Home अंतरराष्ट्रीय क्या है आर्कटिक क्षेत्र? जिसे लेकर मरमंस्क रीजन के डिप्टी स्पीकर ने भारत को बताया ‘खिलाड़ी’

क्या है आर्कटिक क्षेत्र? जिसे लेकर मरमंस्क रीजन के डिप्टी स्पीकर ने भारत को बताया ‘खिलाड़ी’

by Live Times 8 July 2024, 12:13 PM IST (Updated 15 July 2025, 4:48 PM IST)
8 July 2024, 12:13 PM IST (Updated 15 July 2025, 4:48 PM IST)
PM Modi In Russia

PM Modi In Russia: रूस के मरमंस्क रीजन (आर्कटिक) के डिप्टी स्पीकर स्टेपखनो गेनाडी ने कहा कि भारत आर्कटिक रीजन की आर्थिक क्षमता की टैपिंग करने में एक अहम खिलाड़ी हो सकता है.

8 July, 2024

PM Modi In Russia : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार और मंगलवार को दो दिवसीय रूस यात्रा पर हैं. पीएम मोदी अपने समकक्ष रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर मॉस्को गए हैं. दोनों नेता 22वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे. इस दौरान द्विपक्षीय हितों पर भी बात हो सकती है. फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद पीएम मोदी की यह पहली रूस यात्रा है. भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक संतुलित स्टैंड अपनाया है. इस दौरे को देखते हुए रूस के मरमंस्क रीजन यानी आर्कटिक के डिप्टी स्पीकर स्टेपखनो गेनाडी ने भारत को आर्कटिक रीजन की आर्थिक क्षमता के लिए खिलाड़ी बताया है.

कई देशों के लिए अहम है आर्कटिक

आर्कटिक के डिप्टी स्पीकर स्टेपखनो गेनाडी ने कहा कि भारत आर्कटिक रीजन की आर्थिक क्षमता की टैपिंग करने में एक अहम खिलाड़ी हो सकता है. आगे उन्होंने कहा कि भारत-रूस फ्रैंडशिप की इंपोर्टेंस भी बताई और भारत को रूसी आर्कटिक में प्रोजेक्ट के निर्माण पर फोकस करने पर जोर दिया. रूसी आर्कटिक कई देशों के लिए बहुत अहम है. हमारे लिए भी यह बहुत अहम है. हमारे लिए ये दिलचस्प है कि भारत और चीन आर्कटिक के लिए हमारे अच्छे साझेदार हो सकते है, लेकिन भारत इसमें थोड़ा स्लो है क्योंकि चीन आर्कटिक में कई चीजों का निर्माण कर रहा है. भारत धीमा है इसलिए उसे इस पर फोकस करना चाहिए, क्योंकि आर्कटिक रीजन में हमारे पास बहुत सारा ऑयल एंड गैस है, 80 प्रतिशत ऑयल एंड गैस हमारे रीजन में है.

आखिर क्यों उपयोगी है आर्कटिका क्षेत्र (Arctic region)

उत्तरी ध्रुव के चारों ओर फैले विशाल क्षेत्र को आर्कटिका (Arctic region) के रूप में जाना जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार, आर्कटिक क्षेत्र में कोयले, जिप्सम और हीरे का विशाल भंडार तो है ही साथ ही जस्ता, सीसा, सोना और क्वार्ट्ज के पर्याप्त भंडार मौजूद हैं. दरअसल, अकेले ग्रीनलैंड में ही विश्व के दुर्लभ मृदा तत्व भंडार का लगभग एक चौथाई भाग मौजूद है. इसके अलावा, आर्कटिक में अनन्वेषित हाइड्रोकार्बन संसाधनों का खजाना भी है और यह दुनिया के नेचुरल गैस का 30 प्रतिशत है.

यह भी पढ़ें: विश्व राजनीति और समाचार, ग्लोबल न्यूज़, दुनिया की ताज़ा और महत्वपूर्ण खबरें

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?