Operation Sindoor : पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया था. यह कितना घातक पलटवार था कि यह राष्ट्रपति जरदारी के बयान से अंदाज लगाया जा सकता है.
Operation Sindoor : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना की तरफ से की गई कार्रवाई ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी थी. इस आतंकी हमले में 26 भारतीय निर्दोषों मारे गए थे, जिसके बाद दुनिया भर के देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की थी. इसके बाद ही भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और PoK में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर हमला किया और उनके ढांचे को तबाह करने का काम किया था. हालांकि, उसके बाद पाक की तरफ से कुछ हमले किए गए लेकिन उसे भारत ने नाकाम कर दिया था. इसी बीच पाक सेना और कुछ पब्लिक पर्सनेलिटी ने जश्न मनाया था कि उन्होंने भारत को मात दे दी. लेकिन अब कई राज खुलकर सामने आ रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से भारत ने उनके होश उड़ा दिए थे और पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बयान ने कई चीजों को साफ कर दिया है.
नेता में बंकरों में नहीं मरते : जरदारी
पाकिस्तान के राष्ट्रपति जरदारी ने कहा कि जब भारत ने इस साल मई में ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, तो उस दौरान उन्हें बंकर में छिपने की सलाह दी गई थी. जरदारी ने यह खुलासा सिंध प्रांत के लरकाना में उनकी पत्नी और पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की 18वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम किया, जिनकी 27 दिसंबर, 2007 को रावलपिंडी में बंदूक और बम हमले में हत्या कर दी गई थी. उन्होंने शनिवार को कहा कि मेरे पास मिलिट्री सेक्रेटरी (MS) आए और उन्होंने कहा कि सर जंग शुरू हो गई है. साथ ही मैंने उनसे चार दिन पहले ही कह दिया था कि जंग शुरू होने वाली है. उन्होंने आगे बताया कि MS ने मुझसे कहा कि सर चलिए बंकर में चलते हैं जो सुरक्षित स्थान है. तो मैंने उनसे कहा कि अगर शहादत आनी है तो यहीं आएगी. जरदारी ने कहा कि नेता बंकरों में नहीं मरते हैं वह युद्ध मैदान में शहीद होते हैं.
सच कबूलने के बाद फिर परोसा झूठ
बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले का जवाब भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर चलाकर दिया थ. इन हमलों में के बाद दोनों देशों के बीच चार दिनों तक जबरदस्त झड़पें हुईं और 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने की सहमति के साथ यह संघर्ष खत्म हो गया. इस पर जरदारी ने कहा कि पाकिस्तान शांति चाहता है, लेकिन खुद की रक्षा के लिए वह पूरी तरह तैयार है. वहीं, राष्ट्रपति जरदारी ने मई को सशस्त्र संघर्ष के दौरान भारत को जवाब देने के लिए सेना प्रमुख आसिम मुनीर की तारीफ की. हालांकि, भारत ने पहले ही कह दिया था कि उसके सभी लक्ष्यों को पूरा कर लिया गया है और हमने जिन ठिकानों को निशाना बनाया था वह सभी पूरे कर लिए हैं. हालांकि, पाकिस्तान ने कुछ मिसाइलों से हमला करके वाह वाही लूटने की कोशिश की जिसको भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया था.
पीपीपी ने मुनीर को फील्ड मार्शल बनाया
इसके अलावा पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के टॉप नेता ने दावा किया कि अब पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मान रहा है और यहां तक कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मुनीर की तारीफ की थी. उन्होंने यह भी दावा किया कि PPP ने ही मुनीर को फील्ड मार्शल बनाने की सलाह दी थी. इस मौके पर ज़रदारी के बेटे और PPP चेयरमैन बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने भी बात की.
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