Budget session of Parliament: संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार (9 मार्च) से शुरू हो रहा है. पहले ही दिन लोकसभा में जोरदार हंगामे के आसार हैं.
Budget session of Parliament: संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार (9 मार्च) से शुरू हो रहा है. पहले ही दिन लोकसभा में जोरदार हंगामे के आसार हैं. विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा कराने जा रहा है. इस प्रस्ताव को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है. पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के भी प्रमुखता से उठने की संभावना है क्योंकि विपक्ष पहले से ही ईरान के प्रति अपने रुख, भारत की रूसी तेल खरीद पर अमेरिकी छूट सहित अन्य मुद्दों पर सरकार पर हमला कर रहा है. लगभग 60 लाख वोटों के हटाए जाने का असर संसदीय कार्यवाही पर भी पड़ सकता है. ओम बिड़ला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव कई विपक्षी नेताओं द्वारा दिया गया था.
बिरला पर पक्षपात का आरोप
विपक्ष ने आरोप लगाया था कि बिरला ने सदन में पक्षपातपूर्ण तरीके से काम किया था. विपक्ष ने स्पीकर पर कांग्रेस सदस्यों के खिलाफ कुछ झूठे दावे करने का भी आरोप लगाया था, जब स्पीकर ने लोकसभा में कुछ अप्रत्याशित कार्रवाई की बात कही थी और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में बहस का जवाब देने के लिए सदन में नहीं आने के लिए कहा था. बिरला ने प्रस्ताव प्रस्तुत करने की तारीख से खुद को सदन की कार्यवाही से अलग कर लिया था. नोटिस में लोकसभा सचिवालय ने कहा है कि वह एजेंडे के निपटारे के बाद ही लौटेंगे. शनिवार को प्रधान मंत्री मोदी ने बिरला का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने सभी सांसदों को साथ लिया है. संविधान और संसदीय लोकतंत्र के सिद्धांतों के लिए प्रतिबद्ध हैं. अविश्वास नोटिस के अलावा ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति में व्यवधान और कीमतों में वृद्धि भी सत्र के दौरान आने की संभावना है.
सांसदों को जारी किए गए व्हिप
माना जा रहा है कि विपक्ष इस मामले पर सरकार की नीति पर सवाल उठा सकता है. टीएमसी सांसद सदन में एसआईआर मामले पर हंगामा बढ़ाने के लिए तैयार हैं, जबकि भाजपा शनिवार को पश्चिम बंगाल की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रोटोकॉल उल्लंघन का मुद्दा उठा सकती है. बजट सत्र के शेष भाग में बिजली संशोधन विधेयक को भी पेश करने की उम्मीद है. बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए सत्तारूढ़ भाजपा और प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने अपने-अपने लोकसभा सांसदों को सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है. संख्या बल सरकार के पक्ष में है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि प्रस्ताव गिर जाए. कांग्रेस ने 118 सांसदों द्वारा दिए गए नोटिस पर बहस का आह्वान किया है. तृणमूल कांग्रेस ने भी कहा है कि वह बिरला के खिलाफ प्रस्ताव का समर्थन करेगी.
ये भी पढ़ेंः पिता का विजन, पुत्र का मिशन: जदयू दफ्तर में गूंजा निशांत- निशांत, बिहार को दी अंडरग्राउंड सुरंग की सौगात
News Source: Press Trust of India (PTI)
