Nepal Flood: बुधवार को नेपाल में कुदरत का कहर बरपा. ग्लेशियर के ढहने से नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने तबाही मचा दी है. घर बर्बाद हो गए हैं और इंसान लापता. अब तक इस बाढ़ में कम से कम 162 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों टूरिस्ट, मजदूर और दूसरे लोग लापता हो गए. लापता लोगों में 130 भारतीय भी शामिल हैं. कुछ इलाकों में आना-जाना रुक गया. एक्सपर्ट्स ने कहा कि ग्लेशियर से एवलांच इसकी वजह हो सकती है. भारतीय नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है और नेपाल से सटे बिहार के इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है.
ईशा फाउंडेशन के 77 लोग लापता
काठमांडू में इंडियन एम्बेसी और तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों ने प्रभावित भारतीयों और उनके रिश्तेदारों के लिए हेल्पलाइन शुरू की हैं. तमिलनाडु के अधिकारियों ने कहा कि तमिलनाडु के 57 टूरिस्ट में से 37 का अभी पता नहीं चला है, जबकि 20 अन्य का पता लगा लिया गया है. कोयंबटूर में मौजूद एक नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइज़ेशन, ईशा फाउंडेशन ने दावा किया कि इमिग्रेशन सेंटर में मौजूद उसके 77 सदस्य लापता हैं. इसके फाउंडर सद्गुरु ने कहा, “इमिग्रेशन ऑफिस में मौजूद किसी भी व्यक्ति के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है और 495 लोग सुरक्षित लौट आए हैं. भारतीय दूतावास ने नागिरकों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर (+977 985 131 6807 या +977 970 910 7500 ) जारी किए हैं.

यूपी-बिहार में अलर्ट जारी
नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद बिहार और यूपी को हाई अलर्ट पर रखा गया है. बिहार और उत्तर प्रदेश में बुधवार को हाई अलर्ट जारी किया गया. गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) को तैनात किया जा रहा है. सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने भी 1,751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी सभी यूनिट्स को अलर्ट कर दिया है. बिहार में पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली के अलावा सीतामढ़ी और शिवहर जैसे संवेदनशील जिलों में भी विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए हैं.
सीएम योगी ने महराजगंज और कुशीनगर जिलों को किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए. एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि बाढ़ के कारण पड़ोसी जिलों में गंडक और नारायणी नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है.
भूकंप के बाद आई बाढ़
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने संसद को बताया कि तिब्बत इलाके में सुबह 8:37 बजे (लोकल टाइम) भूकंप आया और तीन मिनट बाद अचानक बाढ़ आने की खबर आई. इससे लगता है कि झटकों की वजह से ग्लेशियर फटने से बाढ़ आई होगी. अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ भोटे कोशी नदी से होकर आई और तिब्बत की सीमा से लगे रासुवा और धाडिंग जिलों पर असर डाला. नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने बताया कि नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर मौजूद लहेंडे नदी में चट्टानों के खिसकने और पानी बढ़ने की वजह से रासुवा जिले के बॉर्डर वाले शहर तिमुरे में भोटे कोशी से त्रिशूली नदी में भारी बाढ़ आ गई.
चीन के 265 लोग लापता
चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV ने कहा कि बॉर्डर के पास तिब्बत इलाके के ग्यिरोंग काउंटी में मिट्टी खिसकने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और 265 लोग लापता हैं. ड्रोन फुटेज में सड़कें टूटी हुई और इमारतें दबी हुई दिखीं. सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की खबर दी है.
नेपाल की बाढ़ का असर: UP और बिहार में हाई अलर्ट, गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोले गए
News Source: PTI
