Bihar Politics: बांकीपुर का चुनाव अब सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं रह गया है बल्कि यह प्रतिष्ठा, सियासी ताकत और भविष्य की राजनीति की लड़ाई बन चुका है. बीजेपी से लेकर जन सुराज तक हर पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. लेकिन इस हाई प्रोफाइल मुकाबले के बीच एक सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में है. आखिर आरजेडी के युवराज और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव चुनावी मैदान से अब तक कहां गायब हैं? नामांकन खत्म हो चुका है. स्टार प्रचारकों की सूची भी जारी हो चुकी है. लेकिन तेजस्वी यादव अभी तक चुनाव प्रचार करना तो दूर बांकीपुर की पिक्चर से ही गायब हैं. BJP इसे मुद्दा बना रही है तो RJD डैमेज कंट्रोल करने में जुटी है.
पूरे देश की नजरें बांकीपुर पर
बांकीपुर सीट पर समूचे देश की नजरें टिकी हैं. BJP के लिए यह अपनी साख बचाने की लड़ाई है. राष्ट्रीय अध्यक्ष की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है तो वहीं जन सुराज और प्रशांत किशोर के लिए अपनी राजनीतिक ताकत साबित करने का एक़ मौका है. बीजेपी के लिए यह चुनाव कितना महत्वपूर्ण है इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को खुद पटना में कैंप करना पड़ रहा है और 2 दिन से लगातार मैराथन बैठकें भी चल रही हैं. कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें और संगठन के साथ मंथन. उधर प्रशांत किशोर भी डोर-टू-डोर प्रचार में पूरी ताकत लगा रहे हैं और हर वर्ग तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. BJP ने अपने 40 स्टार प्रचारकों की सूची भी जारी कर दी है.
तेजस्वी ने आरजेडी को छोड़ा राम भरोसे
उधर इंडिया ब्लॉक भी अपनी उम्मीदवार रेखा गुप्ता के लिए बैठकें कर रहा है. ये और बात है कि पार्टी के सर्वेसर्वा और युवराज तेजस्वी यादव पूरे चुनाव प्रचार से गायब हैं. BJP तेजस्वी के जरिये RJD की बड़ी घेराबंदी कर रही है. RJD के नेता डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं. इन सबके बीच वाकई ये बड़ा सवाल है कि आखिर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अब तक चुनावी मैदान से दूर क्यों हैं. आखिर कहां है युवराज तेजस्वी? राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि तेजस्वी यादव फिलहाल यूरोप दौरे पर हैं. विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषक इस मुद्दे को लेकर सवाल उठा रहे हैं कि जब इतना अहम उपचुनाव हो रहा है तब उनकी गैरमौजूदगी क्या संदेश देती है?
MY समीकरण में सेंध
राजनीतिक विश्लेषक अरुण पांडे ने कहा कि दिलचस्प बात यह भी है कि जिस MY समीकरण को आरजेडी की सबसे बड़ी ताकत माना जाता रहा है. उसी वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश में प्रशांत किशोर खुलकर लगे हुए हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी चुनावी समीकरणों पर असर डालेगी. अब देखना होगा कि मतदान से पहले तेजस्वी चुनाव प्रचार में उतरते हैं या नहीं. क्योंकि बांकीपुर का यह चुनाव सिर्फ एक सीट नहीं, बल्कि कई राजनीतिक संदेश भी तय करेगा.
- अमित कुमार सिंह की रिपोर्ट
