Team India : भारतीय टीम (ए) श्रीलंका दौरे पर पहुंची हैं और इस टीम का हिस्सा 15 वर्षीय खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी भी है. आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद वह काफी सुर्खियों में आ गए थे और इसके बाद चर्चा तेज हो गई कि वह जल्द ही टीम इंडिया में शामिल हो जाएंगे. आईपीएल में तबाही मचाने वाले वैभव का इस सीरीज में बल्ला ज्यादा खास कुछ नहीं कर पाया है. उन्होंने अभी तक 3 मैचों की तीन पारियों में 26.33 की औसत से सिर्फ 79 रन बनाए हैं. ऐसे में अब कहा जा रहा है कि वैभव को सीनियर टीम के माहौल माहौल में ढलने में अभी समय लग सकता है और उनमें थोड़ी सी नर्वसनेस को दूर करने के लिए नया प्लान भी बनाना होगा. इसी बीच बीसीसीआई के सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने कहा कि 15 वर्षीय इस खिलाड़ी को अभी टीम के माहौल में ढलने के लिए मदद की जरूरत है.
कई दिक्कतों का करना पड़ सकता है सामना
देवजीत सैकिया ने कहा कि आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ खेली जाने वाली व्हाइट बॉल सीरीज में वैभव सूर्यवंशी के साथ उनके माता-पिता को भेजने की भी इजाजत मिल सकती है. आईपीएल में अपनी आक्रामक पारियों की बदौलत वैभव ने क्रिकेट जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है और यही वजह है कि उन्हें टी-20 के लिए भारतीय टीम में चुना गया है. उन्हें इस दौरे के लिए सात मैचों (दो आयरलैंड के ख़िलाफ़ और पाँच इंग्लैंड के ख़िलाफ़) के लिए चुना गया है, जो 26 जून को बेलफास्ट में शुरू होने वाले हैं.
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सैकिया ने बताया कि सीनियर लेवल पर सभी नेशनल टीमों के स्क्वाड में 14 या 15 साल का खिलाड़ी नहीं होता है. कई दशकों के बाद हमें वैभव सूर्यवंशी जैसा खिलाड़ी मिला है. उन्होंने आगे कहा कि एक समय सचिन तेंदुलकर (16.5 साल) ने इतनी कम उम्र में नेशनल टीम में दस्तक दी थी. साथ ही जब इतनी छोटी उम्र का बच्चा टीम में शामिल होता है तो उसे कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.
किसी बड़े का साथ होना जरूरी
बीसीसीआई चीफ ने आगे कहा कि वैभव को सहज महसूस करने और टीम के माहौल में ढलने के लिए हमें उनकी मदद करनी चाहिए. हम सिर्फ ऐसा इसलिए कर रहे हैं ताकि हम उनकी परेशानियों को कम कर सकें. सैकिया ने बताया जब कोई स्कूल का बच्चा पिकनिक पर जाता है तो उसके साथ कोई सीनियर व्यक्ति होता है और वैभव भी अभी बच्चा ही है. वह अभी भी स्कूल का ही छात्र है और अब उसके माता-पिता को साथ जाने की इजाजत देना ही सही है. साथ ही मुझे इस बात की काफी खुशी है कि उसके माता-पिता वैभव का अच्छे से ख्याल रख रहे हैं. वह आने वाले दो दशकों तक अहम खिलाड़ी की भूमिका निभा सकता है.
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