Home Top News जैविक खेती से लेकर हेवल नदी तक, ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इन विषयों पर बोले पीएम मोदी

जैविक खेती से लेकर हेवल नदी तक, ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इन विषयों पर बोले पीएम मोदी

by Neha Singh 25 October 2026, 12:08 PM IST
25 October 2026, 12:08 PM IST
Mann Ki Baat

Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 139वें एपिसोड में कहा कि ‘मन की बात’ आम नागरिकों के योगदान को समझने और उसका जश्न मनाने की एक यात्रा है. इसमें पंजाब में पारंपरिक खेती, बुनाई के जरिए महिलाओं का सशक्तिकरण और उत्तराखंड में नदियों के संरक्षण जैसी पहलों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया, विजयदशमी के अवसर पर 12 साल पहले शुरू हुए ‘मन की बात’ कार्यक्रम को याद करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम बिना किसी रुकावट के लगातार चलता रहा है और इस पूरी यात्रा में श्रोताओं ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

‘मन की बात’ तीर्थयात्रा से कम नहीं

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “12 साल पहले, विजयदशमी के पावन अवसर पर हमने ‘मन की बात’ की शुरुआत की थी. तब से हमारी यह यात्रा बिना रुके लगातार जारी है. इस सफर में आप सभी मेरे सहयात्री भी रहे हैं और मार्गदर्शक भी. मेरे लिए ‘मन की बात’ हमारे देश के आम लोगों की कड़ी मेहनत, साहस, प्रतिबद्धता, समर्पण और सेवा भाव का जश्न मनाने का एक शानदार अवसर रहा है.” भारत की सदियों पुरानी तीर्थयात्रा की परंपरा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हमारे देश में सदियों से तीर्थयात्रा की परंपरा रही है. मेरे लिए ‘मन की बात’ किसी तीर्थयात्रा से कम नहीं है. यह देश के लोगों के प्रयासों को करीब से समझने और उनके योगदान के प्रति सम्मान प्रकट करने की एक यात्रा है.”

“परंपराएं नए प्रयोगों को प्रेरित कर रहीं…”

कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने पंजाब के मालवा क्षेत्र में ‘नव-त्रिनजन’ (Nav-Trinjan) पहल के माध्यम से पारंपरिक कृषि पद्धतियों को पुनर्जीवित किए जाने का विशेष उल्लेख किया. प्रधानमंत्री ने कहा “हमारे देश में कई पारंपरिक कौशल हैं जो पीढ़ियों से हमारी पहचान का हिस्सा रहे हैं. खुशी की बात यह है कि ये परंपराएं अब नए प्रयोगों को प्रेरित कर रही हैं. आज की जरूरतों के हिसाब से इन्हें ढाला जा रहा है. पंजाब में काफी समय से एक ऐसी ही पहल चल रही है. ‘खेती विरासत मिशन’ नाम के एक संगठन ने जैविक खेती और पारंपरिक कृषि पद्धतियों को फिर से जीवित करना शुरू किया. इसकी टीम के सदस्य पंजाब के मालवा क्षेत्र में प्राकृतिक कपास की खेती को बढ़ावा देना चाहते थे. इस पहल का नाम ‘नव-त्रिनजन’ रखा गया. इसके तहत, बिना किसी रसायन के जैविक कपास उगाई जाती है. यहां प्राकृतिक रंगों वाली कपास की भी खेती की जाती है.” पारंपरिक बुनाई कौशल को बचाने के प्रयासों पर जोर देते हुए, उन्होंने बताया कि ‘नव-त्रिनजन’ ने एक बुनाई स्कूल भी खोला है, ताकि इस कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके.

हेवल नदी को पुनर्जीवित करने की पहल

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल क्षेत्र में ‘हेवल’ नदी को पुनर्जीवित करने के लिए समुदाय द्वारा की गई एक पहल का भी जिक्र किया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा “उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल क्षेत्र में, लोगों ने मिलकर ‘हेवल’ नदी में नई जान फूंकने का प्रयास किया है. कुछ समय पहले, हेवल नदी का जलस्तर घटने लगा था और आस-पास के प्राकृतिक जल स्रोत भी सूख रहे थे. इसके जवाब में, स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों ने मिलकर नदी को बचाने के लिए एक अभियान शुरू किया.” उन्होंने आगे कहा “इस पहल के दौरान, वर्षा जल को संचित करने, भूजल को रिचार्ज करने और बड़ी संख्या में पेड़ लगाने के उपाय किए गए. आज इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, हेवल नदी फिर से जीवित हो गई है और दर्जनों प्राकृतिक जल स्रोत भी बहाल हो गए हैं.” इस बीच, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, बिहार के मंत्री विजय कुमार सिन्हा और अन्य भाजपा नेता इस कार्यक्रम को सुनने के लिए जुड़े हुए हैं.

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News Source: ANI

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