Pappu Yadav: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर रविवार को दिल्ली में उनके आवास पर एक जानलेवा हमले करने की कोशिश की गई. यह घटना उस वक्त हुई, जब वह अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे. इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति अचानक चाकू लेकर पहुंचा और उसने हमला करने की कोशिश की. हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने उसे तुरंत पकड़ लिया. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पप्पू यादव के समर्थकों ने हमलावर को पहले पीटा और उसके बाद पुलिस के हवाले कर दिया. घटना के बाद आरोपी के पास से चाकू भी बरामद किया गया. फिलहाल, पुलिस ये पता लगाने में लग गई है कि यह शख्स आया कहां से है और ये किस वजह से सांसद पर हमला करना चाहता था.
मेरी हत्या की साजिश : पप्पू यादव
आरोपी को पकड़ने के बाद पप्पू यादव ने दावा किया कि उन्हें खुलेआम जान से मारने की कोशिश की गई. उन्होंने कहा कि बाबा रोज कह रहे हैं कि मुझे मार दो, जिंदा जला दो, इसके लिए 51 लाख रुपये दिए जाएंगे. फिलहाल हमने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है और अब आगे की कार्रवाई होगी. सांसद ने यह भी कहा कि मेरी हत्या की साजिश थी, लेकिन मेरी किस्मत की मैं बच गया. सांसद की तरफ से ये बयान आने के बाद सियासत गरम हो गई. हालांकि, अभी तक पुलिस ने मारने की साजिश या अचानक हुई घटना को लेकर पुष्टि नहीं की है.
जानें क्या बोले पप्पू यादव?
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने अपने आवास पर कथित हमले पर कहा कि मैं जनता के बीच घिरा हुआ था. वहां पर सभी मीडिया के साथी मौजूद थे, वार्ता हो ही रही थी कि उतने में ये घटना हो गई. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुझे मारने की साजिश तो चल ही रही है. कई बाबा मुझे ‘जलाने-मारने’ की बात कर रहे हैं. यदि वहां पर इतने लोग मौजूद नहीं होते तो आज मैं खत्म हो जाता. कल रात ही मेरे परिजनों को भी परेशान किया गया. मैंने तो कुछ कहा ही नहीं. 200 किलोग्राम सोना और चांदी कहां गया? ये सवाल जरूरी हैं.
प्रदर्शन से बढ़ा विवाद
बीते दिनों पहले पार्लियामेंट के परिसर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी का नाटकीय विरोध करने को लेकर पप्पू यादव सुर्खियों में आए थे. इस दौरान वह भगवा वस्त्र पहनकर पुजारी की भूमिका में नजर आए और राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसद प्रतीकात्मक रूप से चढ़ावा देने की भूमिका में नजर आए. इसके बाद पप्पू यादव दान पेटी को लेकर भागने लग जाते हैं और अन्य सांसद उन्हें पकड़ने का नाटक करते हैं. यह पूरा का पूरा नाटक राम मंदिर चोरी को लेकर सरकार पर तंज कसने का प्रयास था. हालांकि, इसी बीच हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों ने इस पर असहमति जताई और कहा कि यह हमारे धर्म का अपमान है.
सनातन के अपमान का लगा आरोप
पप्पू यादव के अनोखे विरोध प्रदर्शन के बाद साधु-संतों और सनातन धर्म के अनुयायियों ने कड़ी आलोचना की थी. कई संतों ने इसको हिंदू धर्म का अपमान बताया और उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द करने की भी मांग की थी. भारतीय जनता पार्टी ने भी इस प्रदर्शन की आलोचना करते हुए इसे भगवान राम के भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ बताया था. इस विवाद के बाद से ही धार्मिक और आम लोगों के निशाने पर आ गए.
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