Best Tourist Places in Uttar Pradesh: किसी ने सही कहा है कि अगर आप भारत को समझना चाहते हैं, तो उत्तर प्रदेश घूम आइए. यहां आपको इतिहास की किताबें भी मिलेंगी, पुराणों की कहानियां भी, मुगलकाल की शानदार इमारतें भी और मॉर्डन भारत की बदलती तस्वीर भी. ये वो स्टेट है जहां हर कुछ किलोमीटर पर भाषा का लहजा बदल जाता है, खाने का स्वाद बदल जाता है और संस्कृति का रंग भी नया दिखाई देता है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश सिर्फ भारत का सबसे ज्यादा पॉपुलेशन वाला स्टेट नहीं है, बल्कि ये भारतीय सभ्यता और संस्कृति का सबसे बड़ा स्टेज भी है. यहां भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या है, भगवान कृष्ण की लीलाओं से जुड़ा मथुरा और वृंदावन है. वहीं, भगवान बुद्ध से जुड़ा सारनाथ और कुशीनगर भी है. दूसरी तरफ प्यार की निशानी ताजमहल भी यहीं पर है. यही वजह है कि उत्तर प्रदेश को अक्सर भारत का सांस्कृतिक दिल कहा जाता है. पिछले कुछ सालों में अयोध्या में बने राम मंदिर ने दुनिया भर के लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा है. लेकिन अगर आप सोचते हैं कि उत्तर प्रदेश सिर्फ अयोध्या तक ही है, तो आप अब तक इस राज्य की असली खूबसूरती को फील ही नहीं पाए. यहां का हर शहर अपने अंदर एक अलग दुनिया समेटे बैठा है. कहीं मंदिरों की घंटियां सुनाई देती हैं, कहीं नवाबों की कहानियां, कहीं जंगलों की खामोशी और कहीं घाटों पर गूंजते मंत्र. ऐसे में अगर आप अपनी फैमिली, फ्रेंड्स या फिर अकेले एक यादगार वेकेशन की प्लानिंग बना रहे हैं, तो उत्तर प्रदेश आपके लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन हो सकता है. यही वजह है कि, आज हम भी आपके लिए यूपी की उन जगहों की लिस्ट लेकर आए हैं, जो इस राज्य को भारत के सबसे दिलचस्प टूरिस्ट्स प्लेसेस में शामिल करती हैं.

वाराणसी
सबसे पहले बात करते हैं वाराणसी की. ये सिर्फ एक शहर नहीं बल्कि एक एक्सपीरियंस है. वाराणसी, काशी और बनारस, नाम अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन इस शहर की आत्मा एक ही है. कहा जाता है कि वाराणसी दुनिया का सबसे पुराना शहर है. यहां पहुंचते ही ऐसा फील होता है जैसे टाइम की स्पीड स्लो हो गई हो. वाराणसी की गलियों में इतिहास और आध्यात्म एक साथ सांस लेते हैं. गंगा नदीं के किनारे बने घाट, पतली-पतली गलियां, मंदिरों की घंटियां और हवा में घुली अगरबत्ती की खुशबू आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाती है. सुबह-सुबह जब सूरज की पहली किरण गंगा जी पर पड़ती है और नावें धीरे-धीरे नदी में आगे बढ़ती हैं, तब बनारस की खूबसूरती अपने पीक पर होती है. लेकिन असली मैजिक शाम को देखने को मिलता है. दशाश्वमेध घाट पर होने वाली गंगा आरती को देखने के लिए वहां हजारों लोग इकट्ठा होते हैं. दियों की रोशनी, मंत्रोच्चार और गंगा की लहरें मिलकर ऐसा सीन क्रिएट करती हैं जिसे देखकर कोई भी इमोशनल हो सकता है. लेकिन बनारस घूमना तब तक अधूरा रहता है, जब तक आप वहां की चाट, टमाटर चाट, कचौड़ी-सब्जी और मलाईदार लस्सी का स्वाद न चख लें. यहां का खाना भी उतना ही फेमस है, जितनी इसकी स्प्रिचुअल पहचान.

अयोध्या
वाराणसी से आगे बढ़ते हैं अयोध्या की तरफ. राम मंदिर बनने के बाद ये शहर देश के सबसे पॉपुलर टूरिस्ट स्पॉट्स में शामिल हो चुका है. आज अयोध्या में आपको ट्रेडिशन और मॉर्डनिटी का शानदार कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा. राम मंदिर बनने के बाद यहां हर साल जाने वाले लोगों की तादात लगातार बढ़ रही है. सरयू नदी के किनारे बसा ये शहर श्रद्धा और आस्था से भरा हुआ है. राम मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और राम की पैड़ी यहां का मेन अट्रैक्शन हैं. शाम के टाइम सरयू आरती देखने का एक्सपीरियंस ऐसा होता है जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है. नदी किनारे हजारों दीए जलते हैं. पूरा एनवायरमेंट किसी स्प्रिचुअल सेलिब्रेशन जैसा हो जाता है. ऐसे में अगर आप अब तक राम मंदिर के दर्शन नहीं कर पाएं हैं, तो वक्त निकालकर भारत की इस खूबसूरत विरासत का भी आनंद जरूर लें.

