JE suspension: क्या महज 120 सेकंड की लापरवाही किसी की नौकरी पर भारी पड़ सकती है? तमिलनाडु के प्रसिद्ध मीनाक्षी सुंदरेश्वर मंदिर में कुछ ऐसा ही देखने को मिला है, जहां सिर्फ दो मिनट के लिए बत्ती गुल होने पर एक जूनियर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया गया. घटना 30 अक्टूबर की है, जब देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे. सब कुछ योजना के अनुसार चल रहा था. वीआईपी दौरा संपन्न हुआ और उपराष्ट्रपति ईस्ट चिथिराई स्ट्रीट पर मीडियाकर्मियों से मुखातिब हुए. ठीक उसी वक्त अचानक मंदिर परिसर में अंधेरा छा गया.
राज्य सरकार और मंदिर प्रशासन की हुई बदनामी
यह ब्लैकआउट महज दो मिनट का था, लेकिन सुरक्षा और व्यवस्था के लिहाज से इन दो मिनटों ने हड़कंप मचा दिया. प्रशासन ने इस दो मिनट के अंधेरे को बेहद गंभीरता से लिया. मंदिर बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की प्रमुख आर. रुक्मणी के हस्ताक्षर वाले आदेश के मुताबिक, जूनियर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर एस. जानकीरमन को 31 अक्टूबर को निलंबित कर दिया गया. यह सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई ‘हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम, 1959’ की धारा 56 (1) के तहत की गई है. प्रशासन के नोटिस में कहा गया है कि एक महत्वपूर्ण VVIP दौरे के दौरान भारी लापरवाही बरती गई. इसमें यह भी कहा गया है कि इस अधिकारी के कृत्य से राज्य सरकार और मंदिर प्रशासन, दोनों की बदनामी हुई है.
15 दिनों के भीतर मांगा जवाब
जानकीरमन को निर्देश दिया गया है कि वे इस चूक के लिए 15 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण दें. यदि वे तय समय सीमा के भीतर जवाब नहीं देते हैं, तो उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी. निलंबन आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि वे इन आरोपों को चुनौती देना चाहते हैं, तो उनके पास संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपील दायर करने के लिए 30 दिन का समय है. राज्य के बिजली ढांचे का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि देवी जानबूझकर देश को दिखा रही थीं कि तमिलनाडु में बिजली कटौती की असल स्थिति क्या है.
AIADMK ने प्रशासन पर कसा तंज
AIADMK ने प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा कि ठीक एक दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी के दौरे के दौरान भी मंदिर में इसी तरह बिजली गुल हुई थी. तमिलनाडु के बिजली मंत्री आर. निर्मल कुमार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यह कोई ग्रिड फेलियर नहीं था, बल्कि एक तकनीकी खराबी थी. यह खराबी तब आई जब VIP दौरे के लिए मंदिर की बिजली आपूर्ति को एहतियात के तौर पर जनरेटर पर शिफ्ट किया जा रहा था और इसी दौरान स्थानीय सबस्टेशन में तकनीकी दिक्कत आ गई.
