Russia-Ukraine War: रूसी हमलों से यूक्रेन तबाह हो गया है और अब पुतिन की सेना ने पावर ग्रिड को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है. इसी बीच यूक्रेन का कहना है कि उसके लोग अंधेरे में रहने पर मजबूर हो गए हैं.
रूस और यूक्रेन युद्ध के चार साल पूरे हो गए हैं और अभी तक किसी खास नतीजे पर नहीं पहुंचा है. साथ ही वाशिंगटन की तरफ से दिया गया शांति प्रस्ताव पर भी बातचीत नहीं चल पा रही है. इसी बीच रूस ने यूक्रेन पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं, जिसका सबसे ज्यादा असर पावर ग्रिड पर पड़ा है. यूक्रेन के ऊर्जा मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि रूसी हमलों की वजह से यूक्रेन का एक भी पावर प्लांट सही से काम नहीं कर रहा है. साथ ही हवाई बमबारी बढ़ने से सैकड़ों-हजारों लोग कई दिनों से बिना रोशनी के अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं. डेनिस श्मिहाल ने कहा कि रूस ने पिछले साल यूक्रेन के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर 612 हमले किए. बीते कुछ महीनों से रूस की तरफ हमले इसलिए तेज हो गए हैं क्योंकि यूक्रेन में तापमान माइनस 18 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है.
पावर ग्रिड पर हुए हमले से लोगों को परेशानी
शिम्हाल ने यूक्रेन की संसद में कहा कि दुनिया में किसी ने भी ऐसी चुनौतियों का सामना नहीं किया होगा. उन्होंने कहा कि रूस ने बीते चार सालों में सर्दियों में यूक्रेन पावर ग्रिड को निशाना बनाया गया है. इसका मकसद यूक्रेन के हौसले को तोड़ने का है और इसको सर्दियों को हथियार बनाना कहते हैं. ऊर्जा मंत्री ने बताया कि सर्दियों के मौसम इस तरह की स्थिति उस वक्त पैदा हुई है जब अमेरिका द्वारा दिए गए शांति प्रस्ताव पर चर्चा की जा रही है और यूक्रेन कहीं न कहीं उससे सहमत है. दूसरी तरफ कीव डेलिगेशन के डिप्टी हेड जेमी वाह ने शुक्रवार को कहा कि यह एक मुश्किल घड़ी है. उन्होंने जिनेवा में एक ब्रीफिंग में बताया कि यह संघर्ष बढ़ने के बाद से सबसे मुश्किल सर्दी है. उन्होंने आगे कहा कि बीते तीन-चार से यूक्रेन की अर्थव्यवस्था वैसे ही चरमरा गई है और इस बीच पावर ग्रिड पर किए जा रहे हमले लोगों की कमर तोड़ने का काम कर रहे हैं.
बाहरी सजावट हटाने का किया आग्रह
यूक्रेन में लगातार बिजली की कमी होने के कारण लोगों से रोशन साइनबोर्ड और बाहरी सजावट बंद करने की अपील की है. ऊर्जा मंत्री ने कहा कि अगर आपके पास एक्सट्रा एनर्जी है, तो बेहतर होगा कि इस लोगों को दें. अब यूक्रेन में इमरजेंसी उपाय शुरू किए हैं, जिसमें लोगों को अधिकारियों द्वारा बनाए गए पब्लिक हीटिंग सेंटर्स में जरूरत पड़ने पर जाने की इजाजत देने के लिए कर्फ्यू प्रतिबंधों में अस्थायी रूप से ढील देना शामिल है. उन्होंने कहा कि अस्पताल, स्कूल और अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर बिजली और गर्मी की सप्लाई के लिए सबसे पहली प्राथमिकता है. बता दें कि ब्रिटेन और यूक्रेन के बीच 100 साल की साझेदारी की पहली सालगिरह मनाने के लिए UK के उप प्रधानमंत्री डेविड लैमी शुक्रवार को कीव में थे.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
