Home Top News इमरजेंसी की आलोचना, योग दिवस पर चर्चा, पीएम मोदी ने मन की बात के 123वें एपिसोड में क्या कहा?

इमरजेंसी की आलोचना, योग दिवस पर चर्चा, पीएम मोदी ने मन की बात के 123वें एपिसोड में क्या कहा?

by Rishi 29 June 2025, 12:43 PM IST
29 June 2025, 12:43 PM IST
Prime Minister Modi addressed the 123th episode of Mann Ki Baat

Mann Ki Baat: पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के बारे में कहा कि हमारे द्वारा शुरु किया गया ये कार्यक्रम लगातार भव्य होता जा रहा है.

Mann Ki Baat: पीएम मोदी ने आज (29 जून 2025) को 123वीं बार मन की बात कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया. जहां उनका जोर योग दिवस और स्वास्थ्य पर रहा. इसके अलावा पीएम मोदी ने धार्मिक यात्राओं को लेकर भी बात कही. ये कार्यक्रम 22 भाषाओं में प्रसारित किया जाता है. 123वें एपिसोड में पीएम मोदी ने आपातकाल के समय को याद किया और इसकी आलोचना भी की, उन्होंने कहा कि इंदिरा की तानाशाही इमरजेंसी के दौरान लड़ने वालों को हमेशा याद रखा जाएगा. सेहत पर बात करते हुए पीएम मोदी ने देश वालों से अपील की कि 10 फीसदी खाने में तेल में कमी करने की जरूरत है.

योग दिवस कार्यक्रम लगातार भव्य हो रहा

पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के बारे में कहा कि हमारे द्वारा शुरु किया गया ये कार्यक्रम लगातार भव्य होता जा रहा है. इसके साथ ही पीएम मोदी ने कैलाश पर्वत के बारे में भी बात की और तीर्थ यात्रियों की सहायता करने वालों की भी जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि अमरनाथ जी की यात्रा 3 जुलाई से शुरु हो रही है. जो भी लोग यात्रा पर जाने वाले हैं उन्हें शुभकामनाएं भी दी हैं.

WHO ने भारत को ट्रैकोमा मुक्त घोषित किया

भारत को इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइजेशन (ILO) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए सराहा है. WHO ने भारत को ट्रैकोमा मुक्त घोषित किया, जो कभी आंखों की गंभीर बीमारी थी और अंधापन का कारण बनती थी. भारत सरकार ने न केवल इस बीमारी को खत्म किया, बल्कि इसके कारणों को भी जड़ से उखाड़ा. इसके अलावा, ILO की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 64% लोग अब सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं, जो 2014 की तुलना में बड़ा सुधार है.

आपातकाल में अभिव्यक्ति की आजादी छीन ली गई थी

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में आपातकाल के दमनकारी समय को याद करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी छीन ली गई थी, लेकिन जनता ने हार नहीं मानी और आपातकाल लगाने वाले चुनाव हार गए. उन्होंने आपातकाल का विरोध करने वालों को याद करने और संविधान की रक्षा की प्रेरणा लेने की बात कही. साथ ही, उन्होंने अमरनाथ यात्रा, जगन्नाथ रथ यात्रा और बोरोलैंड के फुटबॉल टूर्नामेंट का जिक्र किया, जहां हजारों टीमें हिस्सा ले रही हैं, जो दर्शाता है कि बोरोलैंड अब संघर्ष से निकलकर मुख्यधारा में शामिल हो रहा है.

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