालच देकर एक व्यक्ति ने 17.5 लाख रुपये का चूना लगा दिया. एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने सोमवार को नवी मुंबई के पनवेल निवासी अमित युवराज कार्ले के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) और 316(2) (आपराधिक विश्वासघात) के तहत एफआईआर दर्ज की. शिकायत के अनुसार, दंपति की मुलाकात कार्ले से दिसंबर 2024 में हुई थी. कार्ले ने दावा किया कि उसके पास एनएसडीएल के 5,000 और एनएससी (राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज) के 3,000 गैर-सूचीबद्ध शेयर हैं. उसने दंपति को यह कहकर शेयर खरीदने के लिए लुभाया कि वे जल्द ही सूचीबद्ध हो जाएंगे. अधिकारी ने बताया कि दंपति ने जनवरी से मार्च 2025 के बीच कार्ले के बैंक खाते में 24.5 लाख रुपये जमा किए थे. कानूनी कार्रवाई की धमकी के बाद कार्ले ने 7 लाख रुपये लौटा दिए. हालांकि शेष 17.5 लाख रुपये नहीं दिए. वादा किए गए शेयर भी पीड़ित को हस्तांतरित नहीं किए गए.अधिकारी ने बताया कि यह धोखाधड़ी तब सामने आई जब शिकायतकर्ताओं ने कार्ले के घर जाकर देखा कि वह पहले से ही कुछ अन्य आपराधिक मामलों के सिलसिले में जेल में है. पुलिस ने बताया कि इस मामले में जांच शुरू कर दी गई है.
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