Home Latest News & Updates मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर जानें वो 12 प्रभावशाली योजनाएं, जिन्होंने बदली गरीबों की जिंदगियां

मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर जानें वो 12 प्रभावशाली योजनाएं, जिन्होंने बदली गरीबों की जिंदगियां

by Neha Singh 10 June 2026, 6:51 PM IST (Updated 10 June 2026, 6:53 PM IST)
10 June 2026, 6:51 PM IST (Updated 10 June 2026, 6:53 PM IST)
PM Modi 12 Schemes

PM Modi 12 Schemes: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल को 12 साल हो गए हैं. 10 जून को उन्होंने देश के सबसे लंबे समय तक चुने गए प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाया. इसी के साथ पीएम मोदी ने जवाहरलाल नेहरू के चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार 4,398 दिनों तक सत्ता में रहने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है.  इन 12 सालों में सैकड़ों योजनाएं शुरू की गईं, लेकिन कुछ योजनाएं ऐसी भी रहीं जिन्होंने देश के विकास की गति को और तेज कर दिया. मोदी सरकार ने गरीबों की मूलभूत सुविधाओं का ध्यान में रखते में जनधन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं चलाईं, जिसके जरिए गरीबों को सीधे तौर पर फायदा पहुंचा. चलिए एक नजर डालते हैं, केंद्र सरकार की सबसे प्रभावशाली योजनाओं पर और जानते हैं कि कैसे इन योजनाओं ने नए भारत की तस्वीर को बदला.

प्रधानमंत्री जन-धन योजना

प्रधानमंत्री जन-धन योजना पीएम मोदी की पहली योजना है, जिसे 15 अगस्त 2014 को लॉन्च किया गया. इस योजना का उद्देश्य हर गरीब परिवार को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ना था. जन धन खाता खुलवाने के लिए खाता धारक को न्यूनतम राशि की आवश्यकता नहीं होती. यह खाता शून्य पर चालू रहता है. इस नेटवर्क के जरिए कोराना काल में सभी महिलाओं के खाते में सीधे लाभ हस्तांतरण (DBT) किया गया. इसके अलावा सरकारी योजनाओं का पैसा इसी खाते में बिना किसी बिचौलिए के सीधा पहुंचता है. इससे पहले सेविंग अकाउंट खुलवाने पर उसमें न्यूनतम राशि हमेशा रखनी पड़ती थी. लेकिन इस योजना के बाद जीरो बैलेंस के साथ अपना खाता चला सकते हैं. ताजा आकंड़ों के अनुसार, वर्तमान देश में 58.30 करोड़ लोगों के पास प्रधानमंत्री जनधन खाते हैं. इनमें 55.8 प्रतिशत खाते महिलाओं के हैं.

स्वच्छ भारत मिशन

प्रधानमंत्री मोदी ने 2 अक्तूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किया. इस योजना उद्देश्य देश में साफ-सफाई को बढ़ावा देना और खुले में शौच करने को रोकना था. इस योजना के पहले फेज में लोगों को खुले में शौच न करने के लिए जागरूक किया गया और ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर में शौचालय बनवाया गया. सरकार ने शौचालय बनवाने के लिए सब्सिडी भी दी. अब देश में इसका दूसरे फेज चल रहा है, जिसके तहत कचरा प्रबंधन पर ध्यान दिया जा रहा है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के अनुसार, इस मिशन से डायरिया, मलेरिया और कुपोषण जैसी बीमारियों में भारी कमी आई है और लाखों बच्चों की जान बचाई गई है.

