Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग में भारी तबाही झेल रहे ओलेशकी शहर के लोगों के लिए राहत की उम्मीद जगी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप ने इस शहर में मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर युद्धविराम कराने में अहम भूमिका निभाई है. मेलानिया के मुताबिक, यह शहर ‘तबाही के कगार पर’ है. प्रस्तावित स्थानीय युद्धविराम अगले सप्ताह से शुरू होगा. यूक्रेन, रूस और अमेरिका के वार्ताकारों के बीच शुक्रवार को एक समझौता हुआ. इसके तहत दक्षिणी यूक्रेन के खेरसॉन क्षेत्र में रूस के कब्जे वाले ओलेशकी शहर में मानवीय सहायता पहुंचाई जाएगी. व्हाइट हाउस के अनुसार, मेलानिया ट्रंप दोनों देशों के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही थीं. सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम में उन्हें ओलेशकी की गंभीर स्थिति के बारे में जानकारी मिली थी, जिसके बाद उन्होंने इस दिशा में बातचीत शुरू की. व्हाइट हाउस ने बताया कि मेलानिया ट्रंप और उनके एक प्रतिनिधि ने युद्धविराम की शर्तें तय करने के लिए रूस और यूक्रेन के नेतृत्व के साथ सीधे संपर्क कर काम किया. इस पहल का उद्देश्य युद्ध से प्रभावित शहर के लोगों तक मानवीय सहायता पहुंचाने का रास्ता खोलना है.

मंगलवार से शुरू होगा युद्धविराम
इस प्रयास में यूक्रेन के मुख्य वार्ताकार ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि रूस के साथ एक स्थानीय युद्धविराम मंगलवार से शुरू होगा और कई दिनों तक चलेगा. यूक्रेन के ओम्बड्समैन और मुख्य वार्ताकार दिमित्रो लुबिनेट्स ने कहा कि यह युद्धविराम खेरसॉन क्षेत्र और जरूरी आस-पास के इलाकों में लागू होगा. उन्होंने कहा कि यह पहल भविष्य के मानवीय मिशनों के लिए एक मॉडल बन सकती है. रूसी अधिकारियों ने भी इस समझौते की पुष्टि की है. शुक्रवार को लुबिनेट्स ने मेलानिया ट्रम्प को धन्यवाद दिया और कहा कि इस समझौते को पूरा करना मुश्किल होगा. उन्होंने बताया कि समझौते के तहत पहले युद्धविराम होगा और उसके बाद बहुत जरूरी मानवीय सहायता पहुंचाई जाएगी. उन्होंने ऑनलाइन पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में कहा कि अंत में आम नागरिकों को ओलेशकी से बाहर निकलने की अनुमति दी जाएगी. लुबिनेट्स ने यह भी कहा कि यह ऑपरेशन धीरे-धीरे चलाया जाएगा और इसे लागू करना बेहद चुनौतीपूर्ण है.
न्यायपूर्ण स्थायी शांति स्थापित हो सकेगी
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ‘फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप’ की इस घोषणा का स्वागत किया. गुटेरेस ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि लड़ाई में यह स्थानीय विराम ‘तत्काल, पूर्ण और बिना शर्त युद्धविराम’ की दिशा में एक कदम बन सकता है. इससे ‘अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुरूप यूक्रेन में एक व्यापक, न्यायपूर्ण और स्थायी शांति’ स्थापित हो सकेगी. सबसे पहले बारूदी सुरंगों को हटाना होगा. लुबिनेट्से ने बताया कि ओलेशकी तक के रास्ते से बारूदी सुरंगों को हटाना होगा, ताकि वहां मानवीय सहायता पहुंचाई जा सके और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था की जा सके. उन्होंने इस बारे में कोई और जानकारी नहीं दी कि सहायता अभियान की निगरानी कैसे की जाएगी या फिर इसे कैसे लागू किया जाएगा. उनसे पूछा गया कि क्या मेलानिया ट्रम्प यूक्रेन जाएंगी? उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि जब मेलानिया ट्रम्प को ओलेशकी के हालात के बारे में पता चला, तो उनकी देखरेख में बातचीत की प्रक्रिया शुरू हुई. कई हफ्तों तक हमने कई सवालों और विचारों पर चर्चा की. हमने नए तरीके, तंत्र और साधन तैयार किए. ओलेशकी के आम नागरिकों की जान बचाने के लिए हर संभव मदद की जा सके.

