SVPEIZ: उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार से जोड़ने वाली ‘सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र’ (SVPEIZ) परियोजना जल्द शुरू होने जा रही है. इस वर्ष ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ पर घोषित इस योजना के पहले चरण में कुल 16 केंद्रों की स्थापना की जाएगी. इन केंद्रों को अलग-अलग विभागों के सहयोग से विकसित किया जाएगा, जिसमें MSME विभाग के 5, यूपीसीडा के 5, यूपीईडा के 2, यीडा (YEIDA) के 2, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का 1 और गीडा (GIDA) का 1 केंद्र शामिल है. इसके अलावा पूरे राज्य को 9 ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल आधारित नेटवर्क में बदला जाएगा.
टाटा के औद्योगिक मॉडल का अध्ययन
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का ढांचा तैयार करने के लिए अधिकारियों की टीम ने गुजरात और महाराष्ट्र में टाटा समूह के औद्योगिक मॉडल का अध्ययन किया है. वैश्विक मानकों पर आधारित इस योजना के संचालन में देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों की मदद ली जाएगी, ताकि युवाओं को कौशल, उद्योग और उद्यमिता से एक ही मंच पर जोड़ा जा सके. प्रमुख सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है. ग्लोबल निवेशकों के आगमन, नए औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार तथा बदलती तकनीकी आवश्यकताओं को देखते हुए आने वाले वर्षों में बड़ी संख्या में कुशल मानव संसाधन की आवश्यकता होगी.
प्रदेश में बनेंगे नौ हब एंड स्पोक जोन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप इसी आवश्यकता को ध्यान में रखकर SVPEIZ की अवधारणा तैयार की गई है, ताकि प्रदेश के युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से सीधे जोड़ा जा सके. उन्होंने बताया कि प्रदेश को नौ हब एंड स्पोक जोन में विकसित किया जाएगा. इनमें गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद एवं हापुड़, सहारनपुर मंडल के साथ मेरठ, बागपत और बुलंदशहर, मुरादाबाद एवं बरेली मंडल, आगरा एवं अलीगढ़ मंडल, लखनऊ एवं अयोध्या मंडल, कानपुर एवं प्रयागराज मंडल, चित्रकूट, झांसी एवं विंध्याचल मंडल, वाराणसी एवं आजमगढ़ मंडल तथा गोरखपुर, बस्ती एवं देवीपाटन मंडल को शामिल किया गया है. प्रत्येक जोन स्थानीय औद्योगिक क्षमता, उपलब्ध संसाधनों और निवेश की संभावनाओं के अनुरूप विकसित होगा.
बड़े औद्योगिक संस्थानों की भी सहभागिता
प्रमुख सचिव ने बताया कि प्रत्येक SVPEIZ को वन स्टॉप इंडस्ट्रियल, स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जाएगा. यहां कौशल विकास केंद्र, औद्योगिक भूखंड, प्लग एंड प्ले औद्योगिक शेड, साझा सुविधा केंद्र, रोजगार सहायता केंद्र, उद्यमिता सहायता केंद्र, डिजिटल साक्षरता, विदेशी भाषा प्रशिक्षण, व्यावसायिक सेवाएं तथा आधुनिक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी. प्रमुख सचिव ने बताया कि प्रत्येक हब के लिए एसपीवी का गठन किया जाएगा. संबंधित हब के प्रमुख निवेशक को उसका अध्यक्ष बनाया जाएगा. इससे उद्योगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी और परियोजना का संचालन अधिक प्रभावी होगा. उन्होंने बताया कि परियोजना के विकास और संचालन में भी प्रतिष्ठित औद्योगिक संस्थानों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी.
