Home Latest News & Updates ‘कांग्रेस एक ‘फेल प्रोडक्ट’ को लॉन्च कर रही…’ BJP ने साधा राहुल गांधी पर निशाना; कहा- वे मतिभ्रम के शिकार

‘कांग्रेस एक ‘फेल प्रोडक्ट’ को लॉन्च कर रही…’ BJP ने साधा राहुल गांधी पर निशाना; कहा- वे मतिभ्रम के शिकार

by Sachin Kumar 23 October 2026, 12:13 PM IST (Updated 23 October 2026, 12:20 PM IST)
23 October 2026, 12:13 PM IST (Updated 23 October 2026, 12:20 PM IST)
BJP targets Rahul Gandhi

BJP Press Conference: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है. उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस चुनाव में कांग्रेस 50 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी थी. इसके अलावा, बीजेपी ने राहुल गांधी को मतिभ्रम का शिकार बताते हुए उन पर तंज कसा. पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ऐसे नेता के पीछे चल रही है, जो वास्तविकता से दूर है.

राहुल का ट्रैक रिकॉर्ड समस्याओं से भरा

बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ट्रैक रिकॉर्ड शानदार और उपलब्धियों से भरा रहा है. वहीं, राहुल गांधी का ट्रैक रिकॉर्ड कांग्रेस पार्टी के लिए समस्याओं से भरा रहा है. जैसा कि प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने बार-बार एक ‘फेल प्रोडक्ट’ को लॉन्च करने की कोशिश करके न केवल अपना भविष्य, बल्कि देश की संवैधानिक व्यवस्था को भी दांव पर लगा दिया है.

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राहुल गांधी एक ‘फेल प्रोडक्ट’

भाजपा सांसद ने कहा कि मैं इस दावे के समर्थन में तथ्य और सबूत पेश करूंगा कि वह (राहुल गांधी) एक ‘फेल प्रोडक्ट’ हैं. हमारी पीढ़ी के लोगों को शायद याद हो, बाकी लोगों ने इसके बारे में पढ़ा हो कि उन्हें दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज में एक राष्ट्रीय स्तर के तीरंदाज और निशानेबाज (शूटर) के तौर पर दाखिला मिला था. इसके बाद वह अपने निशाने चूकते रहे और देश ने शूटिंग में उनकी कोई खास उपलब्धि कभी नहीं देखी. यह उनकी पहली विफलता थी. फिर अपने परिवार की परंपरा का पालन करते हुए वह उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड चले गए. 1996 से 1999 के बीच उन्होंने ‘मॉनिटर’ नाम की एक ब्रिटिश कंपनी के लिए काम किया और बाद में वह बंद हो गई. इसके बाद वह ‘बैकऑप्स’ नाम की एक दूसरी ब्रिटिश कंपनी में पार्टनर बने और 2003 से 2009 तक उसके डायरेक्टर रहे. फिर वह भी बंद हो गई.

2014 में 50 सीटों से भी नी कांग्रेस

दूसरी ओर, सुधांशु त्रिवेदी यह भी कहते हैं कि आपको याद होगा कि राहुल गांधी ने खुद को स्थापित करने के लिए एक और प्रयोग किया था. कांग्रेस पार्टी ने घोषणा की थी कि उम्मीदवारों का चयन चुनाव के जरिए होगा और पार्टी के भीतर आंतरिक चुनाव कराए जाएंगे. इसके लिए 16 निर्वाचन क्षेत्रों को चुना गया था, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला. वह प्रयोग भी विफल रहा. इसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि परिवारवाद की राजनीति खत्म की जाएगी और उन्होंने यह मशहूर बात कही कि ‘हम राजनीतिक परिवारों के बेटे-बेटियों को तरजीह देने की प्रथा से दूर हटेंगे. आज कांग्रेस पार्टी के इतिहास में पहली बार नेहरू-गांधी परिवार के तीन सदस्य (मां, बेटा और बेटी) संसद में हैं. 2014 में पार्टी ने अपनी संचार रणनीति को बेहतर बनाने की कोशिश की, लेकिन वह प्रयास भी नाकाम रहा. एक और प्रयोग के तहत उन्हें एक युवा नेता के रूप में पेश करने की कोशिश की गई.

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