आगरा
अगर उत्तर प्रदेश की बात हो और आगरा का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता. आगरा दुनिया भर में ताजमहल के लिए जाना जाता है. दुनिया के 7 अजूबों में से एक ताजमहल प्यार को डेडिकेटेड है. प्यार की इस अमर निशानी को देखने हर साल लाखों टूरिस्ट पहुंचते हैं. खास बात ये है कि ताजमहल देखने के लिए दुनियाभर से लोग आते हैं. सुबह की सुनहरी धूप में चमकता ताजमहल हो या चांदनी रात में उसकी खूबसूरती, दोनों ही देखने लायक होती है. लेकिन आगरा सिर्फ ताजमहल के लिए ही फेमस नहीं है. आगरा किला भी हिस्ट्री लवर्स के लिए किसी खजाने से कम नहीं हैं. इसके अलावा आगरा जाकर पेठा ना खाया तो, खाक आगरा घूमा! यानी अगर आपको घूमते-घूमते भूख लग जाए तो आगरा का पेठा और बेडई-कचौड़ी जरूर चखें. ताजमहल के अलावा पेठा भी आगरा की आन और शान है. आपको हर चौराहे, मार्केट और हलवाई की दुकान पर आसानी से पेठा मिल जाएगा.

फतेहपुर सीकरी
फतेहपुर सीकरी की बात करें तो ये जगह आपको सीधे मुगलकाल में ले जाती है. लाल बलुआ पत्थरों से बनी ये खूबसूरत ऐतिहासिक नगरी कभी अकबर काल की राजधानी हुआ करती थी. यहां का बुलंद दरवाजा, जामा मस्जिद, सलीम चिश्ती की दरगाह और जोधाबाई का महल आज भी लोगों को अपनी तरफ बुलाता है. सनसेट के टाइम यहां का नजारा बहुत ही ज्यादा खूबसूरत लगता है. ये जगह आगरा से लगभग 40 किलोमीटर दूर है. फतेहपुर सीकरी हिस्ट्री और आर्किटेक्चर का शानदार नमूना है. अगर आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं तो सनसेट के टाइम यहां जरूर जाएं. डूबते सूरज की रोशनी में पूरी जगह गोल्डन कलर में रंग जाती है. आस-पास मिलने वाली चाट-पकौटी सस्ते में आपकी भूख शांत करने का इंतज़ाम भी कर देंगी.
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मथुरा
अब चलते हैं मथुरा और वृंदावन की तरफ. ये दोनों शहर ऐसे हैं जहां आस्था और सेलिब्रेशन एक साथ चलते हैं. मथुरा भगवान कृष्ण की जन्मभूमि है. यही वजह है कि यहां की हर गली में कान्हा की कहानियां सुनाई देती हैं. जन्माष्टमी के टाइम यहां का माहौल देखने लायक होता है. त्योहार के टाइम पूरा शहर रोशनी और भक्ति में डूब जाता है. वहीं, होली के टाइम भी यहां का माहौल किसी रंगों से भरे समंदर से कम नहीं लगता. श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर, द्वारकाधीश मंदिर, कंस किला, गीता मंदिर, निधि वन और विश्राम घाट यहां के मेन टूरिस्ट स्पॉट हैं. मथुरा से कुछ ही दूरी पर वृंदावन शहर है. बांके बिहारी मंदिर में उमड़ती भीड़, प्रेम मंदिर की खूबसूरती और इस्कॉन मंदिर का पीसफुल एनवायरमेंट हर टूरिस्ट को अपनी तरफ खींचता है. यहां आने के बाद ऐसा लगता है जैसे लाइफ की स्पीड कुछ देर के लिए रुक सी गई हो. इसके अलावा मथुरा से लगभग 22 किलोमीटर की दूरी पर गोवर्धन पर्वत भी है. वहां जाकर लाखों लोग हर साल गोवर्धन पर्वत की परीक्रमा करते हैं. पास में ही कुसुम सरोवर भी है, जो काफी फेमस है. इन सबके अलावा मथुरा के फेमस पेड़े खरीदने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं. साथ ही यहां आकर आप बेदई और जलेबी, माखन मिश्री. मलाईदार लस्सी, दूध जलेबी, आलू भल्ले और चाट चखना बिल्कुल मत भूलिएगा.

लखनऊ
‘मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं’. ये लाइन इस शहर की पहचान बन चुकी है. वैसे, लखनऊ को तहजीब का शहर भी कहा जाता है. यहां पहुंचते ही आपको लोगों की भाषा, बिहेवियर और मेहमाननवाजी में एक अलग ही नजाकत दिखाई देगी. लखनऊ का इतिहास जितना दिलचस्प है, उसका खाना उससे भी ज्यादा फेमस है. टुंडे कबाबी, गलावटी कबाब, बिरयानी और कुल्फी का स्वाद एक बार चख लिया तो लंबे टाइम तक याद रहता है. रूमी दरवाजा, बड़ा इमामबाड़ा और छोटा इमामबाड़ा इस शहर की शान माने जाते हैं. अगर आप शॉपिंग के शौकीन हैं तो लखनऊ की फेमस चिकनकारी आपके लिए किसी खजाने से कम नहीं होगी. यहां आकर चिकनकारी दुपट्टे, सूट और कुर्तों की शॉपिंग करना टूरिस्ट्स की पहली पसंद है.

