Houthi Rebels: यमन की जमीनी लड़ाई अब समुद्री तक पहुंच गई है. यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में जा रहे सऊदी अरब के दो टैंकरों पर हमला किया है. सऊदी अरब के जहाजों की नाकेबंदी के बाद ईरान समर्थित हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और मालवाहक जहाज पर हूतियों का यह पहला हमला है. हूतियों ने बताया कि बाब अल-मंदेब के पास बैलिस्टिक, क्रूज और ड्रोन का इस्तेमाल कर सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों एंसेलिया और लायला पर हमला किया. दूसरी तरफ ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करके पहले से ही दुनिया की अर्थव्यवस्था मुश्किलों का सामना कर रही है. इस बीच ईरान और अमेरिका ने जलडमरूमध्य पर नियंत्रण पाने के लिए अपने हमले तेज कर दिए हैं. जंग शुरू होने से पहले होर्मुज से गैस और क्रूड ऑयल की सप्लाई का पांचवां हिस्सा गुजरता था. अब दुनिया भर के देश वैकल्पिक रास्तों की तलाश तेज कर दी है.
बड़ी सैन्य सजा दी जाएगी : ट्रंप
दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर जहाजों पर हूथी विद्रोहियों के हमले जारी रहे, तो उन्हें बड़ी सैन्य सजा दी जाएगी. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर वे ऐसा दोबारा करते हैं, तो अमेरिका इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराएगा. ट्रंप का कहना है कि वह इस मामले में ईरान को इसलिए दोषी मानेगा क्योंकि हूती ईरान के प्रॉक्सी हैं. ऐसे में ईरान और खुद हूती पर बड़ी सैन्य कार्रवाई की जाएगी. साथ ही इस मामले में अमेरिका की तरफ से बयानबाजी तेज हुई है, वैसे-वैसे आर्थिक असर भी दिखने लगा. बताया जा रहा है कि गुरुवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 4.3 प्रतिशत बढ़कर 98.16 डॉलर प्रति बैरल हो गई. यह जून की शुरुआत के बाद से इसका सबसे ऊंचा स्तर था और दोनों पक्षों के बीच शांति का शुरुआती समझौता होने के बाद क्रूड ऑयल पर कीमतें काफी कम हो गई थीं. वहीं, अमेरिका और ईरान से अच्छे संबंध रखने वाले राक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी शांति और बातचीत की अपील करने के लिए गुरुवार को तेहरान पहुंचे थे. अल-जैदी ने इस महीने की शुरुआत में वाशिंगटन में ट्रंप से मुलाकात की थी. इसी बीच एक अरब राजनयिक ने कहा कि खाड़ी देश तनाव को कम करने के लिए कोई रास्ता खोजने को लेकर ज्यादा निराशावादी होते जा रहे हैं.

तेल की शिपमेंट के लिए दोहरी मार
इसके अलावा हालात की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए न बताने की शर्त पर बात करते हुए राजनयिक ने कहा कि पाकिस्तान और तुर्की के अलावा इस खित्ते में शामिल देश भी तनाव कम करने की कोशिशें जारी रखे हुए हैं. साथ ही हूती हमले तेल की शिपमेंट के लिए दोहरी मार हैं. हूती विद्रोहियों की समाचार एजेंसी SABA ने बताया कि विद्रोहियों ने लाल सागर में ‘एन्सेलिया’ और ‘लैला’ नाम के दो टैंकरों पर जोरदार हमला किया है. हालांकि, अभी तक किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है. यह हमला तब हुआ है जब उन्होंने इस हफ्ते की शुरुआत में बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से सऊदी-लिंक्ड जहाजों की आवाजाही रोकने का ऐलान किया था. यह कदम यमन पर सऊदी अरब की नाकेबंदी और यमन की राजधानी सना के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक फ्लाइट पर हाल ही में हुए हमले के जवाब में उठाया गया था.
हूती द्वारा हमले के बाद दुनिया पर पड़ी दोहरी मार
अरब प्रायद्वीप के दक्षिणी सिरे पर स्थित बाब अल-मंदेब, लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ने वाला एक अहम समुद्री मार्ग है. दुनिया का करीब 12 प्रतिशत क्रूड ऑयल से लेक माल यहां से गुजरता है. इसके बाद मिस्र की स्वेज नहर के जरिए यूरोप और एशिया के बीच आता-जाता है. सरकारी सऊदी प्रेस एजेंसी ने बताया कि रात के समय लाल सागर में हुए एक हमले में ‘एन्सेलिया’ टैंकर में आग लग गई. इसके अलावा यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स सेंटर (UKMTO) ने बताया कि उसे सऊदी अरब के अल-शुकाइक से 130 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में लाल सागर में एक टैंकर के किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आने की रिपोर्ट मिली है. अब यह खबर तेज हो गई है कि हूती हमलों से लाल सागर पर मौजूद सऊदी अरब के यानबू पोर्ट से होने वाले तेल शिपमेंट पर खतरा मंडरा रहा है. साथ ही Strait of Hormuz में पहले से जारी रुकावट के बाद यह दोहरी मार साबित होगी. युद्ध के कारण फारस की खाड़ी में आवाजाही रुकने की वजह से सऊदी अरब ने जमीन पर बिछी पाइपलाइन के जरिए रोजाना लाखों बैरल तेल का निर्यात यानबू की ओर मोड़ दिया है.

