Student Protest: बिहार में NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया. बिहार पुलिस ने बुधवार को छात्र नेताओं के ‘लोक भवन मार्च’ को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज किया. ये छात्र नेता NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. प्रदर्शनकारी CPI(ML) लिबरेशन से जुड़े संगठन ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (AISA) के बैनर तले जमा हुए थे. उन्हें गांधी मैदान के पास पुलिस की कार्रवाई का सामना करना पड़ा, जो गवर्नर हाउस से लगभग तीन किलोमीटर दूर है. CPI(ML) लिबरेशन के विधायक संदीप सौरभ, जो AISA के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव भी हैं, इस जुलूस का नेतृत्व कर रहे थे.
विधान परिषद में भी हंगामा
उन्होंने PTI वीडियो से कहा कि हम मोदी सरकार को होश में लाने के लिए सड़कों पर उतरे हैं. हमारी मांग है कि जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों को बेरहमी से दबाए जाने के बाद न सिर्फ प्रधान बल्कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस्तीफा दें, क्योंकि दिल्ली पुलिस ने उनके ही निर्देशों पर कार्रवाई की थी. जब सदन दोपहर के भोजन के बाद सत्र के लिए इकट्ठा हुआ तो इस मुद्दे ने राज्य विधान परिषद में भी हंगामा मचाया. राजद एमएलसी सुनील कुमार सिंह अपनी सीट पर खड़े होकर क्रूर पुलिस कार्रवाई पर दुख व्यक्त करने लगे. जल्द ही अन्य विपक्षी सदस्य भी खड़े हो गए. कुछ मिनटों तक चली तीखी नोकझोंक के बाद पूरे विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया.
कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता भिड़े
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को भी नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना धरना जारी रखा. उधर, पटना में कांग्रेस मुख्यालय के सामने बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन किया. इस दौरान उनकी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से झड़प हुई. बुधवार को यहां बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई हो गई. यह तब हुआ जब सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के नेतृत्व वाले विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए एक जुलूस निकाला. राज्य अध्यक्ष संजय सरावगी के नेतृत्व में बीजेपी का मार्च सदाकत आश्रम स्थित बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी (BPCC) मुख्यालय के गेट तक पहुंचा. पार्टी कार्यकर्ताओं के हाथों में पोस्टर और बैनर थे, जिनमें गांधी और कांग्रेस पार्टी पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया गया था.
बांस की लाठियां लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जब बीजेपी के जुलूस का सामना किया, तो पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा और दोनों पक्षों के बीच झड़प हो गई. दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए. गौरतलब है कि यह घटना दिल्ली में हुई घटनाओं के एक दिन बाद हुई, जहां राहुल गांधी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महासचिव प्रियंका वाड्रा और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव समेत अन्य नेताओं के साथ प्रधानमंत्री आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) का घेराव किया था.
अमित शाह का भी मांगा इस्तीफा
विपक्ष के नेता सोमवार को CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) समर्थकों के साथ हुई बर्बर कार्रवाई के खिलाफ लामबंद थे और उन्होंने NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की CJP की मांग का समर्थन किया था. विपक्ष के नेताओं, जिन्हें दोपहर में हिरासत में लिया गया और देर शाम छोड़ दिया गया, ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की भी मांग की. उनका आरोप था कि दिल्ली पुलिस उनके निर्देशों पर काम कर रही थी. मंगलवार देर शाम बिहार में कांग्रेस नेता राज्य अध्यक्ष राजेश राम ने कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस कार्रवाई पर अपना विरोध जताने के लिए लोक भवन के सामने धरना भी दिया.
PM आवास पर कांग्रेस का प्रदर्शन! पुलिस हिरासत में लिए गए राहुल-अखिलेश; बस में ले जाया गया
News Source: PTI
