Home Top News विपक्ष की रैली के जवाब में बीजेपी का ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’, 1984 दंगों की याद में बांधी काली पट्टी

विपक्ष की रैली के जवाब में बीजेपी का ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’, 1984 दंगों की याद में बांधी काली पट्टी

by Neha Singh 1 November 2026, 2:38 PM IST (Updated 1 November 2026, 2:41 PM IST)
1 November 2026, 2:38 PM IST (Updated 1 November 2026, 2:41 PM IST)
BJP Loktantra Bachao March

BJP Loktantra Bachao March: दिल्ली में आज सत्ताधारी बीजेपी और विपक्ष के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल रहा है. दोनों ही एक-दूसरे के खिलाफ रैली और मार्च निकाल रहे हैं. विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ रामलीला मैदान में एक बड़ा ‘चलो दिल्ली रामलीला मार्च’ निकाल रहा है. वहीं दूसरी ओर बीजेपी भी जवाब में पश्चिमी दिल्ली में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च निकाल रही है. यह मार्च 1984 के सिख-विरोधी दंगों की याद में है. बीजेपी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वे हिंसा की बरसी के दिन एक राजनीतिक रैली कर रहे हैं.

काली पट्टी पहनकर मार्च निकाल रहे बीजेपी नेता

 यह मार्च हरि नगर बस डिपो से शुरू होकर तिलक नगर मेट्रो स्टेशन तक जाएगा. इसका नेतृत्व केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, सीएम रेखा गुप्ता, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष, राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, सरदार एच.एस. फूलका, मनजिंदर सिंह सिरसा और सांसद बांसुरी स्वराज कर रहे हैं. 1984 के सिख-विरोधी दंगों के दौरान मारे गए सिखों की याद में, इन नेताओं ने अपने सिर पर काली पट्टियां बांधी हैं. हरदीप सिंह पुरी ने कहा, “…दिल्ली में 2,733 लोग मारे गए थे. जो हुआ, उसके लिए ‘दंगा’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन सही शब्द ‘नरसंहार’ है. दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा था कि यह मानवता के खिलाफ अपराध था… कांग्रेस के लोगों को इस मुद्दे पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है. अगर उन्हें कोई तारीख चुननी ही थी, तो क्या वह 1 नवंबर ही होनी थी?…”

1 नवंबर की तारीख पर बवाल

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कहती हैं, “भारत का सिख समुदाय आज उन लोगों से पूछ रहा है जो अपनी जेब में संविधान की कॉपी रखते हैं और लोकतंत्र की दुहाई देते हैं: नवंबर 1984 में जो हुआ, उसका क्या? क्या वह लोकतंत्र की हत्या नहीं थी, एक ऐसी हत्या जिसे खुद गांधी परिवार ने अंजाम दिया था? और ऐसा सिर्फ एक बार नहीं हुआ; गांधी परिवार ने बार-बार लोकतंत्र की हत्या की है. इंदिरा गांधी ने 1975 में ऐसा किया, राजीव गांधी ने 1984 में किया और आज राहुल गांधी यही कर रहे हैं. वे चुनी हुई सरकारों को चुनौती देकर ऐसा करते हैं. आज देश में अराजकता फैलाने वाले यही लोग हैं. कांग्रेस द्वारा प्रायोजित उस नरसंहार में अपने अपनों को खोने वाले हजारों सिख परिवार आज भी खून के आंसू रो रहे हैं… लेकिन उन्हें कभी न्याय नहीं मिला. क्या गांधी परिवार ने कभी उनके बारे में एक शब्द भी कहा है? आज के दिन को चुनकर, उन्होंने एक बार फिर एक जघन्य अपराध किया है, ठीक वैसा ही जैसा उन्होंने 1984 में किया था…”

रोहतक में मार्च निकाल रहे नितिन नवीन

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन रोहतक में अलग मार्च निकाल रहे हैं. नितिन नवीन कहते हैं “…जब हम इस ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च में शामिल हो रहे हैं, तो हमें उस अराजकता और अस्थिरता के माहौल पर भी बात करनी चाहिए जिसे जानबूझकर पूरे देश में फैलाया जा रहा है… राहुल गांधी विदेशी ताकतों के इशारे पर काम कर रहे हैं और उनके एजेंडे को आगे बढ़ाने का जरिया बने हुए हैं. वे इन विदेशी ताकतों के निर्देशों पर हमारे देश के लोकतंत्र को चुनौती देना चाहते हैं… ये वही अराजकता फैलाने वाले लोग हैं जो हाल ही में विदेशों में भी फूट डालने का काम कर रहे थे. इनके साथी, कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य और कांग्रेस के कुछ नेता ‘सत्ता बदलने’ की बात करते हैं. लेकिन यह सरकार जनता के जनादेश से बनी है; कोई भी इसे छू तक नहीं सकता.”

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News Source: ANI

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