CJP Protest: नीट पेपर लीक मामला, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और अन्य मांगों को लेकर 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में ‘चलो संसद’ मार्च निकाला गया था. इस दौरान दिल्ली के कनॉट पैलेस, संसद मार्ग समेत कई जगहों पर हिंसा हो गई थी. पुलिस और सुरक्षाबलों को प्रदर्शनकारियों (उग्र) पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागने पड़े थे. इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों को चोटें भी लगीं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.
अब इस मामले में एक बड़ी खबर सामने आई है. दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान हुई हिंसा और तोड़-फोड़ के मामले में अब तक 6 एफआईआर दर्ज की है. आइए जानते हैं पूरी खबर.
इन पुलिस स्टेशनों में एफआईआर दर्ज
न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और किसान समूहों द्वारा आयोजित “चलो संसद” मार्च के दौरान हुई कथित हिंसा, तोड़-फोड़ और अन्य घटनाओं के सिलसिले में अब तक छह FIR दर्ज की हैं. पुलिस सूत्रों ने कहा कि पुलिस इस पूरे मामले के पीछे किसी बड़ी और आपराधिक साजिश की जांच कर सकती है.
उन्होंने बताया कि ये मामले पार्लियामेंट स्ट्रीट, कनॉट प्लेस और अन्य पुलिस स्टेशनों में दर्ज किए गए हैं. इनमें भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाने वाले कानून (Prevention of Damage to Public Property Act) की कई धाराओं को शामिल किया गया है. पुलिस सूत्र ने बताया कि एक FIR कनॉट प्लेस में रीगल सिनेमा के पास हुई हिंसा और पत्थरबाजी के सिलसिले में दर्ज की गई, जबकि अन्य मामले गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने, संसद सत्र के दौरान बिना इजाजत ड्रोन उड़ाने और हिंसा के पीछे की कथित साजिश से जुड़े हैं. उन्होंने कहा कि मारपीट, कानून को अपने हाथ में लेने और अन्य संबंधित अपराधों के सिलसिले में भी FIR दर्ज की गईं.
आरएएफ जवान पर हमले मामले में एफआईआर दर्ज
दिल्ली पुलिस ने बुधवार को बताया कि CJP के मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के एक समूह द्वारा कथित तौर पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के एक जवान का पीछा करने और उस पर हमला किया गया. इसका वीडियो सामने आने के बाद FIR दर्ज की गई है.
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए इस वीडियो में सोमवार को संसद की ओर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के मार्च के दौरान RAF जवान को कई प्रदर्शनकारियों द्वारा घेरे जाने, उसका पीछा किए जाने और उसकी पिटाई किए जाने का दृश्य कथित तौर पर दिखाई दे रहा है. पुलिस ने कहा कि इस घटना के संबंध में FIR दर्ज कर ली गई है और हमले में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है.
CCTV फुटेज व ड्रोन विजुअल्स को खंगाल रही है पुलिस
FIR के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर गैर-कानूनी भीड़ बनाई, कानून-व्यवस्था में बाधा डाली, सरकारी अधिकारियों को उनके काम करने से रोका, हिंसा की और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया. पुलिस अधिकारी ने बताया कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके और इलाके में तैनात कई पुलिस गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया.
जांच करने वाले अधिकारी हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए CCTV फुटेज, ड्रोन विजुअल्स, मोबाइल फोन वीडियो और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच कर रहे हैं. सूत्रों ने बताया कि वे जांच के हिस्से के तौर पर सोशल मीडिया कंटेंट और दूसरे डिजिटल मटीरियल का भी विश्लेषण कर रहे हैं.
पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि हिंसा के पीछे की कथित साजिश से जुड़ी FIR तब दर्ज की गई, जब जांचकर्ताओं को अशांति के पीछे की योजना का संकेत देने वाले कई अहम सबूत मिले. संसद सत्र के दौरान नई दिल्ली जिले में बिना इजाजत ड्रोन उड़ाने के मामले में, दिल्ली पुलिस ने पहले कहा था कि वह फुटेज की सच्चाई की पुष्टि कर रही है और लागू ड्रोन नियमों के संभावित उल्लंघन की जांच कर रही है.
118 से ज्यादा जवान घायल
सोमवार को हुई झड़पों के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. इन झड़पों में दिल्ली पुलिस के 118 से ज्यादा जवान घायल हुए और 20 से ज्यादा पुलिस गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं. अहम जगहों पर कई लेयर वाली बैरिकेडिंग की गई है, गाड़ियों की चेकिंग तेज कर दी गई है, और संवेदनशील इलाकों, अहम सरकारी प्रतिष्ठानों और बड़े चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई की जाएगी.
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News Source: PTI
