Ukraine Russia War: पश्चिम एशिया में जारी जंग ने दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था को तंग कर रखी है. वहीं, बीते चार साल से जारी यूक्रेन और रूस के बीच हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. ताजा मामला रूस के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को यूक्रेन के द्वारा निशाना बनाने का है. जी हां, मिली जानकारी के अनुसार, यूक्रेन ने रूस के तेल ठिकानों पर ड्रोन से हमला किया है. इस हमले के बाद रूस के ऑयल डिपो और टैंकर में आग लग गई. इससे इन्हें काफी नुकसान होने की खबर है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, रूस की राजधानी मॉस्को में एक स्थानीय रूसी अधिकारी ने यूक्रेन के इस हमले की जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि शनिवार को यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण सुबह रूस की तेल सुविधाओं में आग लग गई. यह मॉस्को के महत्वपूर्ण तेल उद्योग पर ताजा हमला है.
रूस के तेल उद्योग को निशाना बनाया – यूक्रेनी प्रेसिडेंट
मिली जानकारी के अनुसार, रूस के रोस्तोव क्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन के मलबे के गिरने से आग लग गई, जिससे तागानरोग बंदरगाह में एक तेल डिपो और टैंकर क्षतिग्रस्त हो गए. वहीं, पड़ोसी क्रास्नोदार क्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि इसी कारण से अरमावीर में एक तेल डिपो में आग लग गई. यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने शनिवार को क्रास्नोदार क्षेत्र में हुए हमले के बारे में लिखा, “रूस के तेल उद्योग की एक और सुविधा – अरमावीर – को निशाना बनाया गया है.” उन्होंने आगे कहा कि अरमावीर “हमारी राज्य सीमा से 500 किलोमीटर दूर है.” उन्होंने लिखा, “हम युद्ध को वहीं वापस ला रहे हैं जहां से यह शुरू हुआ था.”
रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर की बमबारी
वहीं, दूसरी ओर, रूस ने यूक्रेन के बिजली ग्रिड को नुकसान पहुंचाने और शहरों पर भारी बमबारी करने के लिए अपनी लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल किया है. रूसी विदेश मंत्रालय द्वारा इस सप्ताह की शुरुआत में कीव पर किए जाने वाले आगामी “व्यवस्थित हमलों” के बाद यूक्रेनी राजधानी और अधिक भारी बमबारी के लिए तैयार है.
जेलेंस्की ने गुरुवार को कहा कि वह अमेरिका पर दबाव बनाने में “बहुत दृढ़” हैं ताकि उनके देश को और अधिक पैट्रियट वायु रक्षा मिसाइलें प्रदान की जा सकें जो विनाशकारी रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों का मुकाबला कर सकें.
बता दें कि रूसी तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले यूक्रेन पर हमले के एक दिन बाद हुए, जब एक रूसी ड्रोन भटककर पूर्वी रोमानिया की एक इमारत से टकरा गया था. इससे नाटो सदस्य देश में दो लोग घायल हो गए थे. इस हमले से इस बात की चिंता बढ़ गई कि युद्ध गठबंधन की सीमाओं के पार फैल सकता है और पूरे यूरोप में इसकी कड़ी निंदा हुई.
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News Source: PTI
