Home Latest News & Updates दिवाली पर गुजरात सरकार का बड़ा फैसला : 143 कैदियों को मिलेगी पैरोल, परिवार संग मना सकेंगे त्योहार

दिवाली पर गुजरात सरकार का बड़ा फैसला : 143 कैदियों को मिलेगी पैरोल, परिवार संग मना सकेंगे त्योहार

by Nikul Patel 1 November 2026, 1:36 PM IST (Updated 1 November 2026, 1:39 PM IST)
1 November 2026, 1:36 PM IST (Updated 1 November 2026, 1:39 PM IST)
दिवाली पर गुजरात सरकार का बड़ा फैसला: 143 कैदियों को मिलेगी 15 दिन की पैरोल, परिवार के साथ मना सकेंगे त्योहार

Gujarat News: गुजरात सरकार ने दिवाली के त्योहार को देखते हुए जेलों में सजा काट रहे कैदियों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है. राज्य सरकार ने पात्रता रखने वाले कुल 143 कैदियों को 15 दिन की दिवाली पैरोल मंजूर की है. इस फैसले के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के 103 पुरुष कैदियों और 40 महिला कैदियों को अपने परिवार के साथ दिवाली मनाने का अवसर मिलेगा. ये सभी कैदी धनतेरस यानी 6 नवंबर से 15 दिनों के लिए पैरोल पर जेल से बाहर आ सकेंगे. राज्य सरकार का यह निर्णय जेल सुधार और कैदी कल्याण की नीति के तहत लिया गया है.

सामाजिक और पारिवारिक जीवन से जुड़ने का मिलेगा अवसर

सरकार का उद्देश्य है कि जेल में सजा काट रहे पात्र कैदियों को भी सामाजिक और पारिवारिक जीवन से जुड़ने का अवसर मिले. दिवाली जैसे बड़े त्योहार पर कैदी अपने परिवार के बीच रहकर खुशियां मना सकें और अपनों के साथ समय बिता सकें. गुजरात में कैदियों को दिवाली के अवसर पर 15 दिनों की पैरोल देने की व्यवस्था वर्ष 2003 से लागू है. राज्य सरकार हर साल निर्धारित नियमों और पात्रता के आधार पर कैदियों को यह राहत देती है. इस व्यवस्था में पात्र महिला कैदियों और 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुष कैदियों को शामिल किया जाता है. इस साल भी इसी नीति के तहत सरकार ने 143 कैदियों को पैरोल देने की मंजूरी दी है. इनमें 103 पुरुष और 40 महिला कैदी शामिल हैं.

गंभीर अपराधों में शामिल कैदियों को नहीं मिलेगा लाभ

सभी पात्र कैदियों को 6 नवंबर से 15 दिनों तक अपने परिवार के साथ रहने का मौका मिलेगा. जेल डीजीपी डॉ. केएलएन राव के अनुसार, दिवाली पैरोल का लाभ सभी कैदियों को नहीं दिया जाता है. इसके लिए सरकार की ओर से निर्धारित नियम और पात्रता की शर्तें लागू हैं. गंभीर अपराधों में शामिल कैदियों को इस सुविधा से बाहर रखा गया है. नियमों के मुताबिक, जिन कैदियों की हाईकोर्ट में अपील लंबित है, एनआरआई कैदी और दूसरे राज्यों के निवासी कैदी इस पैरोल के पात्र नहीं होंगे. इसके अलावा NDPS एक्ट, TADA और POTA के तहत सजा काट रहे कैदियों को भी यह लाभ नहीं दिया जाएगा. आतंकवादी गतिविधियों या राज्य की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में शामिल कैदियों को भी पैरोल नहीं मिलेगी.

इन कैदियों को भी पैरोल का लाभ नहीं

एक से अधिक अपराधों में सजा पाए कैदियों के साथ-साथ दुष्कर्म, अपहरण, लूट, डकैती, चोरी और जबरन वसूली जैसे गंभीर सामाजिक अपराधों में शामिल कैदियों को भी इस सुविधा से बाहर रखा गया है. जिन कैदियों पर प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं, उन्हें भी दिवाली पैरोल का लाभ नहीं मिलेगा. सरकार का मानना है कि जेल सुधार केवल सजा देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि कैदियों के पुनर्वास और सामाजिक जुड़ाव को भी महत्व दिया जाना चाहिए. परिवार के साथ समय बिताने का अवसर कैदियों के मानसिक और सामाजिक जीवन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. कुल मिलाकर, गुजरात सरकार के इस फैसले से राज्य की विभिन्न जेलों में बंद 143 पात्र कैदियों को दिवाली के अवसर पर अपने परिवार के बीच रहने और त्योहार मनाने का अवसर मिलेगा. हालांकि, पैरोल का लाभ निर्धारित नियमों और शर्तों के अधीन ही दिया जाएगा.

सीताफल का बीज बना 3 साल की मासूम के लिए जानलेवा! सांस की नली में फंसी गुठली को डॉक्टरों ने निकाला

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?