फीस वसूलने की मांग को ईरान ने फिर उठाया
हूती विद्रोहियों का कहना है कि वे सऊदी अरब की नाकेबंदी कर रहे हैं. हालांकि, गाजा में युद्ध के चरम पर इजरायल की घोषित नाकेबंदी के दौरान उन्होंने ऐसे कई जहाज़ों को निशाना बनाया जिनका उस संघर्ष से कोई लेना-देना नहीं था. ईरान का कहना है कि उसे होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ट्रैफिक को मैनेज करने के लिए फीस वसूलने का अधिकार है. युद्ध से पहले यह रास्ता सभी के लिए खुला था और इस पर कोई टोल नहीं लगता था. उसने उन जहाज़ों पर हमले किए हैं जो इस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते हैं. एक ऐसा रास्ता जिसकी निगरानी अमेरिकी सेना करती है और जिसे तेहरान के नियंत्रण से बाहर रखने का इरादा था. दूसरी तरफ ईरान के हमलों के जवाब में अमेरिका ने ईरान भर में हमले तेज कर दिए और ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक घेराबंदी फिर से शुरू कर दी. दोनों देशों के बीच ज़ुबानी जंग भी तेज हो गई है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि तेहरान अपने बुनियादी ढांचे पर अमेरिकी हमलों के जवाब में ‘जैसे को तैसा’ वाली नीति अपनाएगा. साथ ही अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पलटवार करते हुए कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीति भी जैसे को तैसा ही है. फ़िलीपींस में एक क्षेत्रीय शिखर सम्मेलन में रुबियो ने कहा था कि जब तक उन्हें अक्ल नहीं आ जाती, तब तक हर रात इसकी कीमत बढ़ती जाएगी.

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ईरान के तीन शहरों को बनाया गया निशाना
आपको बताते चलें कि ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि अमेरिकी मिसाइलों ने रात भर में पश्चिमी ईरान के अहवाज, रामशिर और एंडिमेश्क शहरों को निशाना बनाया है. इराकी सीमा पर स्थित शलामचेह शहर में अमेरिकी मिसाइल हमले में दो लोग मारे गए. इस दौरान US सेंट्रल कमांड ने कहा कि उनके हमलों का मकसद ईरान की उस क्षमता को और कम करना था जिससे वह इलाके के समुद्र से गुजरने वाले आम नाविकों और कमर्शियल जहाजों को खतरा पहुंचा सकता है. कमांड ने आगे कहा कि अमेरिका लक्ष्य है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर फिर से कंट्रोल हासिल करने और इंटरनेशनल शिपिंग को बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं. दूसरी तरफ ईरान ने US के हमलों का जवाब पड़ोसी खाड़ी देशों के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और पीने का पानी देने वाले डिसेलिनेशन प्लांट को निशाना बनाकर दिया है. जॉर्डन ने कहा कि उसकी सेना ने गुरुवार तड़के तीन मिसाइलों को रोका, जबकि चौथी मिसाइल एक खाली इलाके में गिरी. वहीं, बुधवार रात छह ड्रोन रोके गए. बहरीन के गृह मंत्रालय ने X पर पोस्ट किया और बताया कि सायरन बजने के बाद लोगों से शांत रहने और सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की गई. कुवैत की सेना ने कहा कि ड्रोन ने इराक के साथ उसकी सीमा पर बने क्रॉसिंग पॉइंट पर हमला किया, जिससे नुकसान तो हुआ लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ. यह हमला ईरान-इराक सीमा क्रॉसिंग पर US के हमले के जवाब में किया गया हो.

अमेरिकी हमले में दो लोगों की मौत
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि उनका देश ‘आंख के बदले आंख’ की रक्षा नीति अपनाएगा. उन्होंने बुधवार को एक्स पर पोस्ट किया और कहा कि ईरान के खिलाफ, हमारे बुनियादी ढांचे सहित, किसी भी प्रकार की आक्रामकता का जोरदार और निर्णायक जवाब दिया जाएगा. गुरुवार तड़के ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि इराकी सीमा से लगे शालमचेह कस्बे में अमेरिकी मिसाइल हमले में दो लोग मारे गए. बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को चेतावनी दी थी कि ईरान द्वारा जलडमरूमध्य में किसी जहाज पर गोली चलाने पर अमेरिका हर बार एक पुल या बिजली संयंत्र को नष्ट कर देगा. उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर लिखा था कि अब से, जब भी इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी जहाज पर मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी अन्य उपकरण या हथियार से हमला करेगा, तो संयुक्त राज्य अमेरिका पुल या बिजली संयंत्र पर बमबारी करके उसे नष्ट कर देगा.
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