Pakistan News: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में अपने अधिकारों को हासिल करने के लिए हिंदुओं ने आवाज उठाना शुरू कर दिया है. हिंदू संगठन ने प्रांतीय सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा से जुड़ी संवैधानिक गारंटियों को लागू करवाने की मांग की है.
अल्पसंख्यकों के अधिकारों को सुरक्षा दी जाए
अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता हारून सरब दयाल को ‘ऑल बाल्मिक हिंदू कम्युनिटी खैबर पख्तूनख्वा’ (ABHCKP) का अध्यक्ष चुना गया है. इस दौरान उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय आज भी कानूनी सुरक्षा, समान अधिकारों और अवसरों से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना कर रहा है. उन्होंने राज्य सरकार से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है.
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बैठक में हुई भविष्य को लेकर चर्चा
हारून सरब दयाल संघीय धार्मिक मामलों के मंत्रालय के तहत ‘पाकिस्तान हिंदू मंदिर प्रबंधन समिति’ के सदस्य के तौर काम करते हैं. यही वजह है कि उन्हें एक दशक पुरानी संस्था ABHCKP का अध्यक्ष चुना गया है. इस बीच संस्था के सदस्यों ने हिंदू समेत तमाम अल्पसंख्यक समुदायों के लिए भविष्य की रूपरेखा पर विचार-विमर्श किया. बैठक में सभी समुदाय के बुजुर्ग, बाल्मीक सभाओं के स्थानीय अध्यक्ष, हिंदू पुजारी और धार्मिक विद्वान, वकील, सामाजिक कार्यकर्ता, सरकारी अधिकारी, शिक्षाविद, शिक्षक, व्यवसायी और युवा प्रतिनिधि शामिल हुए.
मानवाधिकार से जुड़े कानून को लागू किया जाए
ABHCKP के अध्यक्ष दयाल ने PTI को बताया कि संस्था के तमाम सदस्यों ने संवैधानिक सुरक्षा, कानूनी सुधारों, सामाजिक समावेश और समुदाय को मजबूती देने पर चर्चा की. सभा को संबोधित करते हुए दयाल ने कहा कि दूसरे कमजोर अल्पसंख्यक समुदाय की तरह हिंदू भी कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. उन्होंने लोगों को जोड़ने के लिए एक अभियान शुरू करने और एक कैबिनेट बनाने की भी घोषणा की. उन्होंने यह भी कहा कि खैबर पख्तूनख्वा सरकार से आग्रह है कि मौलिक अधिकारों और संवैधानिक गारंटियों को जमीनी स्तर पर लागू किया जाए. साथ ही पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 9, 10, 20, 25, 27 और 36 में दिए गए मानवाधिकार कानून को भी तत्काल प्रभाव से लागू किए जाए.
इसके अलावा ABHCKP ने संघीय सरकार से अल्पसंख्यकों के पर्सनल लॉ को लागू करने का आग्रह किया. साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों, संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों, राजनयिक मिशनों और नागरिक समाज से पाकिस्तान में कमजोर अल्पसंख्यक समुदायों के सशक्तिकरण और सुरक्षा का समर्थन करने की अपील की.
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