Iran-Israel War : मिडिल ईस्ट में बिगड़ती स्थिति के बीच अमेरिका ने जॉर्डन और बहरीन से अपने नागरिकों को निकालने का निर्देश दिया है. साथ ही अगर वह निकल नहीं पाते हैं तो उनके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा.
Iran-Israel War : अमेरिका और इजरायल की तरफ से ईरान पर हमला करने के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया है. साथ ही ईरान ने भी मिडिल ईस्ट के देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल पर पलटवार किया है. मिडिल ईस्ट में युद्ध चरम पर पहुंचने के बीच US स्टेट डिपार्टमेंट ने मंगलवार को बड़ा फैसला लिया. अमेरिका ने बहरीन और जॉर्डन में नॉन इमरजेंसी में लोगों और उनके परिवारों को बाहर निकालने का निर्देश दिया है. स्टेट डिपार्टमेंट की ऑनलाइन घोषणा में कहा गया है कि यह फैसला सेफ्टी रिस्क की वजह से लिया गया है. अब ट्रंप प्रशासन ने सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए अपने लोगों को बाहर निकालने के लिए कहा है और अगर जरूरत पड़ी तो इसके लिए एक ऑपरेशन चलाया जाएगा.
अमेरिकियों को निकालने की अपील
स्टेट डिपार्टमेंट ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिकियों से वहां से निकलने अपील की है. दूसरी तरफ अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरान के साथ जारी युद्ध के मद्देनजर मध्य पूर्व में रहने वाले अमेरिकियों से वहां से चले जाने आग्रह किया है. मंत्रालय ने स्पष्ट कहा है कि जोखिम भरे माहौल की वजह से लिया गया है. वहीं, सऊदी अरब स्थित अमेरिकी दूतावास ने मंगलवार ने ईरानी ड्रोन की बात को स्वीकार किया और कहा कि दो ड्रोन ने हमला किया था.
ईरान ने भी भयंकर लेवल पर पलटवार
ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले जारी हैं. साथ ही ईरान भी उन ठिकानों को निशाना बना रहा है जहां पर इजरायल और अमेरिका के सैन्य अड्डे स्थित हैं. इनमें मुख्य रूप से सऊदी अरब, UAE, कुवैत, कतर और बहरीन शामिल हैं. सऊदी अरब ने रियाद में स्थित अमेरिकी दूतावास पर दो ड्रोन से हमला किया गया है. लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हो पाया है. तत्काल और अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है.
ट्रंप ने दी पलटवार करने की खुली धमकी
सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमला करने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने खुली धमकी दी है कि बड़ी कार्रवाई होगी. साथ ही कहा कि ईरान को भी जल्द पता चल जाएगा कि अमेरिका इसका कर्ज कैसे लेता है. इसी बीच अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर जमकर बमबारी की है. ट्रंप ने भी स्पष्ट कर दिया है कि ईरान पर यह कार्रवाई कई हफ्तों तक चलने वाली है. साथ ही तेहरान और उसके कई सहयोगी संगठनों ने भी हमले किए हैं और इजरायल को भारी नुकसान पहुंचाने का काम किया है.
यह भी पढ़ें- कैसे इजरायल ने खामेनेई पर किया हमला? जानें ‘डिकैपिटेशन ऑपरेशन’ की पूरी कहानी
News Source: PTI