सुकन्या समृद्धि योजना

सुकन्या समृद्धि योजना को 22 जनवरी, 2015 को “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के तहत शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य बेटियों का भविष्य सुरक्षित करना और उनकी पढ़ाई और शादी के लिए माता-पिता पर आर्थिक बोझ कम करना है. इस योजना के तहत, माता-पिता अपनी बेटी (जिसकी उम्र 10 साल से कम हो) के नाम पर किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवा सकते हैं. इसमें बहुत कम रकम से निवेश शुरू किया जा सकता है. इस योजना की एक बड़ी खासियत यह है कि इसमें मिलने वाली ब्याज दर दूसरी छोटी बचत योजनाओं की तुलना में ज्यादा होती है. साथ ही, जमा की गई रकम, उस पर मिला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम पूरी तरह से टैक्स-फ्री होती है. बेटी के 18 साल की होने पर उसकी पढ़ाई के लिए कुछ पैसे निकाले जा सकते हैं, जबकि 21 साल की उम्र होने पर पूरी रकम निकाली जा सकती है. यह योजना बेटियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करती है.

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और नए उद्यमियों को आर्थिक मदद देने के लिए शुरू की गई थी. इस योजना को 8 अप्रैल, 2025 को शुरू किया गया था. इसके तहत, बिना किसी गारंटी के बैंकों से लोन लिया जा सकता है. इस योजना को तीन कैटेगरी में बांटा गया है- ‘शिशु’ लोन (₹50,000 तक), ‘किशोर’ लोन (₹50,000 से ₹5 लाख तक) और ‘तरुण’ लोन (₹5 लाख से ₹10 लाख तक). इस योजना ने लाखों लोगों को अपना बिजनेस शुरू करने और उसे बढ़ाने का मौका दिया है. इस योजना की 67 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं है, इस तरह से यह महिला सशक्तिकरण में भी योगदान दे रहा है.

प्रधानमंत्री आवास योजना

प्रधानमंत्री आवास योजना को 25 जून, 2015 में शुरू किया गया, जिसका मकसद समाज के गरीब और कमजोर वर्गों के लोगों को उनका अपना घर देना है. यह स्कीम ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में लागू की गई है. इस पहल के तहत, योग्य परिवारों को नए घर बनाने या मौजूदा कच्चे (अस्थायी) घरों को पक्के घरों में बदलने के लिए आर्थिक मदद दी जाती है. सरकार लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे पैसे भेजती है. इस योजना की एक खास बात यह है कि घर का मालिकाना हक या तो महिला के नाम पर या पति और पत्नी दोनों के नाम पर संयुक्त रूप से दिया जाता है. योजना के तहत मिलने वाले घरों में पक्के घर के साथ-साथ बिजली, पानी की सप्लाई और शौचालय जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं.

डिजिटल इंडिया मिशन

डिजिटल इंडिया मिशन को 1 जुलाई 2015 को शुरू किया गया था. इसका लक्ष्य भारत को डिजिटल रूप से सशक्त देश बनाना है. इस मिशन के तहत इंटरनेट सेवाओं का विस्तार करने, सरकारी सेवाओं को डिजिटल बनाने और हर नागरिकों को डिजिटल तकनीक से जोड़ने पर ध्यान दिया गया. इस मिशन की वजह से, लोग अब घर बैठे कई तरह की सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं. इसका सबसे बड़ा उदाहरण है UPI ट्रांसजैक्शन. आज छोटी से छोटी दुकान में भी आपको क्यूआर कोड दिखता है. आज लोगों के पास एक क्लिक में डिजिटल पेमेंट करने की सुविधा है. DigiLocker और UMANG जैसे प्लेटफॉर्म लोगों को जरूरी दस्तावेजों और सरकारी सेवाओं तक ऑनलाइन पहुंच देते हैं.

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना गरीब परिवारों की महिलाओं को खाना पकाने के लिए साफ-सुथरा ईंधन उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई थी. पहले ग्रामीण इलाकों में महिलाएं खाना पकाने के लिए लकड़ी, कोयले और गोबर के उपलों का इस्तेमाल करती थीं, जिससे उन्हें सेहत से जुड़ी समस्याएं होती थीं. इस योजना के तहत लाभार्थियों को मुफ्त LPG गैस कनेक्शन दिए गए. इसके साथ एक रेगुलेटर और पहला गैस सिलेंडर भी दिया जाता है. सरकार गैस रिफिल पर सब्सिडी भी देती है, जिससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होता है.

