Pune Hooch Tragedy: महाराष्ट्र के पुणे में बीते दिनों जहरीली शराब (कच्ची शराब) पीने से अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है और अभी भी कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं. शराब के इस नरसंहार कांड पर प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. महाराष्ट्र के जल संसाधन एवं आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने जानकारी दी कि इस मामले में 22 से अधिक अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है. इनमें 22 पुलिस और आबकारी विभाग के कर्मी शामिल हैं.
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को मंत्री गिरीश महाजन ने बताया कि पुणे और पड़ोसी पिंपरी चिंचवड में नकली शराब त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 या 18 हो गई है. उन्होंने आगे बताया कि राज्य सरकार ने अवैध शराब व्यापार के खिलाफ कार्रवाई न करने के लिए सख्त रुख अपनाते हुए 22 पुलिस और आबकारी विभाग के कर्मियों को निलंबित कर दिया है. वहीं, एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि शराब में मिलाए गए मेथनॉल की सप्लाई करने वालों सहित आठ लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है.
कुल 6 लाख रुपये की सहायता राशि- मंत्री
जहरीली शराब से मरने वाले लोगों के परिवार वालों से मंत्री महाजन ने मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने इस घटना को बेहद दर्दनाक बताया. उन्होंने कहा कि मरने वालों में ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर थे जिन्होंने मेथनॉल मिलावटी शराब पी थी. मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मृतकों के परिवारों के लिए 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की है, जबकि स्थानीय नगर निगम ने अतिरिक्त 1 लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की है. इस दौरान मंत्री गिरीश महाजन ने कहा, “मृतकों की संख्या 17-18 हो गई है. ये लोग आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से थे और उन्होंने सस्ती शराब उपलब्ध होने के कारण इसका सेवन किया.”
महाजन ने यह भी बताया कि स्थानीय प्रतिनिधियों ने प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा, “सीआईडी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद, सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.”
इन लोगों की हुई गिरफ्तारी
मामले की जांच कर रहे आपराधिक जांच विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक सुनील रामानंद ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि जहरीली शराब पीने से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 11 पिंपरी चिंचवाड़ से और चार हडपसर से हैं. पुलिस ने मामले में करनैलसिंह तख्तसिंह विरका (73), गुरमंगतसिंह करनैलसिंह विरका (45), योगेश रामचन्द्र वानखेड़े (23), राधेशाम हरिराम प्रजापति (35), इंदरजीत कौर करनैलसिंह विरका (60) और कल्पेश अग्रवाल (29) को गिरफ्तार किया है.
इन अधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई
पुणे पुलिस आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, हडपसर पुलिस स्टेशन से संबद्ध वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय मोगले, सहायक पुलिस निरीक्षक हसीना सिकलगार और उप-निरीक्षक हसन मुलानी को हडपसर क्षेत्र में नकली शराब की अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने में विफल रहने के लिए निलंबित कर दिया गया है. वहीं, पिंपरी चिंचवड पुलिस के छह अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गया है, जिनमें दापोडी पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ निरीक्षक, एक उप-निरीक्षक और चार कांस्टेबल शामिल हैं. अधीक्षक अतुल कनाडे ने बताया कि आबकारी विभाग ने तीन निरीक्षकों, छह उप-निरीक्षकों और चार कर्मचारियों सहित 13 कर्मियों को निलंबित किया है.
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News Source: PTI