प्रयागराज
अगर आप उत्तर प्रदेश को करीब से और अच्छी तरह जानना चाहते हैं, तो प्रयागराज जरूर जाएं. वैसे भी यूपी की जर्नी प्रयागराज के बिना पूरी हो ही नहीं सकती. गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम इस शहर की सबसे बड़ी पहचान है. महाकुंभ के दौरान यहां करोड़ों लोग पहुंचते हैं.
संगम के अलावा आनंद भवन और इलाहाबाद किला भी यहां देखने लायक हैं. यहां का माहौल स्प्रिचुअल होने के साथ-साथ ऐतिहासिक भी है. इसके अलावा प्रयागराज जाकर चाट और समोसा, दही जलेबी, बेदाई सब्जी खाना अपने आप में अलग ही एक्सपीरियंस है. त्रिवेणी संगम, बड़े हनुमान जी का मंदिर, चंद्रशेखर आज़ाद पार्क और नया यमुना ब्रिज भी यहां के मेन टूरिस्ट स्पॉट्स में शामिल हैं.
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सारनाथ
सारनाथ उन लोगों के लिए खास है जो पीस के साथ-साथ हिस्ट्री की भी तलाश में रहते हैं. वाराणसी से लगभग 10 किलोमीटर दूर बसा सारनाथ बौद्ध धर्म को मानने वालों के लिए बहुत खास जगह है. कहा जाता है कि इसी जगह पर भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था. धमेक स्तूप और अशोक स्तंभ यहां की खास पहचान हैं. शहर की भागदौड़ से दूर ये जगह मन को बड़ा सुकून देती है. इन सबके अलावा आप सारनाथ में तिब्बती और जापानी मंदिर भी देख सकते हैं. मोमोज और थुक्पा, कुल्हड़ वाली चाय, कचौड़ी, जलेबी और यहां की चाट का स्वाद आपको अलग ही लेवल की सेटिस्फेक्शन देगी. सारनाथ के अलावा यूपी का कुशीनगर भी भगवान बुद्ध को मानने वालों के लिए बहुत खास है. गोरखपुर के पास बसे इस शहर में दुनिया भर से बौद्ध श्रद्धालु आते हैं.

दुधवा नेशनल पार्क
अगर आपको नेचर और थ्रिल पसंद है, तो दुधवा नेशनल पार्क आपके लिए परफेक्ट जगह है. बाघ, तेंदुआ, बारहसिंगा और अलग-अलग तरह की प्रजातियों के पक्षियों का घर ये नेशनल पार्क उत्तर प्रदेश को एक की ढंग से पेश करता है. जंगल सफारी के दौरान जानवरों को उनके नेचुरल अवतार में देखना वाकई में काफी एक्साइटिंग होता है. भारत-नेपाल बॉर्डर के पास ये नेशनल पार्क कई रेयर पक्षियों का घर है. यहां जंगल सफारी का एक्सपीरियंस आपको जरूर करना चाहिए.

झांसी
झांसी का नाम सुनते ही रानी लक्ष्मीबाई की वीरता की कहानियां याद आने लगती हैं. खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी’, ये लाइन शायद आपको भी याद होगी. झांसी का किला आज भी भारतीय इतिहास की में रानी लक्ष्मीबाई की बहादुरी और संघर्ष की गवाही देता है. इतिहास में इंटरेस्ट रखने वालों के लिए ये शहर वाकई में बड़ा खास है. वैसे, सिर्फ झांसी का किला ही नहीं बल्कि, यहां आकर आप रानी महल, म्यूज़ियम, सेंट जूड्स श्राइन चर्च, बरुआ सागर भी घूम सकते हैं. यहां का दाऊ समोसा, पोहा और जलेबी और ट्रेडिशनल बुंदेलखंड़ी खाना आपको जरूर ट्राई करना चाहिए.

क्यों खास है शहर?
उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी खूबी इसकी वैरायटी है. यहां आप एक ही जर्नी में स्प्रिचुएल पीस, ऐतिहासिक धरोहर, शाही कल्चर, टेस्टी फूड और नेचुरल खूबसूरती का आनंद ले सकते हैं. यही वजह है कि ये राज्य हर तरह के टूरिस्ट्स को अपनी तरफ अट्रैक्ट करता है. ऐसे में अगर आप भारत की असली पहचान को फील करना चाहते हैं, तो उत्तर प्रदेश की इन जगहों पर जरूर घूमें. यहां की गलियां सिर्फ रास्ते नहीं हैं, बल्कि कहानियों से भरी हुई किताबें हैं. यहां के मंदिर सिर्फ पूजा की जगह नहीं, बल्कि सदियों पुरानी आस्था के प्रतीक हैं. यहां के मोन्यूमेंट्स सिर्फ इमारतें नहीं, बल्कि इतिहास के जिंदा चैप्टर हैं.
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