आयुष्मान भारत योजना

आयुष्मान भारत दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी हेल्थ इंश्योरेंस योजनाओं में से एक है. इसका मकसद गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बेहतर हेल्थकेयर सुविधाएं देना है. इस योजना के तहत लाभार्थियों को हर साल ₹5 लाख तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज मिलता है. अस्तपाल में भर्ती होने के बाद मरीज की आर्थिक बोझ नहीं पड़ता. उसका सारा खर्च सरकार द्वारा अधिकृत अस्पताल उठाता है. पहले दिन से ही मरीज की सभी पुरानी और गंभीर बीमारियों (जैसे कैंसर, दिल की बीमारी, किडनी फेलियर, वगैरह) को योजना के अंदर कवर किया जाता है.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को 24 फरवरी, 2019 को शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य किसानों को आर्थिक मदद देना है। इस योजना के तहत, पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की सम्मान निधि दी जाती है. यह रकम 2,000 रुपये की तीन किस्तों में सीधे किसानों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाती है. किसान इस पैसे का इस्तेमाल बीज, खाद और खेती की दूसरी जरूरतों को पूरा करने के लिए कर सकते हैं. इस स्कीम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि पैसा सीधे किसानों तक पहुंचता है, जिससे किसी बिचौलिए की जरूरत खत्म हो जाती है. इससे किसानों को खेती के शुरुआती खर्चों को पूरा करने में मदद मिलती है.

जल जीवन मिशन

जल जीवन मिशन का मकसद ग्रामीण भारत के हर घर में साफ और सुरक्षित पीने का पानी पहुंचाना है. इससे उन महिलाओं और बच्चों को फायदा पहुंचा, जिन्हें पीने का पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी. यह मिशन पानी के सोर्स को बचाने, बारिश के पानी को जमा करने और पानी की साफ बनाए रखने पर फोकस करता है. गांव की पानी कमेटियों को भी पानी की सप्लाई और क्वालिटी पर नजर रखने के लिए मजबूत बनाया जा रहा है. इस योजना ने ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ पानी पहुंचाकर उनकी स्वास्थ को बेहतर बनाने का काम किया है.

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना 26 मार्च, 2020 को शुरू किया. इस योजना COVID-19 महामारी के दौरान गरीब परिवारों के लिए खाने की सुरक्षा दी. योजना के तहत गरीब परिवारों को मुफ्त अनाज दिया जाता है. आज भी लगभग 80 करोड़ लोगों को हर महीने हर व्यक्ति के लिए 5 किलोग्राम गेहूं या चावल मिलता है. इसके फायदे को देखते हुए, सरकार ने इसे लागू करना जारी रखा है. इससे गरीब परिवारों की खाने की चिंता कम हुई है और वे अपनी कमाई का इस्तेमाल दूसरी जरूरी चीजों के लिए कर सकते हैं.

स्टार्ट-अप इंडिया योजना

युवाओं के नए आइडिया को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने 16 जनवरी, 2016 को स्टार्टअप इंडिया योजना की शुरुआत की. इसका उद्देश्य देश में इनोवेशन को बढ़ावा देना, नए स्टार्टअप्स को सपोर्ट करना और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना है. इस योजना के तहत छोटी कंपनियों को रजिस्ट्रेशन करने पर आर्थिक मदद मिलती है. सरकार नए स्टार्टअप्स को फंड देती है और शुरआती 10 सालों में 3 साल तक इनकम टैक्स में भी छूट मिलती है. इस योजना का मकसद भारत को ‘नौकरी चाहने वाले देश से’ से ‘नौकरी देने वाला देश’ बनाना है.

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