इलाके से निकालने के लिए रास्ता दिया जाएगा
रूस के जनरल स्टाफ के प्रमुख जनरल वालेरी गेरासिमोव ने कहा कि ‘ओलेशकी के पास मानवीय अभियान’ के सिलसिले में रूसी सेना ‘खेरसॉन इलाके में युद्धविराम’ करेगी. यह युद्धविराम मास्को के समय अनुसार मंगलवार सुबह 4 बजे से शुरू होगा. गेरासिमोव ने बताया कि रूसी सेना ‘इंजीनियरिंग रेक’ (जांच-पड़ताल) भी करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि ‘मानवीय सहायता का काफिला’ सुरक्षित रूप से शहर के अंदर पहुंच सके. रूस की मानवाधिकार लोकपाल, याना लांत्रतोवा ने पुष्टि की कि मेलानिया ट्रम्प ने ओलेशकी में ‘मानवीय अभियान’ चलाने के लिए एक समझौता कराने में मदद की है. लांत्रतोवा ने कहा कि इस तरह की मदद पहुंचाना रूस की प्राथमिकता है. लांत्रतोवा ने एक ऑनलाइन बयान में कहा कि पहला कदम यह पता लगाना होगा कि लोगों को किन चीजों की जरूरत है. इसके बाद भोजन, दवाइयां, साफ-सफाई का सामान और अन्य जरूरी चीजें उन तक पहुंचानी होंगी. उन्होंने कहा कि जो लोग युद्ध वाले इलाके से बाहर जाना चाहते हैं. उन्हें सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा. इसके लिए युद्धविराम का पालन करना होगा और मानवीय सहायता ले जाने वाले वाहनों के लिए सुरक्षित माहौल बनाना होगा.

यूक्रेन का रूस पर भीषण हवाई हमला : 1,000 से अधिक ड्रोन दागे, ऑयल डिपो में लगी आग
बच्चों को बचाना हमारी प्राथमिकता
वहीं, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि मास्को मेलानिया ट्रम्प का आभारी है. उन्होंने बताया कि हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच इस कोशिश को लेकर बातचीत हुई थी. पेस्कोव ने यह भी कहा कि जो लोग यहां से जाना चाहते हैं, वे जा सकेंगे. उन्होंने यह नहीं बताया कि उन्हें रूस के कब्जे वाले इलाके में ले जाया जाएगा या फिर यूक्रेन के कब्जे वाले इलाके में. साथ ही जब उनसे पूछा गया कि लोगों को निकालने का यह काम कितने दिन चलेगा, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया. बस इतना कहा कि इसमें शायद कई दिन लग सकते हैं. राष्ट्रपति ने कहा कि बच्चों को बचाना ‘फर्स्ट लेडी’ की प्राथमिकता है. मेलानिया ट्रम्प ने अपने पति के दूसरे कार्यकाल में संघर्ष वाले इलाकों में बच्चों की मदद करने को अपने मुख्य एजेंडे में शामिल किया है. इस साल की शुरुआत में उन्होंने इस मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक आयोजित की थी. पिछले साल उन्होंने पुतिन को पत्र लिखकर उन परिवारों को फिर से मिलाने की अपील की थी, जिनके बच्चे युद्ध के कारण बिछड़ गए थे. उनके वरिष्ठ सलाहकार मार्क बेकमैन ने बताया कि उन्होंने लगभग तीन दर्जन बच्चों को उनके परिवारों से फिर से मिलाने में मदद की है.

रूस पर सख्ती की मांग, जेलेंस्की ने समर्थकों से की अपील; ट्रंप के फैसले के बीच यूक्रेन में 4 की मौत
क्या एलन मस्क ने की इंटरनेट की स्पीड धीमी?
