Domestic Flight Reduction: देश में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले महीने महंगे साबित हो सकते हैं. देश की दो प्रमुख विमानन कंपनियां- इंडिगो और एयर इंडिया ने अगले तीन महीनों के दौरान घरेलू उड़ानों की संख्या में कटौती करने का फैसला किया है. विमानन क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि इस कदम का सीधा असर यात्रियों पर पड़ेगा और कई मार्गों पर हवाई टिकटों की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. जानकारी के मुताबिक विमान ईंधन की बढ़ती कीमतें और कुछ मार्गों पर यात्रा की मांग में आई नरमी के कारण कंपनियां अपनी परिचालन रणनीति में बदलाव कर रही हैं. उड़ानों की संख्या कम होने से यात्रियों के पास टिकट बुक करने के विकल्प सीमित हो जाएंगे. खासतौर पर व्यस्त मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को समय पर टिकट मिलने में परेशानी हो सकती है और उन्हें अधिक किराया भी चुकाना पड़ सकता है.
कम यात्रियों वाले मार्गों पर होगी कटौती
विशेषज्ञों का कहना है कि विमान ईंधन किसी भी एयरलाइन की कुल परिचालन लागत का बड़ा हिस्सा होता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर विमान ईंधन पर पड़ता है. ऐसे में कंपनियों की लागत बढ़ने पर वे उड़ानों की संख्या कम करने या किराए में बढ़ोतरी जैसे कदम उठाने को मजबूर हो जाती हैं. एविएशन एक्सपर्ट सुभाष गोयल के अनुसार, विमानन कंपनियां उन मार्गों पर उड़ानों में कटौती कर रही हैं जहां यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है. उनका कहना है कि यदि ईंधन की कीमतों में राहत मिलती है और यात्रियों की मांग फिर से बढ़ती है तो कंपनियां अपनी क्षमता बढ़ा सकती हैं. लेकिन फिलहाल सीमित उड़ानों का असर यात्रियों को महसूस करना पड़ सकता है.

पहले से प्लान करें यात्रा
ट्रैवल एजेंटों का भी मानना है कि गर्मी की छुट्टियों और त्योहारी सीजन के दौरान उड़ानों की संख्या कम होने से टिकटों की मांग और कीमत दोनों बढ़ सकती हैं. ऐसे समय में यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाकर टिकट बुक करना अधिक फायदेमंद रहेगा. नियमित रूप से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों ने भी चिंता जताई है. उनका कहना है कि पिछले कुछ समय में हवाई किराए में पहले ही बढ़ोतरी देखने को मिली है. अब यदि उड़ानों की संख्या कम होती है तो अचानक यात्रा की स्थिति में उन्हें और अधिक किराया चुकाना पड़ सकता है. कई यात्रियों का मानना है कि एयरलाइंस को लागत और यात्रियों की सुविधा के बीच संतुलन बनाए रखना चाहिए.
पर्यटन क्षेत्र पर पड़ेगा असर
उड़ानों में कटौती का असर केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा. ट्रैवल और पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि हवाई यात्रा महंगी होती है तो इसका असर पर्यटन क्षेत्र पर भी पड़ सकता है. बढ़ते किराए के कारण कई लोग अपनी यात्रा टाल सकते हैं या दूसरे परिवहन विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल यात्रियों के लिए सबसे बेहतर विकल्प यही है कि वे अपनी यात्रा की तारीख तय होते ही टिकट बुक कर लें. इससे उन्हें बेहतर किराया मिलने की संभावना रहेगी और सीमित उड़ानों के बीच टिकट उपलब्धता की समस्या का सामना भी कम करना पड़ेगा.
खुशबू सिंह की रिपोर्ट
