Naresh Gujral: आज की इस डिजिटल दुनिया में सुविधाओं के साथ-साथ आपराधिक घटनाएं भी बढ़ती जा रही हैं. इन घटनाओं में से एक है साइबर क्राइम. जी हां, आज के जमाने में साइबर फ्रॉड या साइबर ठगी के मामले आय दिन देखने को मिल रहे हैं. इन मामलों से निपटने के लिए पुलिस विभाग में साइबर सेल भी बनाए गए हैं. देश की पुलिस इनमें से कई मामलों का पर्दाफाश करते हुए अपराधी को पकड़ भी रही है, लेकिन कई मामलों में पीड़ित को अधिक नुकसान होता है.
साइब फ्रॉड ऐसा अपराध है जो कभी भी किसी के साथ हो सकता है. इसे ना होने के लिए लोगों को काफी जागरूक होना होता है. सरकार साइबर क्राइम को लेकर कई बार जागरूकता अभियान भी चलाती है. इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. देश के पूर्व प्रधानमंत्री रहे इंदर कुमार गुजराल के बेटे नरेश गुजराल के साथ कथित तौर पर 7.8 करोड़ रुपये का साइबर ठगी हुई है. उन्हें साइबर अपराधियों ने चूना लगा दिया है. आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
क्या है पूरा मामला?
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने गुरुवार को बताया कि पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल के साथ कथित तौर पर 7.8 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हुई है. कुछ साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन मैसेजिंग एप्लिकेशन पर उनकी तस्वीर (रूप धारण करके) का इस्तेमाल करके उनकी कंपनी के वित्तीय कर्मचारियों को पैसे ट्रांसफर करने के लिए धोखा दिया.
पुलिस के अनुसार, यह धोखाधड़ी 12 जून से 16 जून के बीच हुई है. इस दौरान, जालसाजों ने नरेश गुजराल की तस्वीर का इस्तेमाल करके एक ऑनलाइन मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर खाता बनाया. उसके बाद अपराधियों ने उनके एक कर्मचारी को मैसेज भेजकर निर्देश दिया कि वह रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) के माध्यम से एक बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करे.
पुलिस ने बताया कि गुजराल द्वारा वित्तीय पहुंच प्राप्त कर्मचारी ने निर्देशों को वैध मानते हुए चार दिनों के दौरान चार अलग-अलग आरटीजीएस लेनदेन किए, जिसके परिणामस्वरूप 7.8 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. इस धोखाधड़ी के संबंध में मंगलवार को दिल्ली पुलिस में एक ई-एफआईआर दर्ज कराई गई, जिसके बाद जांच शुरू की गई.
4 करोड़ रुपये फ्रीज हुए- पुलिस
जानकारी के मुताबिक, इस घोटाले का पर्दाफाश 16 जून को हुआ जब गुजराल की बेटी को इन लेन-देन के बारे में पता चला, जिसने तुरंत अपने पिता से इसके बारे में बताया. पुलिस ने बताया कि नरेश गुजराल ने इस तरह के किसी भी निर्देश जारी करने से इनकार किया और तबादलों के बारे में किसी भी तरह की जानकारी होने से इनकार किया, जिसके बाद परिवार और कंपनी के कर्मचारियों को एहसास हुआ कि वे घोटाले का शिकार हो गए हैं.
जांचकर्ताओं ने बताया कि त्वरित कार्रवाई से अधिकारियों को धोखाधड़ी से जुड़ी कई खातों पर रोक लगाकर धोखाधड़ी के पैसे का लगभग 70 प्रतिशत, यानी लगभग 4 करोड़ रुपये फ्रीज करने में मदद मिली. बता दें कि 78 वर्षीय नरेश गुजराल, दिवंगत इंदर कुमार गुजराल के पुत्र हैं. इंदर कुमार गुजराल 1997 से 1998 तक भारत के 12वें प्रधानमंत्री रहे थे.
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News Source: PTI
