Delhi News : दिल्ली सरकार ने अपने प्रमुख चुनावी वादों में शामिल ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ का पोर्टल लॉन्च कर दिया है. सरकार का दावा है कि आवेदन और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद रक्षाबंधन से पात्र महिलाओं के खातों में 2500 रुपये की पहली किस्त भेजनी शुरू कर दी जाएगी. हालांकि, योजना के लागू होने के साथ ही इसकी पात्रता शर्तों को लेकर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है. सरकार के मुताबिक, महिला समृद्धि योजना का नाम बदलकर अब दिल्ली लक्ष्मी योजना कर दिया गया है. इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और सभी आवेदनों का डिजिटल व भौतिक सत्यापन किया जाएगा.
पिछले 10 वर्षों से होनी चाहिए दिल्ली की निवासी
सरकार ने योजना के लिए कई पात्रता शर्तें भी तय की हैं. लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जिनकी उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच है, जो पिछले कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली की निवासी हैं और जिनके परिवार की वार्षिक आय 2.5 रुपये लाख से कम है. इसके अलावा परिवार में चार पहिया वाहन नहीं होना चाहिए, लाभार्थी आयकर दाता नहीं होनी चाहिए. किसी अन्य नियमित सरकारी आर्थिक सहायता या पेंशन का लाभ नहीं ले रही हो तथा एक परिवार से केवल एक महिला ही इस योजना का लाभ ले सकेगी. सरकार का कहना है कि इन शर्तों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ केवल आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचे.
AAP ने उठाए रेखा सरकार पर सवाल
योजना की घोषणा के साथ ही आम आदमी पार्टी ने सरकार पर सवाल उठाए हैं. AAP का कहना है कि चुनाव प्रचार के दौरान केवल हर महिला को 2500 रुपये प्रतिमाह देने का वादा किया गया था, लेकिन उस समय इतनी विस्तृत पात्रता शर्तों का उल्लेख नहीं किया गया था. पार्टी का आरोप है कि अब आय सीमा, वाहन, सरकारी लाभ और अन्य नियम जोड़कर लाभार्थियों की संख्या सीमित करने की कोशिश की जा रही है. AAP ने सरकार से स्पष्ट करने की मांग की है कि आखिर दिल्ली की कितनी महिलाओं को वास्तव में इस योजना का लाभ मिलेगा.
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कांग्रेस ने भी साधा निशाना
कांग्रेस ने भी इसी मुद्दे पर सरकार को घेरा है. पार्टी का कहना है कि चुनावी वादे और योजना के वास्तविक स्वरूप में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है. कांग्रेस का आरोप है कि पात्रता की जटिल शर्तों के कारण बड़ी संख्या में जरूरतमंद महिलाएं भी योजना से बाहर रह सकती हैं. वहीं, बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है. पार्टी का कहना है कि सरकार ने अपना चुनावी वादा पूरा करते हुए योजना शुरू कर दी है और रक्षाबंधन से पहली किस्त देने की तैयारी भी पूरी है. बीजेपी का दावा है कि पात्रता के नियम किसी को बाहर करने के लिए नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं कि सरकारी धन सही और जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचे.
महिलाओं में देखने को मिल रहा है संशय
ग्राउंड पर भी महिलाओं के बीच इस योजना को लेकर उत्साह के साथ संशय देखने को मिल रहा है। कई महिलाओं का कहना है कि चुनाव के दौरान उन्हें सिर्फ 2500 रुपये प्रति माह मिलने की जानकारी थी, लेकिन अब सामने आई पात्रता शर्तों के बाद उन्हें यह स्पष्ट नहीं है कि वे योजना के लिए पात्र होंगी या नहीं। कई महिलाओं का कहना है कि जब तक पहली किस्त उनके खाते में नहीं पहुंचती, तब तक वे योजना को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं होंगी. फिलहाल, दिल्ली लक्ष्मी योजना की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार की ओर से तय किए गए नए मानदंडों के बाद यह योजना आखिर राजधानी की कितनी महिलाओं तक पहुंच पाती है.
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