Home Latest News & Updates ‘घुसपैठियों की पहचान …’, भारत-पाक बॉर्डर के जिला क्षेत्र में क्या बोले गृह मंत्री अमित शाह?

‘घुसपैठियों की पहचान …’, भारत-पाक बॉर्डर के जिला क्षेत्र में क्या बोले गृह मंत्री अमित शाह?

by Amit Dubey 30 May 2026, 5:37 PM IST
30 May 2026, 5:37 PM IST
Amit Shah

Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बॉर्डर वाले जिलों में जनसांख्यिकीय परिवर्तन (Demographic Changes) को बहुत ही गंभीर मामला बताया है. उन्होंने यह बात गुजरात में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से सटे जिलों और क्षेत्रों का दौरा करने के दौरान कही. न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमित शाह ने शुक्रवार को भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित गुजरात के कच्छ जिले के भुज में एक सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. इस दौरान उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों के प्रशासन को मौजूदा घुसपैठियों की पहचान सुनिश्चित करने और ड्रोन और नशीले पदार्थों से संबंधित खतरों पर नजर रखने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को तैयार करना चाहिए.

जनसांख्यिकीय परिवर्तन सबसे गंभीर चुनौती- शाह

शनिवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सीमावर्ती जिलों में जनसांख्यिकीय परिवर्तन सबसे गंभीर चुनौती पेश करते हैं. जिला मजिस्ट्रेटों को ऐसे घटनाक्रमों की कड़ी निगरानी और नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करनी चाहिए. समीक्षा बैठक में शाह ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ 0 से 15 किलोमीटर के दायरे में अनधिकृत अतिक्रमण के प्रति शून्य-सहिष्णुता का दृष्टिकोण अपनाने और सीमावर्ती क्षेत्रों में कट्टरपंथ के केंद्रों पर कड़ी नजर रखने की आवश्यकता पर जोर दिया.

अमित शाह ने और क्या कहा?

शाह ने कहा कि सीमा पर बाड़बंदी, समुद्री सीमा सुरक्षा और राज्य सरकार की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति ने गुजरात के सुरक्षा परिदृश्य में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाया है. इसका नतीजा यह हुआ कि बॉर्डर पर घुसपैठ और तस्करी पूरी तरह से बंद हो गई है. उन्होंने यह भी आह्वान किया कि कच्छ की अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) से निकटता को देखते हुए तटीय सुरक्षा को प्राथमिकता देना और भारतीय तटरक्षक बल के साथ प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करना आवश्यक है. शाह ने कहा कि ‘जीवंत गांव’ पहल के साथ-साथ, केंद्र और राज्य सरकार दोनों की हर योजना की 100 प्रतिशत पहुंच सीमावर्ती गांवों में सुनिश्चित की जानी चाहिए.

बता दें कि शुक्रवार को हुई इस बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ कच्छ, वाव-थराद और पाटन जिलों के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक भी उपस्थित थे.

उच्च स्तरीय समिति के गठन की घोषणा

बता दें कि इस सप्ताह की शुरुआत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने “अवैध आप्रवासन और अन्य अप्राकृतिक कारणों” से पूरे भारत में होने वाले जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का आकलन करने और इस मुद्दे से निपटने के उपायों का सुझाव देने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति के गठन की घोषणा की थी.

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News Source: PTI

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