ओलेशकी में युद्धविराम की मांग ऐसे वक्त में हुई है जब ट्रम्प प्रशासन और यूक्रेन सरकार के बीच तनाव चरम पहुंच गया है. कीव जिस सैटेलाइट इंटरनेट सिस्टम के सहारे रूसी हमलों को नाकाम करता है, उस पर पाबंदियां लगा दी गई हैं. एलन मस्क द्वारा बनाए गए ‘स्टारशील्ड’ सिस्टम की स्पीड कम करने के लिए कौन जिम्मेदार है. इसे लेकर ट्रम्प और अन्य शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास देखने को मिला है. ट्रम्प ने हाल ही में रूस पर लगाए जाने वाले नए प्रतिबंधों को हटा दिया. साथ ही रूस से डीजल आयात करने का समझौता किया और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की पर दबाव डाला कि वे रूस के साथ युद्ध खत्म करने के लिए कोई समझौता कर लें. साथ ही शांति प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के प्रयासों के तहत ट्रम्प के दूत स्टीव विटकॉफ इस हफ्ते नॉर्वे गए, जहां उन्होंने जेलेंस्की से बातचीत की. इसके बाद वे रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में पुतिन से भी मुलाकात करने वाले हैं. वाशिंगटन के थिंक टैंक ‘हडसन इंस्टीट्यूट’ में एक ऑनलाइन संबोधन के दौरान जेलेंस्की ने ओलेशकी में युद्धविराम का कोई जिक्र नहीं किया. उन्होंने यह जरूर बताया कि अमेरिकी ‘पैट्रियट’ मिसाइल इंटरसेप्टर अभी भी रोके गए हैं और ‘स्टारशील्ड’ की स्पीड पर लगी पाबंदियां अभी भी लागू हैं. उन्होंने युद्ध खत्म करने के लिए चल रहे नए राजनयिक प्रयासों में अमेरिका की अहम भूमिका का भी जिक्र किया. इसमें ट्रम्प और पुतिन के साथ एक संभावित संयुक्त बैठक भी शामिल हो सकती है.
‘मुस्लिम-बहुसंख्यक बन जाएगा पेरिस’, फ्रांस के दंगों पर ट्रंप का बड़ा बयान, यूरोप की दी चेतावनी
भोजन और दवाईयों की भारी कमी
मालूम हो कि ओलेशकी में महीनों से भोजन और चिकित्सा सामग्री की भारी कमी है. यह शहर निप्रो नदी के किनारे बसा है, जो यूक्रेनी सेना को शहर पर कब्जा जमाए रूसी सैनिकों से अलग करती है. यहां न तो बिजली है, न ही हीटिंग की सुविधा और न ही नल का पानी है. शहर से बाहर जाने वाली सड़कों पर बारूदी सुरंगें बिछी हैं और जगह-जगह जली हुई कारें पड़ी भी हैं. आसमान में ड्रोन मंडराते रहते हैं. कभी लगभग 24,000 निवासियों वाला यह शहर यूक्रेन पर रूस के हमले के पहले ही दिन रूसी सेना के कब्जे में आ गया था. यहां की इमारतों पर गोलाबारी की गई, उन्हें जला दिया गया और बुनियादी ढांचे को बुरी तरह तबाह कर दिया गया. जून 2023 में काखोव्का बांध के एक विस्फोट में टूट जाने के कारण पूरा शहर बाढ़ के पानी में डूब गया. ‘एसोसिएटेड प्रेस’ की जांच के अनुसार, यह विस्फोट संभवत रूसी सेना द्वारा ही किया गया था. इस घटना में सैकड़ों निवासी मारे गए. यूक्रेन के दक्षिण-पूर्वी मोर्चे पर स्थित इस शहर में जो लोग अभी भी बचे हुए हैं, उनके सामने अब एक और कड़ाके की सर्दी के साथ-साथ भूख और बीमारियों से मौत का खतरा मंडरा रहा है. यूक्रेन ने लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कई बार स्थानीय स्तर पर युद्धविराम की अपील की है. कब्जा करने वाली ताकत के रूप में अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत रूस की यह जिम्मेदारी है कि वह अपने नियंत्रण वाले इलाकों में आम नागरिकों के लिए जीवित रहने के लिए जरूरी चीजें उपलब्ध कराए.
आज जयशंकर संग बैठक करेंगे मार्को रूबियो, ट्रेड डील, रूसी तेल पर टैरिफ छूट…इन मुद्दों पर रहेगी नजर
