US Iran War: पश्चिम एशिया में एक बार फिर से युद्ध की शुरुआत हो चुकी है. अमेरिका और ईरान के बीच रुक-रुक कर हमले जारी हैं. इस बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर एक बार फिर से संघर्ष शुरू हो गया है. ताजा मामला ईरान के द्वारा यूएस सैन्य बेस वाले देश बहरीन और कुवैत पर हमले का है.
जी हां, अमेरिका द्वारा ईरान पर नौसैनिक नाकाबंदी फिर से लागू करने और होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे जहाजों पर तेहरान के हमलों ने क्षेत्र में तनाव को बढ़ा दिया है. इस बीच गुरुवार तड़के ईरान ने बहरीन और कुवैत को अपने हमलों का निशाना बनाया. वहीं, अमेरिका ने भी जवाबी कार्रवाई में हवाई हमले शुरू कर दिए हैं और तेहरान के कई सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की है.
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 16, 2026
बहरीन और कुवैत पर ईरानी हमला
अमेरिका द्वारा ईरान पर नाकाबंदी फिर से लागू करने और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे जहाजों पर तेहरान के हमलों के जवाब में अपने हवाई हमले अभियान को तेज करने के बाद, गुरुवार तड़के बहरीन और कुवैत को ईरानी हमलों का निशाना बनाया गया. हालांकि, ईरानी हमलों से हुए नुकसान या हताहतों के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिली है.
बता दें कि बुधवार को बहरीन और कुवैत में मिसाइल हमले की चेतावनी जारी की गई थी, क्योंकि उन्हें ईरान की ओर से लगातार हमले का सामना करना पड़ रहा था. बहरीन के गृह मंत्रालय ने एक पोस्ट में लोगों से “निकटतम सुरक्षित स्थान पर जाने” का आग्रह किया था. वहीं, जॉर्डन ने दावा किया कि उसने ईरान की ओर आ रही तीन मिसाइलों को मार गिराया. ईरान ने तीनों देशों पर हमले की जिम्मेदारी ली है, जहां अमेरिकी सेनाएं तैनात हैं.
अमेरिकी हमले में 7 सैनिकों की मौत- ईरान
अमेरिका ने बहरीन-कुवैत पर ईरानी हमले के जवाब में बड़ी कार्रवाई की है. इसने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर भीषण बमबारी की है. ईरानी अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी हमलों में ईरान की एक सेना बैरक को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम सात सैनिक मारे गए और देश भर में सैकड़ों लोग घायल हो गए.
ईरान पूर्ण सैन्य टकराव के लिए तैयार- गालिबफ
ईरान के संसद के अध्यक्ष और प्रमुख वार्ताकार मोहम्मद बगेर गालिबफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने कहा कि अगर अमेरिका अंतरिम समझौते की शर्तों का पालन नहीं करता है तो ईरान पूर्ण सैन्य टकराव के लिए तैयार है. वहीं, ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने नाकाबंदी के विरोध में मध्य पूर्व से सभी ऊर्जा निर्यात रोकने की धमकी दी है.
गार्ड ने कहा, “इस क्षेत्र से तेल और गैस का निर्यात या तो सभी के लिए होगा या किसी के लिए भी नहीं होगा.” अमेरिका द्वारा 24 घंटों के भीतर हमलों की तीसरी लहर शुरू करने के तुरंत बाद, ट्रंप ने कहा कि ईरान शांति समझौते के लिए तैयार है, लेकिन उन्होंने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया.
एक बार फिर युद्ध की ओर मध्य पूर्व
मालूम हो कि अमेरिका ने अप्रैल में पहली बार नाकाबंदी लगाई थी और पिछले महीने अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद इसे हटा लिया था. इस समझौते के तहत लड़ाई रोक दी गई थी और ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर बातचीत के लिए 60 दिन की अवधि तय की गई थी. हालांकि, होर्मुज जलडमरूमध्य पर लड़ाई तेज होने के कारण ये वार्ताएं ठप हो गई हैं.
जी हां, मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान द्वारा कई दिनों तक चले एकतरफा हमलों और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण जलमार्ग पर नए सिरे से उत्पन्न खतरों ने संघर्ष को समाप्त करने के लिए हुए अंतरिम समझौते को ध्वस्त कर दिया है. यह क्षेत्र एक बार फिर पूर्ण युद्ध की ओर लौट सकता है.
नाकाबंदी दोबारा लागू होने के लगभग 24 घंटे बाद, अमेरिकी सेना ने गोलीबारी की और एक व्यापारिक जहाज को निष्क्रिय कर दिया.
‘…किसी को नहीं मिलेगा तेल’, US के हमलों से भड़का ईरान, IRGC ने दी एनर्जी एक्सपोर्ट रोकने की धमकी
News Source: PTI
