President Murmu: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को अपने तीन देशों के यूरोपीय दौरे के आखिरी चरण में रोमानिया पहुंचीं. इस दौरे का मकसद व्यापार, पर्यटन और दूसरे अहम क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ाना है. तीन दशकों से ज़्यादा समय में किसी भारतीय राष्ट्रपति की रोमानिया की यह पहली यात्रा है. राष्ट्रपति मुर्मू अपने तीन देशों के राजकीय दौरे के आखिरी चरण में रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट पहुंचीं. हवाई अड्डे पर रोमानिया की विदेश मामलों की मंत्री ओआना-सिल्विया तोइउ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. अपनी यात्रा के दौरान भारतीय राष्ट्रपति रोमानियाई राष्ट्रपति निकुसोर डैन, अंतरिम प्रधानमंत्री इली बोलोजान, सीनेट के अध्यक्ष मिर्सिया अब्रुडियन और चैंबर ऑफ़ डेप्युटीज़ के अध्यक्ष सोरिन ग्रिंडियानु से मुलाकात करेंगी.
भारतीय समुदाय के लोगों से करेंगी बातचीत
मुर्मू रोमानिया-भारत संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से भी मिलेंगी. भारत-रोमानिया बिज़नेस फ़ोरम को संबोधित करेंगी और भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत करेंगी. रोमानिया दक्षिण-पूर्वी यूरोप का सबसे बड़ा देश है (इसका क्षेत्रफल 2,38,397 वर्ग किलोमीटर है) और यह काला सागर (Black Sea) के पश्चिमी तट पर रणनीतिक रूप से अहम जगह पर स्थित है. इसकी सीमाएं यूक्रेन, मोल्दोवा, हंगरी, सर्बिया और बुल्गारिया से लगती हैं. रोमानिया में लगभग 13,500 भारतीय रहते हैं, जिनमें से करीब 10,000 कामगार हैं. मुर्मू ने 20 जुलाई को मोल्दोवा और 21-22 जुलाई को नॉर्थ मैसेडोनिया का दौरा किया था. किसी भारतीय राष्ट्रपति की इन दो यूरोपीय देशों की यह पहली यात्रा थी.
रिश्तों को मिलेगी मजबूती
इन तीन देशों की राजकीय यात्रा यह दिखाती है कि भारत इन देशों के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और पूर्वी यूरोप के व्यापक क्षेत्र के साथ जुड़ने को कितना महत्व देता है. राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान भारत और नॉर्थ मैसेडोनिया ने संयुक्त राष्ट्र में सुधार, सीधी कनेक्टिविटी और व्यापार व पर्यटन को बढ़ावा देने के तरीकों जैसे मुद्दों पर चर्चा की. दोनों देशों ने सहयोग के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोटिव, कृषि व कृषि-उत्पादों और AI जैसी नई टेक्नोलॉजी को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के रूप में पहचाना.
भारत और नॉर्थ मैसेडोनिया ने स्वास्थ्य क्षेत्र में किया समझौता
विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि नॉर्थ मैसेडोनिया और भारत बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करते हैं. एक-दूसरे का सहयोग करते हैं और साथ ही यह सुधारे गए UN सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन भी करता है. भारत के वरिष्ठ राजनयिक ने यह भी कहा कि भारत और नॉर्थ मैसेडोनिया के बीच सीधी कनेक्टिविटी की मांग की गई थी. उन्होंने कहा कि यह हमारी इच्छा सूची में है. हम देखेंगे कि इसे कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है. मुर्मू की यात्रा के दौरान भारत और नॉर्थ मैसेडोनिया ने हेल्थकेयर सुविधाओं सहित संयुक्त पहलों और टेक्नोलॉजी विकास के माध्यम से सहयोग बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन को अगले पांच वर्षों के लिए नवीनीकृत किया.
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News Source: PTI
