Home Top News गंभीर चेतावनी : जहरीली हवा से खतरे में बचपन, बच्चों के फेफड़े और ब्रेन पर हो रहा सीधा हमला

गंभीर चेतावनी : जहरीली हवा से खतरे में बचपन, बच्चों के फेफड़े और ब्रेन पर हो रहा सीधा हमला

by Sanjay Kumar Srivastava 22 October 2026, 4:28 PM IST (Updated 22 October 2026, 4:29 PM IST)
22 October 2026, 4:28 PM IST (Updated 22 October 2026, 4:29 PM IST)
गंभीर चेतावनी : जहरीली हवा से खतरे में मासूमों का भविष्य, बच्चों के फेफड़े और मस्तिष्क पर हो रहा सीधा हमला

Air Pollution: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने उत्तर भारत में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर शिशुओं और बच्चों के जीवन पर गंभीर खतरे की बड़ी चेतावनी दी है. डॉ. स्वामीनाथन के मुताबिक, प्रदूषित हवा बच्चों के लिए एक साइलेंट किलर साबित हो रही है, जो उनके भविष्य को अंधकार में धकेल रही है. शिशु और बच्चे इस जहरीली हवा के प्रति सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं क्योंकि उनके फेफड़े, दिमाग, दिल और रक्त वाहिकाएं अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुई होती हैं. यह प्रदूषण न सिर्फ बच्चों के फेफड़ों के विकास को हमेशा के लिए रोक रहा है, बल्कि उनके मस्तिष्क पर सीधा हमला कर सीखने और समझने की क्षमता (आईक्यू) को भी प्रभावित कर रहा है.

खतरनाक स्तर पर पहुंचा AQI

उत्तर भारत का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है, जो बच्चों में अस्थमा, दिल की बीमारियां और मानसिक विकास में रुकावट जैसी जानलेवा स्थितियां पैदा कर रहा है. स्थिति अब केवल एक स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि बच्चों के अस्तित्व और जीवन के अधिकार पर एक बड़ा संकट बन चुकी है. पार्टिकुलेट मैटर (PM) के संपर्क में आने के खतरों पर जोर देते हुए डॉ. स्वामीनाथन ने कहा कि 24 घंटे के दौरान 22 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर की दर से PM (पार्टिकुलेट मैटर) सांस के जरिए अंदर लेना, एक सिगरेट पीने के बराबर माना जाता है. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब गुरुवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता खराब (Poor) श्रेणी में बनी हुई है.

पटपड़गंज में AQI 298

सरकारी AQI डैशबोर्ड के अनुसार, सुबह 10:31 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 299 दर्ज किया गया. वहीं, निजी एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म IQAir ने सुबह 9:30 बजे AQI 242 दर्ज किया. राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी ऊंचा बना रहा. पटपड़गंज में AQI 298, ITO में 280, डिफेंस कॉलोनी में 261, आनंद विहार और अक्षरधाम में 237-237, रोहिणी में 226, शाहदरा में 225 और देवली में 203 दर्ज किया गया. हवा की गुणवत्ता खराब होने के बीच कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने दिल्ली-NCR में तुरंत प्रभाव से ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (GRAP) के पहले चरण (Stage I) को लागू कर दिया है.

दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण का पहला चरण लागू

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अनुसार, दिल्ली का औसत दैनिक AQI 20 अक्टूबर को 179 था, जो 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे बढ़कर 244 हो गया. इसके चलते अधिकारियों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रदूषण नियंत्रण उपायों का पहला चरण लागू करना पड़ा. CAQM ने बताया कि यह फैसला हवा की गुणवत्ता की स्थिति की समीक्षा और भारतीय मौसम विभाग (IMD) तथा ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेटियोरोलॉजी’ के पूर्वानुमानों के आधार पर लिया गया है. इन पूर्वानुमानों से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में दिल्ली का AQI खराब (Poor) श्रेणी में रहने की संभावना है.

लखनऊ में प्रमुख सड़कों पर हो रहा पानी का छिड़काव

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के वर्गीकरण के अनुसार, 201 से 300 के बीच का AQI खराब (Poor) श्रेणी में आता है, जबकि 301 से 400 के बीच की रीडिंग को ‘बहुत खराब’ (Very Poor) माना जाता है. इस बीच, लखनऊ में भी अधिकारियों ने प्रदूषण को कम करने के लिए कदम उठाए हैं. नगर निगम की ओर से प्रमुख सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है. CPCB के अनुसार, शहर के लालबाग इलाके में AQI 223 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ (Poor) श्रेणी में आता है.

दिल्ली में सर्दियों से पहले ही प्रदूषण कंट्रोल की तैयारी, इन वाहनों की एंट्री पर लगेगा बैन, दोगुनी होगी पार्किंग फीस

News Source: ANI

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?